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B.C Khanduri: जब भाजपा ने 2011 का चुनाव ही 'खंडूड़ी है जरूरी' के साथ लड़ा, आधुनिक सड़क संरचना के थे वास्तुकार

अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: Renu Saklani Updated Tue, 19 May 2026 12:04 PM IST
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सार

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी के निधन से आज पूरे प्रदेश में शोक की लहर है। उन्हें खंडूडूी को उनके ऐतिहासिक फैसलों के लिए जाना जाता है। 2011 में जब अन्ना हजारे का भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन चरम पर था, तब जनरल खंडूड़ी ने उत्तराखंड में देश का सबसे सख्त लोकायुक्त बिल पेश किया। इसमें मुख्यमंत्री को भी जांच के दायरे में रखा गया था।

BC Khanduri was architect of modern road infrastructure BJP slogan for 2011 election Khanduri hai Jaruri
मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी  - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार

उत्तराखंड की दो बार मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने वाले मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी को आधुनिक सड़क संरचना का वास्तुकार भी कहा जाता है। अटल सरकार में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री रहते हुए उन्होंने जहां स्वर्ण चतुर्भुज परियोजना को तय समय सीमा में परवान चढ़ाया तो वहीं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से हर गांव तक सड़क पहुंचाने का काम किया।



अटल बिहारी वाजपेयी सरकार (2000-2004) में जनरल खंडूरी ने सड़क परिवहन मंत्रालय का जिम्मा संभाला। उन्हें भारत की आधुनिक सड़क संरचना का वास्तुकार माना जाता है। स्वर्ण चतुर्भुज परियोजना के तहत उन्होंने दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता को जोड़ने वाली इस महात्वाकांक्षी योजना को उन्होंने समय सीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क
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योजना के तहत ग्रामीण इलाकों को मुख्य सड़कों से जोड़ने के लिए इस योजना के क्रियान्वयन में उनका सैन्य अनुशासन काम आया, जिससे पहाड़ों में कनेक्टिविटी में सुधार हुआ।
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उत्तराखंड का कार्यकाल भी था ऐतिहासिक
जनरल खंडूरी 8 मार्च 2007 से 27 जून 2009 तक उत्तराखंड के मुख्यमंत्री थे। 11 सितंबर 2011 को तत्कालीन मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के इस्तीफे के बाद वे दोबारा राज्य के मुख्यमंत्री बने। उनका मुख्यमंत्री काल भी गुड गवर्नेंस (सुशासन) के लिए जाना जाता है। 2011 में जब अन्ना हजारे का भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन चरम पर था, तब जनरल खंडूरी ने उत्तराखंड में देश का सबसे सख्त लोकायुक्त बिल पेश किया। इसमें मुख्यमंत्री को भी जांच के दायरे में रखा गया था। उन्होंने सरकारी सेवाओं को समय पर देने के लिए कानून बनाया ताकि आम जनता को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। उन्होंने तबादला नीति को पारदर्शी बनाया ताकि सिफारिशी तबादलों पर रोक लग सके। उन्होंने साफ कर दिया था कि काम नहीं तो वेतन नहीं।

BC Khanduri was architect of modern road infrastructure BJP slogan for 2011 election Khanduri hai Jaruri
मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी  - फोटो : सोशल मीडिया

...जब भाजपा ने चुनाव ही खंडूरी है जरूरी के साथ लड़ा
2011 में जब उत्तराखंड भाजपा की छवि कुछ विवादों के कारण खराब हो रही थी तब आलाकमान ने दोबारा जनरल खंडूरी को सत्ता सौंपी। उस समय खंडूरी है जरूरी का नारा पूरे राज्य में गूंजा था। उनके नेतृत्व में भाजपा ने 2012 के चुनाव में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया हालांकि वे स्वयं कोटद्वार सीट से मामूली अंतर से चुनाव हार गए थे, जो राज्य की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर साबित हुआ।

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