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Raipur: नाबालिग की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करना पड़ा भारी, युवक को 3 साल की सजा
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Wed, 24 Jun 2026 02:04 PM IST
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सार
नाबालिग पीड़िता की फोटो और मोबाइल नंबर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर अश्लील एवं लैंगिक उत्पीड़न से जुड़ी सामग्री प्रकाशित करने के मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
पुलिस के गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी रायपुर में नाबालिग पीड़िता की फोटो और मोबाइल नंबर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर अश्लील एवं लैंगिक उत्पीड़न से जुड़ी सामग्री प्रकाशित करने के मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने पीड़िता को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का भी आदेश दिया है।
मामला पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र का है। पुलिस में दर्ज शिकायत के आधार पर आरोपी रूपेश यादव (19 वर्ष), निवासी कुशालपुर, पुरानी बस्ती के खिलाफ अपराध क्रमांक 151/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 79, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 12 और 15 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था।
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्य जुटाए। विवेचना में यह प्रमाणित हुआ कि आरोपी ने पीड़िता की तस्वीर और मोबाइल नंबर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किए थे। साथ ही अश्लील और लैंगिक उत्पीड़न से संबंधित सामग्री का प्रसारण भी किया गया था। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मजबूत साक्ष्यों के साथ अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया, जिसके आधार पर सुनवाई के बाद विशेष पॉक्सो न्यायालय ने आरोपी को दोषसिद्ध पाया।
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माननीय विशेष न्यायालय (पॉक्सो), रायपुर ने आरोपी रूपेश यादव को तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाने के साथ ही महिला पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत पीड़िता को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने का आदेश भी दिया है। इस फैसले को साइबर अपराध और नाबालिगों के खिलाफ होने वाले लैंगिक उत्पीड़न के मामलों में एक महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ कानून सख्ती से कार्रवाई करेगा।
मामला पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र का है। पुलिस में दर्ज शिकायत के आधार पर आरोपी रूपेश यादव (19 वर्ष), निवासी कुशालपुर, पुरानी बस्ती के खिलाफ अपराध क्रमांक 151/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 79, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 12 और 15 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था।
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जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्य जुटाए। विवेचना में यह प्रमाणित हुआ कि आरोपी ने पीड़िता की तस्वीर और मोबाइल नंबर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किए थे। साथ ही अश्लील और लैंगिक उत्पीड़न से संबंधित सामग्री का प्रसारण भी किया गया था। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मजबूत साक्ष्यों के साथ अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया, जिसके आधार पर सुनवाई के बाद विशेष पॉक्सो न्यायालय ने आरोपी को दोषसिद्ध पाया।
माननीय विशेष न्यायालय (पॉक्सो), रायपुर ने आरोपी रूपेश यादव को तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाने के साथ ही महिला पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत पीड़िता को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने का आदेश भी दिया है। इस फैसले को साइबर अपराध और नाबालिगों के खिलाफ होने वाले लैंगिक उत्पीड़न के मामलों में एक महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ कानून सख्ती से कार्रवाई करेगा।