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CG News: एमबीबीएस योजना से बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, 29 लाख से ज्यादा लोगों को मिलेगा 758 करोड़ का लाभ
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Sun, 15 Mar 2026 12:49 PM IST
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सार
छत्तीसगढ़ में कोरोना काल में आर्थिक रूप से कमजोर हुए बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना (एमबीबीएस) लागू की है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ में कोरोना काल में आर्थिक रूप से कमजोर हुए बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना (एमबीबीएस) लागू की है। इस योजना के जरिए बकाया बिजली बिलों के भुगतान में उपभोक्ताओं को बड़ी छूट दी जाएगी। योजना के तहत प्रदेश के 29 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को करीब 758 करोड़ रुपए तक की सीधी राहत मिलने का अनुमान है।
यह योजना खास तौर पर निम्नदाब घरेलू, बीपीएल और कृषि उपभोक्ताओं के लिए शुरू की गई है। इसके अंतर्गत 31 मार्च 2023 तक के बकाया बिजली बिल को आधार मानकर उपभोक्ताओं को मूल राशि और अधिभार (सरचार्ज) में छूट दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य उन उपभोक्ताओं को राहत देना है, जो कोरोना महामारी के दौरान आर्थिक तंगी के कारण अपने बिजली बिल जमा नहीं कर पाए थे।
दरअसल कोरोना संक्रमण के समय लंबे समय तक मीटर रीडिंग नहीं हो पाई थी। इसके चलते कई उपभोक्ताओं को एक साथ कई महीनों के बिजली बिल मिले, जिन्हें जमा करना उनके लिए मुश्किल हो गया था। ऐसे उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए यह योजना शुरू की गई है।
योजना के तहत उपभोक्ता अपने पुराने बकाया बिजली बिलों का आसान तरीके से निराकरण कर सकेंगे। इसके लिए प्रदेशभर के सभी बिजली वितरण केंद्रों और कार्यालयों में पंजीयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उपभोक्ता “मोर बिजली” मोबाइल ऐप के माध्यम से भी इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। राज्य सरकार ने यह भी तय किया है कि योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे, इसके लिए गांव-गांव में शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों के जरिए पात्र उपभोक्ताओं का पंजीयन कराया जाएगा और उन्हें योजना की जानकारी भी दी जाएगी। यह योजना 30 जून 2026 तक प्रभावशील रहेगी। योजना के तहत बकाया राशि का भुगतान करने वाले पात्र उपभोक्ताओं को आगे चलकर एम-ऊर्जा योजना का लाभ भी मिल सकेगा।
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यह योजना खास तौर पर निम्नदाब घरेलू, बीपीएल और कृषि उपभोक्ताओं के लिए शुरू की गई है। इसके अंतर्गत 31 मार्च 2023 तक के बकाया बिजली बिल को आधार मानकर उपभोक्ताओं को मूल राशि और अधिभार (सरचार्ज) में छूट दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य उन उपभोक्ताओं को राहत देना है, जो कोरोना महामारी के दौरान आर्थिक तंगी के कारण अपने बिजली बिल जमा नहीं कर पाए थे।
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दरअसल कोरोना संक्रमण के समय लंबे समय तक मीटर रीडिंग नहीं हो पाई थी। इसके चलते कई उपभोक्ताओं को एक साथ कई महीनों के बिजली बिल मिले, जिन्हें जमा करना उनके लिए मुश्किल हो गया था। ऐसे उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए यह योजना शुरू की गई है।
योजना के तहत उपभोक्ता अपने पुराने बकाया बिजली बिलों का आसान तरीके से निराकरण कर सकेंगे। इसके लिए प्रदेशभर के सभी बिजली वितरण केंद्रों और कार्यालयों में पंजीयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उपभोक्ता “मोर बिजली” मोबाइल ऐप के माध्यम से भी इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। राज्य सरकार ने यह भी तय किया है कि योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे, इसके लिए गांव-गांव में शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों के जरिए पात्र उपभोक्ताओं का पंजीयन कराया जाएगा और उन्हें योजना की जानकारी भी दी जाएगी। यह योजना 30 जून 2026 तक प्रभावशील रहेगी। योजना के तहत बकाया राशि का भुगतान करने वाले पात्र उपभोक्ताओं को आगे चलकर एम-ऊर्जा योजना का लाभ भी मिल सकेगा।