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रायगढ़ मेें गजराज से दहशत: हाथी के हमले से ग्रामीण की मौत, जंगल में कुचलकर मार डाला
अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़
Published by: रायगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 16 May 2026 12:48 PM IST
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सार
रायगढ़ में में हाथी के हमले से एक ग्रामीण की मौत हो गई है। यह घटना धरमजयगढ़ वन मंडल क्षेत्र के अलोला बीट में हुई। देर शाम तक घर न लौटने पर उसकी तलाश की गई, जिसके बाद जंगल में उसका शव मिला।
हाथी के हमले से ग्रामीण की मौत
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक बार फिर हाथी के हमले ने दहशत फैला दी है। धरमजयगढ़ वन मंडल के अलोला बीट में जंगल से जलाऊ लकड़ी लेने गए एक 55 वर्षीय ग्रामीण मालिकराम बंजारा की हाथी ने कुचलकर निर्मम हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है और आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार, इंदकालो गांव निवासी मालिकराम बंजारा कल छेनापतरा जंगल की ओर जलाऊ लकड़ी लाने गए थे। जब वह देर शाम तक घर नहीं लौटे, तो परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की। इसी दौरान जंगल में उनका शव मिला, जिससे स्पष्ट हुआ कि उनकी मौत हाथी के हमले में हुई है।
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ग्रामीण की मौत की खबर मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। उन्होंने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया और आगे की जांच शुरू की। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कापू रेंज के अलोला बीट में पिछले कुछ दिनों से एक हाथी विचरण कर रहा था, जो संभवतः सरगुजा की ओर से आया था। इस हाथी की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग द्वारा लगातार मुनादी कराकर ग्रामीणों को जंगल में अकेले न जाने की चेतावनी दी जा रही थी। इसके बावजूद, यह दुखद घटना घटित हो गई।
यह घटना एक बार फिर वन्यजीवों और मानव के बीच बढ़ते संघर्ष को उजागर करती है। जंगल के किनारे बसे गांवों के लोगों के लिए यह एक गंभीर समस्या है, जहां वे अपनी आजीविका के लिए जंगल पर निर्भर रहते हैं, लेकिन हाथियों और अन्य वन्यजीवों के हमलों का खतरा भी बना रहता है। वन विभाग द्वारा जारी की गई चेतावनियों के बावजूद, ऐसे हादसे बताते हैं कि जमीनी स्तर पर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती है।
वन विभाग मामले की जांच कर रहा है और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। ऐसे हादसों को रोकने के लिए वन विभाग को न केवल जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है, बल्कि वन्यजीवों के मानव बस्तियों में प्रवेश को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की भी जरूरत है।