छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में महिला अधिवक्ता आराधना सिदार की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी लोकनाथ पटेल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह घटना पूंजीपथरा थाना क्षेत्र के तुमीडीह जंगल में हुई थी, जहां बीते मंगलवार की शाम एक युवती का शव मिला था। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने प्रेम प्रसंग के चलते सुनियोजित तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने क्राइम सीन रीक्रिएट किया।
दो दिन बाद हुई शव की पहचान
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि दो दिन बाद शव की शिनाख्त आराधना सिदार के रूप में हुई। आरोपी लोकनाथ पटेल सक्ती जिले का निवासी है। सोशल मीडिया के माध्यम से लोकनाथ और आराधना की दोस्ती हुई थी, जो बाद में प्यार में बदल गई। लोकनाथ पहले से शादीशुदा था और आराधना उस पर शादी के लिए लगातार दबाव बना रही थी। समझाने के बाद भी आराधना के न मानने पर लोकनाथ ने उसकी हत्या की योजना बनाई।
'जंगल में प्रेम का इजहार करने का किया नाटक'
आरोपी आराधना को मोटरसाइकिल पर सक्ती ले गया, जहां वे एक लॉज में रुके थे। इसी दौरान आरोपी ने सब्जी काटने वाला चाकू खरीदा। अगले दिन दोनों पूंजीपथरा क्षेत्र के जंगल में पहुंचे, जहां लोकनाथ ने प्रेम का इजहार करने का नाटक किया। उसने आराधना का गला दबाकर, पत्थर से कुचलकर और चाकू से वार कर हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया।
हत्या के बाद लोकनाथ राबो डेम पहुंचा और अपने हाथों पर लगे खून को धोया। वह खरसिया होते हुए अपने घर चारपारा पहुंचा। उसने आराधना के बैग की तलाशी ली, जिसमें एटीएम, आधार कार्ड और 2800 रुपये नकद मिले। आरोपी ने यह रकम खर्च कर दी और बैग को तालाब में फेंक दिया, जबकि आधार कार्ड और एटीएम को जला दिया।
आरोपी को आराधना के मोबाइल और फोन पे का पासवर्ड पता था। हत्या के बाद, किसी को शक न हो, इसके लिए उसने लड़की की आवाज में आराधना की बहन और सहेलियों से मोबाइल पर बात की। उसने आराधना की एक सहेली से पैसे भी मंगवाए। बाद में, आरोपी ने मोबाइल को पत्थर से तोड़कर सपनई नाला में फेंक दिया।