Raigarh: फर्जी अंकसूची से डाकपाल की नौकरी हथियाने की कोशिश, दो आरोपी गिरफ्तार, दूसरे की तलाश में पुलिस
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस ने फर्जी अंकसूची के माध्यम से डाकपाल की नौकरी प्राप्त करने का प्रयास करते महिला और पुरूष को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को रिमांड पर जेल भेज दिया है
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छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस ने फर्जी अंकसूची के माध्यम से डाकपाल की नौकरी प्राप्त करने का प्रयास करते महिला और पुरूष को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को रिमांड पर जेल भेज दिया है वहीं इस मामले का साजिशकर्ता अभी भी फरार है। मिली जानकारी के अनुसार भारतीय डाक विभाग द्वारा ग्रामीण ने जुलाई 2023 में डाकसेवकों की ऑनलाइन भर्ती प्रक्रिया जारी की गई थी। इस भर्ती में जिला सक्ती के अभ्यर्थी नरेन्द्र कुमार पिता कांशी राम, निवासी बाजार पारा बड़े रबेली मालखरौदा, जिला सक्ती तथा सोनम साहू पति हरिश साहू, निवासी लंहगाडहर सरवानी बाराद्वार, जिला जांजगीर-चांपा ने कक्षा 10वीं की अंकसूची अपलोड कर आवेदन किया था। प्रस्तुत अंकसूची के आधार पर दोनों का चयन क्रमशः रायगढ़ डाक संभाग अंतर्गत बर्रा एवं सुलेसा शाखा में डाकपाल पद हेतु हुआ।
इस तरह मामला आया सामने
दस्तावेज सत्यापन के दौरान प्रस्तुत अंकसूचियों को संबंधित बोर्ड तमिलनाडु से सत्यापित कराया गया, जहां से प्राप्त रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि उक्त अंकसूचियां बोर्ड द्वारा जारी नहीं की गई हैं। चूंकि ग्रामीण डाकसेवकों की नियुक्ति कक्षा 10वीं के अंकों के आधार पर होती है, इस कारण फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करने की पुष्टि हुई। जिसके बाद अधीक्षक डाकघर रायगढ़ के आवेदन पर सिटी कोतवाली पुलिस ने धारा 420, 467, 468, 471, 34 भादवि के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।
विनोद राठौर ने दी नकली मार्कशीट
कोतवाली पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इस दौरान उन्होंने बताया कि नौकरी की तलाश के दौरान उनकी पहचान कोरबा निवासी विनोद कुमार राठौर से हुई, जिसने नौकरी लगवाने के नाम पर तीन से साढ़े तीन लाख रुपये की मांग की। नरेन्द्र कुमार ने उसे 3 लाख 50 हजार रूपये दिए, जबकि सोनम साहू ने नियुक्ति पश्चात राशि देने की बात कही थी। विनोद राठौर ने उन्हें नकली मार्कशीट उपलब्ध कराई गई, जिसे जानते हुए भी दोनों ने ऑनलाइन आवेदन किया।
एक आरोपी की तलाश जारी
पुलिस ने आरोपियों से फर्जी अंकसूचियां तथा वास्तविक शैक्षणिक दस्तावेज जब्त किए हैं। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। मामले का मुख्य साजिशकर्ता विनोद कुमार राठौर निवासी कोरबा फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही है।