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Sahara Scam: ऑपरेशन क्लीन हंट से तीन साल से फरार ब्रांच मैनेजर गिरफ्तार, 40 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप
Tue, 21 Jul 2026 05:30 PM IST
रायगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़
Published by: रायगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jul 2026 05:30 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सिटी कोतवाली पुलिस ने सहारा इंडिया निवेश घोटाले के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने तीन साल से फरार चल रहे शाखा प्रबंधक विजय कुमार शराफ को उसके ससुराल से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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फरार ब्रांच मैनेजर गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सिटी कोतवाली पुलिस ने बहुचर्चित सहारा इंडिया निवेश घोटाले मामले में 3 साल से फरार चल रहे ब्रांच मैनेजर को उसके ससुराल से गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। आरोपियों ने 3,848 निवेशकों से 40.78 करोड़ की धोखाधड़ी की घटना को अंजाम दिया था।
रायगढ़ पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता विकास निगानिया ने 29 सितंबर 2022 को सिटी कोतवाली थाने में रिपार्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि सहारा इंडिया के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कंपनी की विश्वसनीयता और आरबीआई से अधिकृत होने का झूठा विश्वास दिलाकर उनकी मां और पत्नी से वर्ष 2017 के दौरान 40 लाख रुपये विभिन्न योजनाओं में निवेश कराया। बाद में परिपक्वता अवधि पूरी होने के बावजूद राशि वापस नहीं की गई। जांच में यह भी सामने आया कि निवेशकों से रकम सहारा इंडिया के नाम पर लेकर विभिन्न सहकारी समितियों के नाम से बॉण्ड जारी किए गए और निवेशकों के साथ सुनियोजित धोखाधड़ी की गई।
विवेचना के दौरान जिला प्रशासन, विभिन्न बैंकों, मंत्रालयों तथा निवेशकों से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर सहारा इंडिया समूह के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों, शाखा प्रबंधकों, सेक्टर मैनेजरों एवं रीजनल अधिकारियों की संलिप्तता पाई गई। जिस पर सिटी कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी में संलिप्त आरोपी सहारा इंडिया कंपनी रायगढ़ के पूर्व शाखा प्रबंधक ओम प्रकाश शर्मा, पूर्व शाखा प्रबंधक खरसिया पुष्पेन्द्र कुमार साहू, कंपनी डायरेक्टर करूणेश अवस्थी, सेक्टर मैनेजर अमृत लाल श्रीवास और 6 जुलाई 2024 को सहारा इंडिया कंपनी बिलासपुर के रीजनल मैनेजर रजनीष तिवारी को गिरफ्तार कर विशेष न्यायाधीश रायगढ़ के न्यायालय में चालान पेश किया गया है।
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आरोपी से पुलिस ने उसके आई कार्ड, नियुक्ति एवं कार्य आदेश संबंधी दस्तावेज, बैंक खाते, जमीन संबंधी दस्तावेज, धोखाधड़ी रकम से क्रय की हुई कार एवं मोटर सायकल को जब्त किया गया है। पुलिस जांच में रायगढ़ जिले सहित अन्य जिलों से प्राप्त शिकायतों के आधार पर अब तक 3,848 निवेशकों के लगभग 40 करोड़ 78 लाख 16 हजार 739 रूपये की धोखाधड़ी का खुलासा हो चुका है। मामले में फरार आरोपियों की लगातार तलाश जारी है।
पुलिस ने बताया कि प्रकरण में सहारा इंडिया कंपनी रायगढ़ कबीर चौंक रायगढ़ के ब्रांच मैनेजर विजय कुमार शराफ (54 वर्ष), फरार होकर लुक छिप रहा था। जिसे सिटी कोतवाली पुलिस ने ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत आरोपी को उसके ससुराल से हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने संबंधित महत्वपूर्ण तथ्यों को स्वीकार किया। आरोपी के कब्जे से सहारा इंडिया कंपनी के फ्रेंचाइजी कार्यालय कबीर चौक के विकास एवं प्रशासन संबंधी आदेश पत्र तथा कंपनी से संबंधित एमओयू की प्रतियां जब्त की गईं। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर कल न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
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रायगढ़ पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता विकास निगानिया ने 29 सितंबर 2022 को सिटी कोतवाली थाने में रिपार्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि सहारा इंडिया के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कंपनी की विश्वसनीयता और आरबीआई से अधिकृत होने का झूठा विश्वास दिलाकर उनकी मां और पत्नी से वर्ष 2017 के दौरान 40 लाख रुपये विभिन्न योजनाओं में निवेश कराया। बाद में परिपक्वता अवधि पूरी होने के बावजूद राशि वापस नहीं की गई। जांच में यह भी सामने आया कि निवेशकों से रकम सहारा इंडिया के नाम पर लेकर विभिन्न सहकारी समितियों के नाम से बॉण्ड जारी किए गए और निवेशकों के साथ सुनियोजित धोखाधड़ी की गई।
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विवेचना के दौरान जिला प्रशासन, विभिन्न बैंकों, मंत्रालयों तथा निवेशकों से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर सहारा इंडिया समूह के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों, शाखा प्रबंधकों, सेक्टर मैनेजरों एवं रीजनल अधिकारियों की संलिप्तता पाई गई। जिस पर सिटी कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी में संलिप्त आरोपी सहारा इंडिया कंपनी रायगढ़ के पूर्व शाखा प्रबंधक ओम प्रकाश शर्मा, पूर्व शाखा प्रबंधक खरसिया पुष्पेन्द्र कुमार साहू, कंपनी डायरेक्टर करूणेश अवस्थी, सेक्टर मैनेजर अमृत लाल श्रीवास और 6 जुलाई 2024 को सहारा इंडिया कंपनी बिलासपुर के रीजनल मैनेजर रजनीष तिवारी को गिरफ्तार कर विशेष न्यायाधीश रायगढ़ के न्यायालय में चालान पेश किया गया है।
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आरोपी से पुलिस ने उसके आई कार्ड, नियुक्ति एवं कार्य आदेश संबंधी दस्तावेज, बैंक खाते, जमीन संबंधी दस्तावेज, धोखाधड़ी रकम से क्रय की हुई कार एवं मोटर सायकल को जब्त किया गया है। पुलिस जांच में रायगढ़ जिले सहित अन्य जिलों से प्राप्त शिकायतों के आधार पर अब तक 3,848 निवेशकों के लगभग 40 करोड़ 78 लाख 16 हजार 739 रूपये की धोखाधड़ी का खुलासा हो चुका है। मामले में फरार आरोपियों की लगातार तलाश जारी है।
पुलिस ने बताया कि प्रकरण में सहारा इंडिया कंपनी रायगढ़ कबीर चौंक रायगढ़ के ब्रांच मैनेजर विजय कुमार शराफ (54 वर्ष), फरार होकर लुक छिप रहा था। जिसे सिटी कोतवाली पुलिस ने ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत आरोपी को उसके ससुराल से हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने संबंधित महत्वपूर्ण तथ्यों को स्वीकार किया। आरोपी के कब्जे से सहारा इंडिया कंपनी के फ्रेंचाइजी कार्यालय कबीर चौक के विकास एवं प्रशासन संबंधी आदेश पत्र तथा कंपनी से संबंधित एमओयू की प्रतियां जब्त की गईं। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर कल न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।