रायगढ़: पुलिस ने बाइक चोरी और फर्जी दस्तावेज गिरोह का किया भंडाफोड़, सात आरोपी गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस ने एक बड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो अलग-अलग इलाकों से बाइक चोरी कर फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से उन्हें बेचता था।
विस्तार
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस ने एक बड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो अलग-अलग इलाकों से बाइक चोरी कर फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से उन्हें बेचता था। इस गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से 25 चोरी की बाइक, एक एप्पल लैपटॉप और एक कलर प्रिंटर सहित कुल 16 लाख रुपये की संपत्ति बरामद हुई है। यह कार्रवाई नव पदस्थ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर की गई है।
गिरोह का खुलासा और कार्यप्रणाली
पूंजीपथरा थाना और साइबर थाना की संयुक्त टीम ने दो चोरी की बाइक के साथ मुकेश प्रधान को पकड़ा। पूछताछ में पता चला कि उसने बाइक ऑटो डीलर में काम करने वाले पुरूषोत्तम प्रधान से खरीदी थी। आगे की जांच में गिरोह की पूरी कड़ियां सामने आईं। पुरूषोत्तम प्रधान, श्याम ऑटो डीलर लैलूंगा के मैनेजर चंद्र कुमार यादव के साथ मिलकर बाइक चोर मुकेश चौहान से चोरी की गई बाइक खरीदता था। इसके बाद, पूर्व आरटीओ कंप्यूटर ऑपरेटर रहे अजय पटेल और संजय अगरिया के माध्यम से लोक सेवा केंद्र से वाहनों के फर्जी कागजात और रजिस्ट्रेशन तैयार करवाए जाते थे, जिससे चोरी की बाइकों को बाजार में बेचा जा सके।
विभिन्न इलाकों से की जाती थी चोरी
मुख्य आरोपी मुकेश चौहान ने बताया कि उसने अपने साथी विकेश दास महंत (जो वर्तमान में जेल में है) के साथ मिलकर पूंजीपथरा, तमनार, घरघोड़ा और रायगढ़ के बाजारों से लगभग 25 बाइक चोरी की हैं, जिनमें अधिकांश एचएफ डीलक्स मॉडल की थीं। विकेश दास महंत पहले भी बाइक चोरी के आरोप में गिरफ्तार हो चुका है।
फर्जी दस्तावेजों से बाइक खपाने का तरीका
चोरी की बाइक बेचते समय पकड़े जाने के डर से, मुकेश चौहान ने ऑटो डीलर मैनेजर चंद्र कुमार यादव से संपर्क किया। चंद्र कुमार ने फर्जी दस्तावेज तैयार करने के लिए अजय पटेल और संजय अगरिया को जोड़ा। इसके बाद, उन्होंने कोतबा के ऑटो डीलरों से संपर्क किया और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उन्हें अंधेरे में रखकर 8 बाइक बेच दीं, जिन्हें पुलिस ने बरामद कर लिया है। अजय पटेल चोरी की बाइक के चेचिस नंबर से असली मालिक की जानकारी निकालकर, कंप्यूटर में हेरफेर कर हूबहू फर्जी आरसी (पंजीकरण प्रमाण पत्र) प्रिंट करता था। फर्जी हस्ताक्षर के बाद, डीलरों और आम लोगों को यह भरोसा दिलाया जाता था कि बाइक चोरी की नहीं है। पुलिस ने अजय पटेल के पास से लैपटॉप, प्रिंटर और पीवीसी कार्ड जब्त किए हैं।
गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार किए गए सात आरोपियों में मुकेश चौहान (बाइक चोर), चंद्र कुमार यादव (ऑटो डीलर मैनेजर), पुरूषोत्तम प्रधान (ऑटो डीलर कैश मैनेजर), मुकेश प्रधान, इरशाद खान (ऑटो डीलर कर्मी), अजय पटेल (लोक सेवा केंद्र संचालक) और संजय अगरिया (लोक सेवा केंद्र कंप्यूटर ऑपरेटर) शामिल हैं।
