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Raigarh : डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर 36.97 लाख की ठगी, विद्युत विभाग के रिटायर्ड परिवेक्षक को बनाया शिकार
अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़
Published by: रायगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 19 Feb 2026 03:25 PM IST
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सार
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में साइबर ठगों ने विद्युत विभाग के एक रिटायर्ड परिवेक्षक को डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर 36.97 लाख की ठगी की घटना को अंजाम दिया है।
डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर 36,97 लाख की ठगी
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में साइबर ठगों ने विद्युत विभाग के एक रिटायर्ड परिवेक्षक को डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर 36.97 लाख की ठगी की घटना को अंजाम दिया है। पीड़ित की शिकायत के बाद साइबर थाना की टीम ने 2 लाख को होल्ड करा दिया है।
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मिली जानकारी के अनुसार पीड़ित ने साइबर थाना में रिपोर्ट लिखाते हुए बताया कि जनवरी 2022 में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत परेषण कंपनी से परिवेक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुआ है। 14 जनवरी को उसके मोबाइल पर एक अज्ञात महिला का कॉल आया, जिसने स्वयं को टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया से संबंधित बताते हुए कहा कि उसके पहचान पत्र का उपयोग कर जियो कंपनी का मोबाइल नंबर लेकर गलत गतिविधियां की जा रही हैं। कॉल को तथाकथित टेलीकॉम अधिकारी एवं दिल्ली के बारह खंभा रोड पुलिस स्टेशन के फर्जी अधिकारी से कनेक्ट कराया गया, जिन्होंने पीड़ित को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने और गिरफ्तारी की धमकी दी। इसके बाद एक अन्य व्यक्ति ने वीडियो कॉल कर स्वयं को आईपीएस अधिकारी नीरज ठाकुर बताया और पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाते हुए कहा कि उसके खिलाफ गंभीर अपराध दर्ज है और उसे जांच में सहयोग करना होगा।
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अलग-अलग खातों में जमा कराये रकम
पीडित ने बताया कि ठगों ने उसके बैंक खाते, संपत्ति और अन्य वित्तीय जानकारी ली तथा यह कहकर अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवाई कि जांच पूरी होने के बाद राशि वापस कर दी जाएगी। ठगों की धमकी और दबाव में आकर पीड़ित ने 30 जनवरी से 11 फरवरी के बीच कुल 36 लाख 97 हजार 117 रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए। बाद में परिजनों को जानकारी होने पर उन्हें ठगी का अहसास हुआ, जिसके बाद साइबर थाना में शिकायतकर्ता आने पर तत्काल रिपोर्ट करने पर लगभग 2 लाख रुपये होल्ड कराया गया।