फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Raipur: Maa Matangi Divya Dham Mystery, Prema Sai Maharaj

Exclusive: छत्तीसगढ़ का 'चमत्कारिक दिव्य दरबार'! क्या है इस धाम का असली रहस्य? प्रेमा साई महाराज ने खोला राज

Tue, 11 Aug 2026 08:41 AM IST
Lalit Kumar Singh Lalit Kumar Singh
Updated Tue, 11 Aug 2026 08:41 AM IST
सार

Maa Matangi Divya Dham, Prema Sai Maharaj:छत्तीसगढ़ में धमतरी जिले के कुरुद तहसील के जी-जामगांव स्थित मां मातंगी  दिव्य धाम में देश के कई राज्यों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। यहां विदेशों से भी भक्त आते हैं। यहां पर आने वाले श्रद्धालु और भक्त मन्नत पूरी होने पर दीवार घड़ी, ताले, जंजीर, घंटी और मेडिकल रिपोर्ट चढ़ाते हैं।

विज्ञापन
Raipur: Maa Matangi Divya Dham Mystery, Prema Sai Maharaj
ग्रॉफिक्स: अमर उजाला डिजिटल - फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

Maa Matangi Divya Dham, Prema Sai Maharaj:छत्तीसगढ़ में धमतरी जिले के कुरुद तहसील के जी-जामगांव स्थित मां मातंगी  दिव्य धाम में देश के कई राज्यों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। यहां विदेशों से भी भक्त आते हैं। यहां पर आने वाले श्रद्धालु और भक्त मन्नत पूरी होने पर दीवार घड़ी, ताले, जंजीर, घंटी और मेडिकल रिपोर्ट चढ़ाते हैं। लोगों का मानना है और उनकी आस्था- श्रद्धा है कि यहां पर चमत्कार होता है। अस्थमा समेत कई असाध्य बीमारियां ठीक हो जाती हैं। इसी तरह के तमाम मुद्दों को लेकर अमर उजाला ने मां मातंगी दिव्य धाम के पीठाधीश्वर प्रेमा साई महाराज से खास बातचीत की। 

विज्ञापन




विज्ञापन



सवाल: इस मातंगी धाम में ताला, घंटी, जंजीर, नारियल और मेडिकल रिपोर्ट चढ़ाते हैं, इसे क्यों बांधा जाता है?
जवाब: बाहर जो नारियल बंधे हुए हैं, वह अर्जी के नारियल हैं। यहां पर जो श्रद्धालु आते हैं। वह अपनी मनोकामना के लिए मन्नत मांगते हैं। उनका दुख-दर्द दूर हो जाए, उनका पर्चा जल्दी से लग जाए, इसलिए लोग अर्जी बांधते हैं। जिसका समय खराब चल रहा हो, जीवन में संघर्ष हो, असफल हो रहे हो, नौकरी नहीं मिल रही है, पढ़ाई में मन नहीं लग रहा है, व्यापार में असफल हो रहे हैं, घर में कलह और क्लेश है, पारिवारिक संबंध बिगड़ रहे हैं। ऐसी स्थितियों से उबरने के लिए लोग मंत्र लेकर घड़ी बांधते हैं। घड़ी बांधने के चार-पांच घंटे बाद ही या तो समय आगे हो जाएगा या पीछे हो जाएगा या घड़ी रुक जाएगी। यदि समय पीछे हो गया तो इसका अर्थ है कि आपका समय बदलेगा। यदि घड़ी आगे है, तो बहुत जल्द आपका समय बदलेगा।  यदि घड़ी रुक गई है तो समझिए आपका पूरा समय थम गया है। अच्छा समय शुरू होगा। इसी तरह घंटी, नारियल और मेडिकल रिपोर्ट की भी मान्यता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन



सवाल: मां मातंगी कौन हैं?
जवाब: मां पार्वती ने दस महाविद्या की रूप धारण की थीं। प्रथम महाविद्या काली माता हैं, जिसे सब जानते हैं। इसी तरह भुवनेश्वरी, त्रिपुर सुंदरी, तारा देवी, छिंदमस्ता, बगुलामुखी, भैरवी आदि देवियां हैं। नवम महाविद्या मां मातंगी देवी हैं। उनके स्वरूप को पूरा करने के लिए शिव जी ने मातंग का रूप धारण किया था। उनकी अधूरी शक्ति को पूरा किया था, उनसे दीक्षा प्राप्त की थी। क्योंकि मां तांत्रिक सरस्वती भी हैं। हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ये कुलदेवी भी हैं। गुजरात में मोढेश्वरी देवी का मंदिर है। वहां पर अक्सर प्रधानमंत्री मोदी जाते रहते हैं। यह उनकी कुलदेवी हैं।







Read more: Exclusive: यहां श्रद्धालु चढ़ाते हैं घड़ी, घंटी, जंजीर, ताले और मेडिकल रिपोर्ट, पीएम मोदी भी हैं उनके भक्त

 

सवाल: ऐसी चर्चा है कि यहां आने पर बीमारियां ठीक हो जाती हैं, इसके पीछे का क्या रहस्य है?
जवाब: यहां ऐसे लोग ठीक हो जाते हैं, जिनको डॉक्टर कह देता है कि अब वो बच नहीं पायेगा। एक दो महीने में निधन हो जायेगा। ऐसे में मरीज यहां आते हैं। जिन्हें तमाम तरह की बीमारियां हैं। बचने की उम्मीद कम है। असाध्य रोग है। ऐसे लोगों को यहां पर मुक्ति मिलती है। यह सब मां मातंगी की कृपा है। हम तो एक माध्यम हैं। हम लोगों की अर्जी को माता के सामने रखते हैं, जिसे वो स्वीकार कर लोगों के दुख, दर्द को दूर करती हैं।


सवाल: हर देवी का अपना व्रत है पर मां मातंगी का व्रत क्यों नहीं रखा जाता है?
जवाब: जिस तरह से भगवान हनुमान जी के बारे में कहा जाता है। चारों जुग प्रताप तुम्हारा। हनुमान जी का प्रभाव है, लेकिन कलयुग में बजरंग बली से भी अगर जल्दी कोई सुनने वाली देवी हैं, तो वह मातंगी हैं। वह प्रकृति की भी देवी हैं। हम सब उनसे मन से जुड़े हुए हैं। वो इतनी दयालु हैं, ममतामयी है कि उनके पूजा-अनुष्ठान में व्रत का स्थान नहीं है। वह अपने भक्तों को भूखा नहीं देख सकती, इसलिए उनके पूजा और अनुष्ठान में व्रत का कोई स्थान नहीं है।


सवाल: छत्तीसगढ़ आदिवासी बहुल राज्य है। धर्मांतरण नहीं थम रहा है। कैसे रुकेगा धर्मांतरण?
सवाल: अंग्रेज बलपूर्वक हमारे ऊपर शासन किये थे। अब वो प्रेमपूर्वक शासन करना चाहते हैं। हम बात करते हैं कि भारत हिंदू राष्ट्र बने, लेकिन वो चाहते हैं कि वापस अंग्रेजों का राज आ जाए। लोग ज्यादा से ज्यादा धर्मांतरित होंगे, तो उनकी संख्या बढ़ेगी। लालच देकर यहूदियों का देश बनाना चाहते हैं। इसके पीछे बहुत बड़ी फंडिंग होती है। किसी को राशन, शिक्षा, पैसे, तंत्र बाधा, प्रेत बाधा, स्वास्थ्य और बीमारी ठीक करने की लालच दी जाती है। इसके लिए साम, दाम,दंड, भेद आदि अपना रहे हैं।  दावा करते हुए कहा कि ड्रग्स भी दिया जा रहा है। जब ऐसे लोगों को ड्रग्स नहीं मिलता है, तो ऐसे लोगों का स्वास्थ्य बिगड़ने लगता है, फिर वो  दौड़े-दौड़े चर्च में जाते हैं। लोगों को चादर-फादर के चक्कर में भटकने की जरूरत नहीं है। कुल मिलाकर सनातन धर्म को बचाने के लिये लोगों को जागरूक होना होगा। 


जवाब: सनातन धर्म खतरे में है, आप क्या मानते हैं?
जवाब: वास्तव में सनातन धर्म खतरे में है। जिस तरह से हिंदू आपस में बंटे हुए हैं। एक नहीं हैं। हिंदू सोया हुआ है। जात-पात, धर्म, ऊंच-नीच का भेद, पंथ, संप्रदाय में बंटा हुआ है। कई ऐसे साधु-संत हैं जो धर्म, संप्रदाय के नाम पर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। ऐसे लोग सनातन धर्म को खोखला कर रहे हैं। ऐसे में हिंदुओं को जात-पात की बीमारी, अमीरी-गरीबी और पंथ संप्रदाय की बीमारी से ऊपर उठकर एक सनातन के छत्रछाया में आना होगा। हिंदुओं को अपनी जनसंख्या बढ़ानी होगी। हिंदुओं की जनसंख्या धीमी गति से बढ़ रही है और उसमें भी धर्मांतरण करके घटाया जा रहा है। इसके पीछे हम ही जिम्मेदार हैं, क्योंकि सनातनियों को संस्कृत नहीं आती। जबकि  अन्य धर्मों के लोग अपने-अपने संस्थाओं में जाकर धर्म की शिक्षा ले रहे हैं। हिंदुओं को भी जागरूक होना पड़ेगा। हमारा सनातन धर्म बहुत मजबूत है। किसी को भी कहीं जाने की जरूरत नहीं है। बस अपने धर्म में आस्था बनाए रखें। 







सवाल: छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू है, आप कैसे देखते हैं?
जवाब: बहुत अच्छी बात है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव ने अच्छी पहल की है। उन्होंने साबित किया है कि वह एक हिंदू हैं, सनातनी है और सनातन धर्म की रक्षा के लिये उन्होंने जो कानून पारित किया है। उसके लिए मैं उन्हें साधुवाद देता हूं, लेकिन कानून से काम नहीं चलेगा। हर सनातनियों को जागना होगा। कानून को भी तो सबूत लगता है। धर्मातारण तो जंगल और बंद कमरे में भी हो सकता है। मामले में कोई शिकायत करने वाला होगा, तब कानून एक्शन ले पाएगा। इसलिए सबसे बड़ी बात जागरुकता की है। 




सवाल: इस धाम में 11 टन सूखी लाल मिर्च का हवन हुआ था, यह कौन और क्यों कराया था? क्या था मकसद?
जवाब: जो सूखी लाल मिर्च का हवन हुआ था, वह धाम की तरफ से हुआ था। इसमें हमने 11 टन सूखी मिर्ची डाली थी। तीन दिन तक यह कार्यक्रम चला था। अखंड यज्ञ था, जिसका वर्ल्ड रिकॉर्ड हमारे नाम है। इससे छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ा है। छत्तीसगढ़वासियों का गौरव बढ़ा है।


सवाल: लोगों का मानना है कि आप डिवाइन ऑफ पॉवर हैं?
जवाब: 14 वर्ष की आयु में मैंने गुरु दीक्षा ली। तीन महाविद्याओं की कठिन साधना की है। गुरुदेव के चरणों की सेवा की। साधना की। उनका ही आशीर्वाद है। जो कुछ करती हैं वह जगत जननी मां मातंगी करती हैं। हम तो केवल माध्यम मात्र हैं।







सवाल: आप अस्थमा समेत कई असाध्य बीमारियों को कैसे ठीक करते हैं? कौन सी चिकित्सा पद्धति हैं?
जवाब: आज मेडिकल ने काफी तरक्की कर ली है, लेकिन आज भी ऐसी बहुत सारी बीमारियां हैं, जो लाइलाज है, जिनका उपचार संभव नहीं है। आप पूरा रिकॉर्ड निकालेंगे, तो आपको 30-40 करोड मरीज मिल जाएंगे। उन्हें थोड़े समय के लिए राहत जरूर मिलेगी, लेकिन हमेशा के लिये समाधान नहीं मिलेगा। हमारे पास जो दवा है अस्थमा का। उसे मात्र तीन दिन लेना है। पहले दिन से ही लाभ मिलने लगेंगे।  कोई साइड इफेक्ट नहीं है। नेचुरल तरीके से लोगों को निशुल्क इलाज किया जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed