CG: नाती दामाद ही निकला 'नटवरलाल', फर्जी वसीयत बनाकर बेची गई जमीन को दोबारा बेचने का षडयंत्र, पीड़ित परेशान
Raipur news: छत्तीसगढ़ में जमीन के नाम पर धोखाधड़ी रुकने का नाम नहीं ले रहा है। लोग लगातार इस तरह के मामलों के शिकार हो रहे हैं।
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Raipur news: छत्तीसगढ़ में जमीन के नाम पर धोखाधड़ी रुकने का नाम नहीं ले रहा है। लोग लगातार इस तरह के मामलों के शिकार हो रहे हैं। ऐसा ही एक मामला रायपुर के अभनपुर के गांव टेकारी में देखने को मिला है। टेकारी ग्राम वर्तमान सिविल लाइन निवासी पीड़ित किशोर कुमार शुक्ला ने रायपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर अपनी व्यथा बताई। उन्होंने बताया कि सुरेश वे उर्फ करप्शन उर्फ दलाल, लता मिश्रा एवं गुलाल धृतलहरे व स्वप्निल उर्फ विक्की दुबे ने आपस में आपराधिक षडयंत्र कर बेची गई जमीन को दोबारा बेचने के लिये षड़यंत्र रचा है। आरोपियों की ओर से कूटरचित वसीयतनामा तैयार करने एवं कय-विक्रय के संव्यवहार कर आर्थिक एवं मानसिक रूप से प्रताडित करने के आपराधिक कृत्य के लिये उक्त आरोपियों पर शासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित किशोर कुमार शुक्ला बताया कि सुरेश दुबे उर्फ करप्शन उर्फ दलाल निवासी ग्राम टेकारी थाना मूजगहन जिला रायपुर के कहने पर स्थान ग्राम टेकारी पटवारी हल्का नं. 48 रा.नि.मं. खोरपा/अभनपुर तहसील अभनपुर जिला रायपुर स्थित भूमि खसरा नं. 488/3 रकबा 0.2390 हेक्टेयर को प्रति एकड़ 7 लाख 51 हजार रूपये की दर से सुरेश दुबे उर्फ करप्शन उर्फ दलाल के परिचित लता मिश्रा निवासी संतोषी नगर रायपुर से बेचने करने का पक्का सौदा कर विक्रय प्रतिफल पेटे एक लाख एक हजार रूपये दो गवाहों के सामने नगद दिया गया। 31 मार्च 2022 को इकरारनामा जिला न्यायालय परिसर रायपुर में संपादित हुआ था। विक्रेता ने विकय इकरारनामा में यह लिखी थी कि उसकी दादी जानकी बाई के नाम पर उक्त भूमि राजस्व अभिलेख में दर्ज है, जिसे वह वारिसान हक से अपने नाम पर दर्ज करवाकर भूमि का पंजीयन मेरे पक्ष में करायेगी। इस पर इकरारनामा के साक्षी सुरेश दुबे उर्फ करप्शन उर्फ दलाल ने भी भरोसा एवं विश्वास दिलाया था। लेकिन लता मिश्रा एवं सुरेश दुबे टोलमटोल करके भूमि पंजीयन की तिथि
को बढ़ाते रहे। संदेह होने पर सुरेश दवे उर्फ करप्शन उर्फ दलाल से कहा कि आपने भूमि का सौदा करवाया है, जानकी बाई जो भूमि की स्वामिनी है. उसकी मृत्यु होना आपने बताया है तब विक्रेता लता मिश्रा के नाम पर नामांतरण में क्यों देरी हो रही है। जिस पर सुरेश दुबे उर्फ करप्शन उर्फ दलाल ने लता मिश्रा के स्वास्थ खराब होने का हवाला देते हुए कुछ समय की मौहलत मांगी थी।
मौत के बाद भी धोखाधड़ी
उन्होंने बताया कि सुरेश दुबे उर्फ करप्शन उर्फ दलाल व लता मिश्रा ने मुझे विकय इकरारनामा 31 मार्च 2022 को ही पहले से सौदा हुई भूमि की मूल ऋण पुस्तिका मुझे दिया था। इसलिए मैं आश्वस्त था कि भूमि का पंजीयन मेरे पक्ष में हो जायेगा। विषयांकित लता मिश्रा तहसीलदार खोरपा (अभनपुर) जिला रायपुर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किये थे। सुरेश दुबे उर्फ करप्शन उर्फ दलाल अपने पहुँच एवं पकड़ और प्रभाव का इस्तेमाल कर विशयांकित लता मिश्रा के नाम पर एक फर्जी एवं कूटरचित वसीयतनामा चार दिसंबर 2017 का वर्ष 2024 में तैयार करवाया। मामलेम में जब मेरे पक्ष में 31 मार्च 2022 को विक्रय अनुबंध पत्र का निष्पादन किया गया तब जानकी बाई की मृत्यु 13 अगस्त 2018 में होने की जानकारी लता मिश्रा को थी। उसके बाद भी विकय इकरारनामा पर यह नहीं लिखवाया कि जानकी बाई ने निष्पादित वसीयतनामा उसके पास सुरक्षित है। जिसकी बुनियाद पर यह सौदाकृत भूमि को अंतरण अपने पक्ष में करवा लेगी। भूमि का सौदा होने के बाद वर्ष 2024 में दिनॉक 04.12.2017 का फर्जी वसीयतनामा तैयार किया गया है, जिसमें सुरेश दुबे उर्फ करप्शन उर्फ दलाल व गुलाल घृतलहरे बतौर गवाह के रूप में अपने हस्ताक्षर किये हैं।