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CG News: छत्तीसगढ़ विधानसभा से गृह निर्माण मंडल संशोधन विधेयक 2026 पारित, आवास विकास को मिलेगा नया विस्तार
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 19 Mar 2026 06:46 PM IST
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सार
छत्तीसगढ़ में आवास और शहरी अधोसंरचना विकास को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। विधानसभा ने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (संशोधन) विधेयक 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ में आवास और शहरी अधोसंरचना विकास को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। विधानसभा ने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (संशोधन) विधेयक 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया है। इस संशोधन के जरिए गृह निर्माण मंडल की भूमिका को और व्यापक बनाते हुए उसे आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर एजेंसी के रूप में विकसित करने का रास्ता साफ हो गया है।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत इस विधेयक पर चर्चा के दौरान बताया गया कि गृह निर्माण मंडल राज्य में लंबे समय से आवासीय योजनाओं और शहरी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। हाल के वर्षों में मंडल ने कई बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए हैं, जिनसे प्रदेश में आवासीय सुविधाओं का विस्तार हुआ है।
सरकार के अनुसार, पिछले दो वर्षों में करीब 3,050 करोड़ रुपये की लागत से 78 नई परियोजनाएं शुरू की गई हैं। इसके अलावा मंडल को वित्तीय रूप से मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने 735 करोड़ रुपये का ऋण भी चुका दिया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2,000 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए आवास निर्माण को भी मंजूरी दी गई है।
नए संशोधन के तहत गृह निर्माण मंडल को अब केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उसे टाउन प्लानिंग स्कीम, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP), जॉइंट वेंचर, स्लम पुनर्विकास और रिडेवलपमेंट जैसी आधुनिक परियोजनाओं को लागू करने की अनुमति दी गई है। इससे शहरी विकास को अधिक व्यापक और व्यवस्थित रूप मिल सकेगा।
राज्य सरकार का लक्ष्य रायपुर, नवा रायपुर, भिलाई-दुर्ग और राजनांदगांव को जोड़कर एक एकीकृत शहरी कॉरिडोर विकसित करना है, जिसमें गृह निर्माण मंडल की अहम भूमिका होगी। वर्तमान में मंडल प्रदेश के अधिकांश जिलों में सक्रिय है और नई परियोजनाओं के माध्यम से आवासीय और बुनियादी ढांचे के विकास को गति दी जा रही है।
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वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत इस विधेयक पर चर्चा के दौरान बताया गया कि गृह निर्माण मंडल राज्य में लंबे समय से आवासीय योजनाओं और शहरी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। हाल के वर्षों में मंडल ने कई बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए हैं, जिनसे प्रदेश में आवासीय सुविधाओं का विस्तार हुआ है।
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सरकार के अनुसार, पिछले दो वर्षों में करीब 3,050 करोड़ रुपये की लागत से 78 नई परियोजनाएं शुरू की गई हैं। इसके अलावा मंडल को वित्तीय रूप से मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने 735 करोड़ रुपये का ऋण भी चुका दिया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2,000 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए आवास निर्माण को भी मंजूरी दी गई है।
नए संशोधन के तहत गृह निर्माण मंडल को अब केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उसे टाउन प्लानिंग स्कीम, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP), जॉइंट वेंचर, स्लम पुनर्विकास और रिडेवलपमेंट जैसी आधुनिक परियोजनाओं को लागू करने की अनुमति दी गई है। इससे शहरी विकास को अधिक व्यापक और व्यवस्थित रूप मिल सकेगा।
राज्य सरकार का लक्ष्य रायपुर, नवा रायपुर, भिलाई-दुर्ग और राजनांदगांव को जोड़कर एक एकीकृत शहरी कॉरिडोर विकसित करना है, जिसमें गृह निर्माण मंडल की अहम भूमिका होगी। वर्तमान में मंडल प्रदेश के अधिकांश जिलों में सक्रिय है और नई परियोजनाओं के माध्यम से आवासीय और बुनियादी ढांचे के विकास को गति दी जा रही है।