{"_id":"69ba650ed648cabde60647a1","slug":"escaped-prisoner-nabbed-after-9-months-accused-who-escaped-from-raipur-central-jail-arrested-in-agra-2026-03-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"9 महीने बाद शिकंजे में आया फरार कैदी: रायपुर सेंट्रल जेल से भागा आरोपी आगरा में गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
9 महीने बाद शिकंजे में आया फरार कैदी: रायपुर सेंट्रल जेल से भागा आरोपी आगरा में गिरफ्तार
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Wed, 18 Mar 2026 02:12 PM IST
विज्ञापन
सार
रायपुर सेंट्रल जेल से करीब नौ महीने से फरार चल रहे बंदी चंद्रवीर उर्फ पिंटू को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। छत्तीसगढ़ पुलिस और उत्तर प्रदेश एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को आगरा के कोतवाली क्षेत्र से घेराबंदी कर पकड़ा गया।
पुलिस के गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
रायपुर सेंट्रल जेल से करीब नौ महीने से फरार चल रहे बंदी चंद्रवीर उर्फ पिंटू को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। छत्तीसगढ़ पुलिस और उत्तर प्रदेश एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को आगरा के कोतवाली क्षेत्र से घेराबंदी कर पकड़ा गया। लंबे समय से फरारी काट रहे इस आरोपी की गिरफ्तारी को पुलिस के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है।
चंद्रवीर उर्फ पिंटू को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था और अदालत ने उसे 15 साल की सजा सुनाई थी। सजा के बाद उसे रायपुर सेंट्रल जेल में रखा गया था। जून 2025 में जेल प्रशासन द्वारा काम के सिलसिले में बाहर भेजे जाने के दौरान वह मौका पाकर फरार हो गया था। इसके बाद से ही वह लगातार अपनी पहचान छिपाकर अलग-अलग जगहों पर ठिकाना बदलता रहा।
अदालत ने 25 जुलाई 2024 को आरोपी को 15 वर्ष की सश्रम कारावास के साथ 3 लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया था। जुर्माना अदा नहीं करने पर अतिरिक्त 6 वर्ष की सजा का प्रावधान भी रखा गया था। फरार होने के बाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
आरोपी की तलाश में रायपुर की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) और गंज थाना पुलिस लगातार जुटी हुई थी। तकनीकी इनपुट और मुखबिर की सूचना के आधार पर उसकी लोकेशन उत्तर प्रदेश के आगरा में मिली। इसके बाद छत्तीसगढ़ पुलिस ने यूपी एसटीएफ के साथ मिलकर संयुक्त ऑपरेशन चलाया और आरोपी को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।
जांच में सामने आया है कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और स्थानीय पहचान छिपाकर रह रहा था। पुलिस अब उससे पूछताछ कर यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फरारी के दौरान उसे किस-किस का सहयोग मिला।
Trending Videos
चंद्रवीर उर्फ पिंटू को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था और अदालत ने उसे 15 साल की सजा सुनाई थी। सजा के बाद उसे रायपुर सेंट्रल जेल में रखा गया था। जून 2025 में जेल प्रशासन द्वारा काम के सिलसिले में बाहर भेजे जाने के दौरान वह मौका पाकर फरार हो गया था। इसके बाद से ही वह लगातार अपनी पहचान छिपाकर अलग-अलग जगहों पर ठिकाना बदलता रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
अदालत ने 25 जुलाई 2024 को आरोपी को 15 वर्ष की सश्रम कारावास के साथ 3 लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया था। जुर्माना अदा नहीं करने पर अतिरिक्त 6 वर्ष की सजा का प्रावधान भी रखा गया था। फरार होने के बाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
आरोपी की तलाश में रायपुर की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) और गंज थाना पुलिस लगातार जुटी हुई थी। तकनीकी इनपुट और मुखबिर की सूचना के आधार पर उसकी लोकेशन उत्तर प्रदेश के आगरा में मिली। इसके बाद छत्तीसगढ़ पुलिस ने यूपी एसटीएफ के साथ मिलकर संयुक्त ऑपरेशन चलाया और आरोपी को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।
जांच में सामने आया है कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और स्थानीय पहचान छिपाकर रह रहा था। पुलिस अब उससे पूछताछ कर यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फरारी के दौरान उसे किस-किस का सहयोग मिला।