छत्तीसगढ़ के राजकीय अतिथि जैन संत मुनिश्री प्रमाण सागर महाराज ने जशपुर जिले के कुनकुरी शहर में प्रवेश किया। भोपाल से सम्मेद शिखर की पदयात्रा पर निकले मुनिश्री का स्थानीय जैन समाज और अन्य सभी समाजों ने गाजे-बाजे के साथ भव्य स्वागत किया। उनके आगमन से पूरे वनवासी अंचल में आध्यात्मिक उत्साह का माहौल है।
मुनिश्री ने आम जनता के लिए जीवन को सकारात्मक बनाने के कुछ विशेष सूत्र दिए। उन्होंने मीडिया को भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए। मुनिश्री ने कहा कि दुनिया में हर तरफ युद्ध और संघर्ष की बातें हो रही हैं। हमें युद्ध की चर्चा और चिंता करने के बजाय शांति के लिए पुरुषार्थ करना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि मीडिया दिनभर युद्ध की खबरें दिखाने के बजाय दुनिया को शांति की प्रार्थना में लगाए। इससे नकारात्मकता दूर होगी और लोगों को सद्बुद्धि मिलेगी।

मुनिश्री ने एआई तकनीक के सही उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समस्याओं को देखने के बजाय समाधान के रास्ते खोजने चाहिए। उन्होंने तकनीक के आदी न बनने की सलाह भी दी। मुनिश्री ने अपने भीतर और समाज में सकारात्मक भाव पैदा करने पर बल दिया। इससे युद्ध जैसी विनाशकारी प्रवृत्तियां नियंत्रित हो सकेंगी।
मुनिश्री से आशीर्वाद लेने और अपनी शंकाओं का समाधान करने के लिए कुनकुरी में भारी भीड़ उमड़ी। इनमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी कौशल्या साय और कुनकुरी नगरपंचायत अध्यक्ष विनयशील भी शामिल थे। रवि जैन ने बताया कि मुनिश्री का विहार निरंतर चलता रहता है। कुनकुरी में धर्म की प्रभावना के बाद अब महाराज जी जशपुर की ओर प्रस्थान करेंगे।