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Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के 32 जिलों में लागू फॉरेंसिक मोबाइल वैन सिस्टम, गृह मंत्री शाह ने दिखाई हरी झंडी

अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अनुज कुमार Updated Mon, 18 May 2026 01:53 PM IST
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सार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रायपुर में सोमवार को छत्तीसगढ़ की अत्याधुनिक डायल 112 सेवा और 32 फॉरेंसिक मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप-मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा और छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे।

Forensic Mobile Van System Implemented Across Chhattisgarh 32 Districts Amit Shah Flags It Off
अमित शाह और अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज सोमवार को राजधानी रायपुर में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में छत्तीसगढ़ की ‘अत्याधुनिक डायल 112’ आपातकालीन सेवा और आधुनिक फॉरेंसिक मोबाइल वैन के बेड़े को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप-मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा और छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राज्य की आपातकालीन सहायता प्रणाली का विस्तार करना और नए आपराधिक कानूनों के तहत वैज्ञानिक अनुसंधान क्षमता को मजबूत करना है।



35 जिलों में लागू
वर्ष 2018 से संचालित डायल 112 आपात सेवा का दायरा बढ़ाते हुए इसे अब राज्य के सभी 33 जिलों में पूरी तरह लागू कर दिया गया है, जो पहले केवल 16 जिलों तक सीमित थी। इस नए और उन्नत चरण के तहत संपूर्ण व्यवस्था को तकनीकी रूप से अधिक सक्षम और त्वरित बनाया गया है। सुरक्षा मानकों और सहायता क्षमता को मजबूत करने के लिए डायल 112 सेवा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित स्थान पहचान तकनीक को जोड़ा गया है, जिससे संकट में फंसे व्यक्ति की वास्तविक भौगोलिक स्थिति का सटीक पता लगाया जा सकेगा।
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इसके साथ ही, आपातकालीन कॉल और आंकड़ों का संचालन बिना किसी बाधा के जारी रखने के लिए सिविल लाइंस स्थित प्राथमिक नियंत्रण केंद्र के अतिरिक्त नया रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में वैकल्पिक बैकअप प्रणाली पर आधारित दूसरा नियंत्रण केंद्र भी सक्रिय किया गया है। यह केंद्र किसी भी तकनीकी समस्या या आपदा की स्थिति में स्वतः बैकअप के रूप में कार्य करेगा।
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राज्यव्यापी सेवा विस्तार के तहत आज कुल 400 नए अत्याधुनिक आपातकालीन वाहन, 33 विशेष निगरानी वाहन तथा 60 नए राजमार्ग गश्ती वाहन विभिन्न जिलों के लिए रवाना किए गए। अब राज्य के नागरिक पारंपरिक दूरभाष कॉल के अलावा ‘112 इंडिया अनुप्रयोग’, संकट संकेत सेवा, लघु संदेश सेवा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित संवाद प्रणाली, ईमेल, वेब अनुरोध तथा सामाजिक माध्यमों के जरिए भी आपातकालीन सहायता प्राप्त कर सकेंगे। महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इस व्यवस्था में पैनिक बटन और विशेष निगरानी सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं, जिससे पुलिस सहायता, एम्बुलेंस, अग्निशमन सेवा तथा महिला सहायता हेल्पलाइन को एकीकृत मंच पर उपलब्ध कराया जा सकेगा।

नए आपराधिक कानूनों, विशेषकर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 176 के प्रभावी क्रियान्वयन से सभी गंभीर अपराधों में, जिनमें सात वर्ष या उससे अधिक की सजा निर्धारित है, घटनास्थल पर फॉरेंसिक विज्ञान दल की उपस्थिति और वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र करना अनिवार्य किया गया है।

32 फॉरेंसिक मोबाइल वैन रवाना
आपराधिक न्याय प्रणाली को पूरी तरह साक्ष्य आधारित बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के सभी 33 जिलों के लिए आधुनिक फॉरेंसिक मोबाइल प्रयोगशालाओं का गठन किया है, जिनमें से 32 फॉरेंसिक मोबाइल वैन आज मैदानी कार्य के लिए रवाना की गईं। ये वैन घटनास्थल पर जांच करने वाले उपकरणों से सुसज्जित चलती-फिरती प्रयोगशालाएं हैं।

फॉरेंसिक मोबाइल वैन में ये हैं सुविधाएं
इन मोबाइल फॉरेंसिक वैन में रक्त नमूना परीक्षण किट, डिजिटल साक्ष्य संग्रहण उपकरण, सीसीटीवी दृश्य सामग्री निकालने की प्रणाली, अंतर्निहित जीपीएस, उच्च क्षमता वाले लैपटॉप, कंप्यूटर तथा निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए जनरेटर लगाए गए हैं। साथ ही, रात अथवा कम रोशनी में साक्ष्य सुरक्षित करने के लिए इनमें विशेष रात्रि दृष्टि कैमरे और अन्य उच्च क्षमता वाले कैमरे भी स्थापित किए गए हैं।

इन वैन की सहायता से फॉरेंसिक विशेषज्ञ अपराध स्थल पर त्वरित रूप से पहुंचकर वैज्ञानिक साक्ष्यों को नष्ट होने से बचा सकेंगे तथा जैविक और डिजिटल नमूनों की प्राथमिक जांच मौके पर ही कर सकेंगे। इससे न्यायालय में पुख्ता साक्ष्य प्रस्तुत करने की प्रक्रिया अधिक तेज और प्रभावी होगी। यह संयुक्त पहल छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था के आधुनिकीकरण, वैज्ञानिक अनुसंधान प्रणाली के विस्तार तथा नागरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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