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रायपुर में '3 Stumps' सट्टा सिंडिकेट पर बड़ा प्रहार, बाबू खेमानी के ठिकानों पर क्राइम ब्रांच की रेड
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Fri, 24 Apr 2026 06:44 PM IST
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सार
राजधानी रायपुर में ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच पुलिस ने बड़े नेटवर्क पर चोट करते हुए ‘3 स्टम्प्स’ एप से जुड़े कथित सिंडिकेट पर दबिश दी है।
बाबू खेमानी के ठिकानों पर क्राइम ब्रांच की रेड
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी रायपुर में ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच पुलिस ने बड़े नेटवर्क पर चोट करते हुए ‘3 स्टम्प्स’ एप से जुड़े कथित सिंडिकेट पर दबिश दी है। क्राइम ब्रांच और गंज थाना की संयुक्त टीम ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बाबू खेमानी के ठिकाने पर छापेमारी कर दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड खंगालना शुरू किया है। कार्रवाई के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में कई महत्वपूर्ण इनपुट जुटाए गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक पुलिस विदेशी कनेक्शन, हवाला ट्रांजेक्शन और ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के विस्तार की जांच कर रही है। टीम संभावित अन्य ठिकानों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई पहले हुई गिरफ्तारियों के बाद मिली नई जानकारियों के आधार पर की गई है।
जांच एजेंसियों के अनुसार यह नेटवर्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए ऑपरेट किया जा रहा था, जहां अलग-अलग पैनलों के माध्यम से ऑनलाइन सट्टेबाजी चलाई जा रही थी। पुलिस का दावा है कि बाबू खेमानी और उसके सहयोगी पिछले कई वर्षों से मल्टी-लेयर सिस्टम के जरिए इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहे थे।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क सिर्फ छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं था, बल्कि महाराष्ट्र, गोवा, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों तक इसकी पहुंच थी। पुलिस ने गोवा में सक्रिय एक लाइन पैनल को भी ध्वस्त करने का दावा किया है। अब तक 27 आरोपियों की गिरफ्तारी इस नेटवर्क की व्यापकता को दर्शाती है।
पूछताछ में सामने आया है कि फर्जी या खरीदे गए बैंक खातों के जरिए रकम का लेन-देन किया जाता था। पुलिस को संदेह है कि इन खातों के माध्यम से बड़ी रकम का संचालन हुआ है। जांच एजेंसियां वित्तीय ट्रेल खंगाल रही हैं। कार्रवाई में लैपटॉप, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, राउटर, हिसाब-किताब से जुड़ी सामग्री और एक लग्जरी कार समेत करीब 60 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की गई है। पुलिस अब डिजिटल डाटा रिकवरी के जरिए पूरे सिंडिकेट की परतें खोलने में जुटी है।
बाबू खेमानी की पूर्व विदेश यात्राओं और संभावित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की भी जांच की जा रही है। पुलिस मान रही है कि इस मामले में आगे और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
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सूत्रों के मुताबिक पुलिस विदेशी कनेक्शन, हवाला ट्रांजेक्शन और ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के विस्तार की जांच कर रही है। टीम संभावित अन्य ठिकानों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई पहले हुई गिरफ्तारियों के बाद मिली नई जानकारियों के आधार पर की गई है।
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जांच एजेंसियों के अनुसार यह नेटवर्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए ऑपरेट किया जा रहा था, जहां अलग-अलग पैनलों के माध्यम से ऑनलाइन सट्टेबाजी चलाई जा रही थी। पुलिस का दावा है कि बाबू खेमानी और उसके सहयोगी पिछले कई वर्षों से मल्टी-लेयर सिस्टम के जरिए इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहे थे।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क सिर्फ छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं था, बल्कि महाराष्ट्र, गोवा, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों तक इसकी पहुंच थी। पुलिस ने गोवा में सक्रिय एक लाइन पैनल को भी ध्वस्त करने का दावा किया है। अब तक 27 आरोपियों की गिरफ्तारी इस नेटवर्क की व्यापकता को दर्शाती है।
पूछताछ में सामने आया है कि फर्जी या खरीदे गए बैंक खातों के जरिए रकम का लेन-देन किया जाता था। पुलिस को संदेह है कि इन खातों के माध्यम से बड़ी रकम का संचालन हुआ है। जांच एजेंसियां वित्तीय ट्रेल खंगाल रही हैं। कार्रवाई में लैपटॉप, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, राउटर, हिसाब-किताब से जुड़ी सामग्री और एक लग्जरी कार समेत करीब 60 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की गई है। पुलिस अब डिजिटल डाटा रिकवरी के जरिए पूरे सिंडिकेट की परतें खोलने में जुटी है।
बाबू खेमानी की पूर्व विदेश यात्राओं और संभावित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की भी जांच की जा रही है। पुलिस मान रही है कि इस मामले में आगे और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

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