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Raipur News: रायपुर में आधी रात सड़क पर हंगामा, युवकों और पुलिस के बीच बहस का वीडियो वायरल
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Tue, 16 Jun 2026 11:01 AM IST
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सार
राजधानी रायपुर के तेलीबांधा थाना क्षेत्र से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ युवक पुलिसकर्मियों के साथ तीखी बहस करते नजर आ रहे हैं।
रायपुर में आधी रात सड़क पर हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी रायपुर के तेलीबांधा थाना क्षेत्र से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ युवक पुलिसकर्मियों के साथ तीखी बहस करते नजर आ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि यह घटना देर रात पेट्रोलिंग के दौरान हुई, जब पुलिस ने सड़क किनारे खड़े युवकों को वहां से हटने और घर जाने की सलाह दी थी।
वायरल वीडियो सामने आने के बाद पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि पुलिस ने मामले को लेकर अपना पक्ष भी स्पष्ट किया है। पुलिस के अनुसार 14 और 15 जून 2026 की दरमियानी रात तेलीबांधा थाने में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक तुलसीराम साहू, आरक्षक जानकी राम चंद्रवंशी और आरक्षक रमेश वर्मा नियमित पेट्रोलिंग पर निकले थे। रात करीब 12:45 बजे टीम होटल अंब्रोसिया के सामने पहुंची, जहां कुछ युवक सड़क किनारे खड़े मिले। देर रात होने के कारण पुलिस ने उन्हें घर लौटने की समझाइश दी और इसके बाद अन्य संवेदनशील इलाकों की पेट्रोलिंग के लिए रवाना हो गई।
दोबारा लौटने पर बढ़ा तनाव
करीब एक घंटे बाद जब पुलिस टीम फिर उसी स्थान पर पहुंची तो वहां पहले से अधिक लोग मौजूद थे। पुलिस का कहना है कि मौके पर विनय यादव, सुजीत यादव, गोलू देवांगन समेत 15 से 20 युवक खड़े थे। एक बार फिर पुलिस ने उन्हें वहां से जाने और शांति बनाए रखने की सलाह दी। इसी दौरान कुछ युवक आक्रोशित हो गए और पुलिसकर्मियों के साथ बहस शुरू हो गई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में भी युवकों और पुलिस के बीच कहासुनी होती दिखाई दे रही है। वहीं पुलिसकर्मी स्थिति को नियंत्रित करने और विवाद को शांत कराने का प्रयास करते नजर आते हैं।
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घटना को लेकर उठ रहे सवालों के बीच पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोलिंग टीम की ओर से किसी भी प्रकार की मारपीट नहीं की गई। पुलिस का कहना है कि उन्होंने केवल समझाइश देने का प्रयास किया था। मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए विनय यादव और आरक्षक रमेश वर्मा दोनों का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि शराब सेवन की स्थिति क्या थी।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक वायरल वीडियो के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। मौके पर मौजूद लोगों की भूमिका, वीडियो की वास्तविक परिस्थितियां और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वायरल वीडियो सामने आने के बाद पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि पुलिस ने मामले को लेकर अपना पक्ष भी स्पष्ट किया है। पुलिस के अनुसार 14 और 15 जून 2026 की दरमियानी रात तेलीबांधा थाने में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक तुलसीराम साहू, आरक्षक जानकी राम चंद्रवंशी और आरक्षक रमेश वर्मा नियमित पेट्रोलिंग पर निकले थे। रात करीब 12:45 बजे टीम होटल अंब्रोसिया के सामने पहुंची, जहां कुछ युवक सड़क किनारे खड़े मिले। देर रात होने के कारण पुलिस ने उन्हें घर लौटने की समझाइश दी और इसके बाद अन्य संवेदनशील इलाकों की पेट्रोलिंग के लिए रवाना हो गई।
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दोबारा लौटने पर बढ़ा तनाव
करीब एक घंटे बाद जब पुलिस टीम फिर उसी स्थान पर पहुंची तो वहां पहले से अधिक लोग मौजूद थे। पुलिस का कहना है कि मौके पर विनय यादव, सुजीत यादव, गोलू देवांगन समेत 15 से 20 युवक खड़े थे। एक बार फिर पुलिस ने उन्हें वहां से जाने और शांति बनाए रखने की सलाह दी। इसी दौरान कुछ युवक आक्रोशित हो गए और पुलिसकर्मियों के साथ बहस शुरू हो गई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में भी युवकों और पुलिस के बीच कहासुनी होती दिखाई दे रही है। वहीं पुलिसकर्मी स्थिति को नियंत्रित करने और विवाद को शांत कराने का प्रयास करते नजर आते हैं।
घटना को लेकर उठ रहे सवालों के बीच पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोलिंग टीम की ओर से किसी भी प्रकार की मारपीट नहीं की गई। पुलिस का कहना है कि उन्होंने केवल समझाइश देने का प्रयास किया था। मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए विनय यादव और आरक्षक रमेश वर्मा दोनों का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि शराब सेवन की स्थिति क्या थी।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक वायरल वीडियो के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। मौके पर मौजूद लोगों की भूमिका, वीडियो की वास्तविक परिस्थितियां और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।