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CG: व्यापारियों के लिए बड़ी पहल, चेम्बर ने बनाई एक्सपर्ट एडवाइजरी टीम,अब GST-IT समस्याओं का मिलेगा सीधा समाधान
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Wed, 25 Mar 2026 05:19 PM IST
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सार
चेम्बर के प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी के नेतृत्व में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की एक एडवाइजरी टीम गठित की गई है, जो अब सीधे व्यापारियों की समस्याओं का समाधान करेगी।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने प्रदेश के व्यापारियों को तकनीकी और कानूनी उलझनों से राहत दिलाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। चेम्बर के प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी के नेतृत्व में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की एक एडवाइजरी टीम गठित की गई है, जो अब सीधे व्यापारियों की समस्याओं का समाधान करेगी।
यह पहल खासतौर पर उन व्यापारियों के लिए राहत भरी मानी जा रही है, जो अक्सर जीएसटी, आयकर, बैंकिंग और श्रम कानून जैसी जटिल प्रक्रियाओं में फंस जाते हैं। नई व्यवस्था के तहत विशेषज्ञों की यह टीम प्रदेश के अलग-अलग शहरों में व्यापारियों से संपर्क कर उन्हें मार्गदर्शन देगी।
जीएसटी और अप्रत्यक्ष कर से जुड़े मामलों के लिए अनुभवी विशेषज्ञों की एक बड़ी टीम तैयार की गई है, जो टैक्स से जुड़े विवादों, नोटिस और अनुपालन की समस्याओं पर सलाह देगी। वहीं आयकर मामलों में अलग टीम बनाई गई है, जो नोटिस, रिटर्न और कानूनी प्रक्रियाओं में सहयोग करेगी।
छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME) को ध्यान में रखते हुए बैंकिंग, वित्त और सरकारी सब्सिडी से जुड़े मामलों के लिए भी विशेषज्ञों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे व्यापारियों को योजनाओं का लाभ लेने और वित्तीय प्रक्रियाओं को समझने में मदद मिलेगी। इसके अलावा श्रम कानून और रेरा से जुड़े मुद्दों के लिए भी अलग विशेषज्ञ नियुक्त किए गए हैं।
चेम्बर का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य केवल सलाह देना नहीं, बल्कि “व्यापार सुगमता” को जमीनी स्तर पर लागू करना है। अब व्यापारी सीधे विशेषज्ञों से संपर्क कर अपनी समस्याओं का समाधान पा सकेंगे, जिससे अनावश्यक मानसिक और आर्थिक दबाव कम होगा।
इस कदम को राज्य के व्यापारिक माहौल को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि व्यापारियों को समय पर सही मार्गदर्शन मिलता है, तो वे बिना डर के अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकते हैं और इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
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यह पहल खासतौर पर उन व्यापारियों के लिए राहत भरी मानी जा रही है, जो अक्सर जीएसटी, आयकर, बैंकिंग और श्रम कानून जैसी जटिल प्रक्रियाओं में फंस जाते हैं। नई व्यवस्था के तहत विशेषज्ञों की यह टीम प्रदेश के अलग-अलग शहरों में व्यापारियों से संपर्क कर उन्हें मार्गदर्शन देगी।
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जीएसटी और अप्रत्यक्ष कर से जुड़े मामलों के लिए अनुभवी विशेषज्ञों की एक बड़ी टीम तैयार की गई है, जो टैक्स से जुड़े विवादों, नोटिस और अनुपालन की समस्याओं पर सलाह देगी। वहीं आयकर मामलों में अलग टीम बनाई गई है, जो नोटिस, रिटर्न और कानूनी प्रक्रियाओं में सहयोग करेगी।
छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME) को ध्यान में रखते हुए बैंकिंग, वित्त और सरकारी सब्सिडी से जुड़े मामलों के लिए भी विशेषज्ञों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे व्यापारियों को योजनाओं का लाभ लेने और वित्तीय प्रक्रियाओं को समझने में मदद मिलेगी। इसके अलावा श्रम कानून और रेरा से जुड़े मुद्दों के लिए भी अलग विशेषज्ञ नियुक्त किए गए हैं।
चेम्बर का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य केवल सलाह देना नहीं, बल्कि “व्यापार सुगमता” को जमीनी स्तर पर लागू करना है। अब व्यापारी सीधे विशेषज्ञों से संपर्क कर अपनी समस्याओं का समाधान पा सकेंगे, जिससे अनावश्यक मानसिक और आर्थिक दबाव कम होगा।
इस कदम को राज्य के व्यापारिक माहौल को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि व्यापारियों को समय पर सही मार्गदर्शन मिलता है, तो वे बिना डर के अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकते हैं और इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।