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Raman vs Bhupesh: 'एक बार आईने में देखिये, आपकी जेब में'..., भूपेश बघेल के पोस्ट पर रमन सिंह का बेहद तीखा जवाब

अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: Lalit Kumar Singh Updated Wed, 01 Apr 2026 02:23 PM IST
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सार

Tweet war on Raman vs Bhupesh:नक्सलवाद को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत गरमाई हुई है।

Tweet war Raman singh vs Bhupesh baghel on Naxalism end in chhattisgarh
विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह, पूर्व सीएम भूपेश बघेल - फोटो : Amar ujala digital
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विस्तार

Tweet war Raman vs Bhupesh:नक्सलवाद को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत गरमाई हुई है। केंद्र सरकार की ओर से 31 मार्च को नक्सल खात्मे की डेडलाइन खत्म होने के बाद मामले में राजनीति फिर तेज हो गई है। प्रदेश में नक्सल गतिविधियां कम होने पर बीजेपी और कांग्रेस में श्रेय लेने की होड़ मची हुई है। पूर्व सीएम भूपेश बघेल के आरोप पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ.रमन सिंह ने पलटवार किया है। मामले में बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है।

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रमन सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि “दूसरों पर कीचड़ उछालकर अपने दाग नहीं छुपाए जा सकते।”। तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि “झीरम घाटी नक्सल वारदात के सबूत आपकी जेब में थे, लेकिन अब सिर्फ अखबार की कतरन ही दिखाई जा रही है।” आईना देखने की नसीहत देते हुए सिंह ने कहा कि उनके पांच साल के कार्यकाल में केवल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति हुई और ठोस कार्रवाई नहीं दिखी।
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इस पर भूपेश बघेल ने फिर पलटवार करते हुए जवाब दिया कि 'आपकी पार्टी ने जांच होने कहां दी डॉक्टर साहब!पता नहीं कि क्या डर है आप लोगों के मन में। कोर्ट जा जाकर जांच रोकते रहे। जांच में सबूत दिए जाएंगे ना! जैसी हम चाहते हैं जांच करवा दीजिए सबूत दे देंगे। सोच लीजिएगा, आपको पछताना ना पड़े।




इसके पूर्व पोस्ट में बघेल ने एक अखबार की कटिंग शेयर करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए लिखा था कि 'और सबूत चाहिए क्या अमित शाह जी?” अमित शाह जी!झूठ बोलना बंद कीजिए। मंच, स्थान, तारीख और समय आप तय कर लें। मैं बहस के लिए तैयार हूँ। 'इस पोस्ट में पूर्व सुरक्षा सलाहकार के साक्षात्कार का हवाला दिया था। इसके बाद बघेल ने वीडियो जारी कर अमित शाह को नक्सलवाद के मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती दी। बघेल का कहना था कि उनकी सरकार के दौरान नक्सल समस्या से निपटने में केंद्र को पूरा सहयोग दिया गया, जबकि संसद में अमित शाह ने इसके उलट बयान दिया। इसके बाद बघेल ने एक और पोस्ट कर अखबार की कटिंग शेयर की थी। 







इस मामले में एक अन्य सोशल मीडिया हैंडलर्स ने चुटकी लेते हुए लिखा है कि 'बुरा ना माने तो एक बात कहें। राजनीति में कोई किसी का प्रतिद्वंदी नहीं सबसे अच्छा संबंध होता है केवल दिखाने के लिए ऐसे पोस्ट करना आवश्यक हो जाता है ताकि पक्ष -विपक्ष की भूमिका बनी रहे यही सत्य है ?और समय-समय पर सभी एक साथ एक ही टेबल में दिखाई देते हैं। जय श्री राम। 



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