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Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Second annual Dak Kanwar Yatra taken out from Mahadev Ghat to Devda Shivalaya,

CG: भारी बारिश में भी नहीं रुके कदम, 28 किमी दौड़कर देवड़ा शिवालय पहुंचे 200 से ज्यादा डाक बम कांवड़िए

Tue, 11 Aug 2026 06:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जगदलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जगदलपुर Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 11 Aug 2026 06:36 PM IST
सार

श्रावण मास में बस्तर में डाक कांवड़ यात्रा निकाली गई। 200 से अधिक कांवड़िए इंद्रावती नदी से जल लेकर 28 किलोमीटर दौड़ते हुए देवड़ा शिवालय पहुंचे और जलाभिषेक किया। यात्रा में सनातन संस्कृति और गौ संरक्षण का संदेश दिया गया।

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Second annual Dak Kanwar Yatra taken out from Mahadev Ghat to Devda Shivalaya,
पूजा करने भक्तों ने लगाई दौड़ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

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पवित्र श्रावण मास के अवसर पर बस्तर संभाग में द्वितीय वर्ष डाक कांवड़ यात्रा का आयोजन श्रद्धा, उत्साह और धार्मिक आस्था के साथ किया गया। भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में शिवभक्तों ने यात्रा में हिस्सा लिया और भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया।

यात्रा का शुभारंभ जगदलपुर के महादेव घाट स्थित इंद्रावती नदी में विधिवत जलपूजन के साथ हुआ। इसके बाद 200 से अधिक डाक बम कांवड़िए इंद्रावती नदी का पवित्र जल लेकर करीब 28 किलोमीटर की दूरी बिना रुके दौड़ते हुए ओडिशा सीमा पर स्थित देवड़ा शिवालय पहुंचे। यहां शिवभक्तों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और क्षेत्र की मंगलकामना की।

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डाक कांवड़ यात्रा का उद्देश्य भगवान भोलेनाथ की आराधना के साथ सनातन परंपराओं का संरक्षण, धार्मिक जागरूकता और समाज में गौ संरक्षण के प्रति जनजागरण करना है। यात्रा के माध्यम से गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग को भी जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।

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गौ सेवक रोहन कुमार ने बताया कि देवड़ा शिवालय स्वयंभू शिवलिंग के रूप में श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां नियमित रूप से भगवान शिव की पूजा-अर्चना की जाती है। देवड़ा शिवालय में बस्तर के साथ पड़ोसी राज्य ओडिशा से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर से जुड़े धार्मिक कुंड के जल के प्रति भी श्रद्धालुओं में गहरी आस्था है और कई भक्त इसके जल से लाभ मिलने की मान्यता रखते हैं।

गौ सेवक मुन्ना कोरी ने कहा कि डाक कांवड़ यात्रा के माध्यम से गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था के साथ गौ संरक्षण और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश समाज तक पहुंचाना भी यात्रा का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

भारी बारिश और लंबी दूरी के बावजूद शिवभक्तों का उत्साह देखते ही बना। ‘बोल बम’ और ‘हर हर महादेव’ के जयघोष के साथ कांवड़िए महादेव घाट से देवड़ा शिवालय तक दौड़ते हुए पहुंचे और भगवान शिव का जलाभिषेक किया।

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