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अतिक्रमण हटाकर वन जमीन पर किया पौधरोपण: हाथियों से बचने दी समझाइश, वन महोत्सव में शामिल हुए वन अमला और ग्रामीण
Tue, 11 Aug 2026 06:11 PM IST
कोरबा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
Published by: कोरबा ब्यूरो
Updated Tue, 11 Aug 2026 06:11 PM IST
सार
कोरबा वन मंडल के करतला वन परिक्षेत्र में वन महोत्सव के अवसर पर एक विशेष पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। एक पेड़ मां के नाम महाअभियान के तहत हाल ही में अतिक्रमण मुक्त कराई गई वन भूमि पर बड़े पैमाने पर पौधे लगाए गए।
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अतिक्रमण हटाकर वन जमीन पर किया पौधरोपण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोरबा वन मंडल के करतला वन परिक्षेत्र में वन महोत्सव के अवसर पर एक विशेष पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। एक पेड़ मां के नाम महाअभियान के तहत हाल ही में अतिक्रमण मुक्त कराई गई वन भूमि पर बड़े पैमाने पर पौधे लगाए गए। कार्यक्रम में डीएफओ प्रेमलता यादव और उप वन मंडलाधिकारी दक्षिण सूर्यकांत सोनी के मार्गदर्शन में वन अमले के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण भी शामिल हुए।
वन विभाग ने बताया कि करतला क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही अवैध कब्जे की समस्या को दूर करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। हाल ही में चिन्हित कर कब्जामुक्त की गई जमीन पर अब पौधरोपण कर उसे फिर से हरित क्षेत्र में तब्दील करने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान नीम, सागौन, करंज और फलदार प्रजातियों के सैकड़ों पौधे लगाए गए। अधिकारियों ने कहा कि लगाए गए पौधों की देखरेख के लिए स्थानीय बीट गार्ड और ग्रामीणों की जिम्मेदारी तय की गई है, ताकि पौधे सुरक्षित रूप से बड़े हो सकें।
कार्यक्रम के दौरान वन अधिकारियों ने ग्रामीणों को वन संरक्षण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जंगल केवल पेड़-पौधों का समूह नहीं है, बल्कि यह जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन का आधार है। वन भूमि की सुरक्षा के लिए विभाग की ओर से गश्त बढ़ाई गई है और ड्रोन व अन्य तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।
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इस मौके पर मानव-हाथी संघर्ष को कम करने पर विशेष फोकस किया गया। करतला क्षेत्र हाथी प्रभावित क्षेत्र है, इसलिए ग्रामीणों को हाथियों से बचाव के उपाय समझाए गए। अधिकारियों ने बताया कि शाम के समय अकेले जंगल की ओर न जाएं, पटाखे और तेज आवाज से हाथियों को दूर रखने का प्रयास करें और हाथी के दल को देखकर तुरंत वन विभाग को सूचना दें। साथ ही फसलों की सुरक्षा के लिए सामुदायिक निगरानी दल बनाने की सलाह भी दी गई।
विभाग के अनुसार हाथियों की दिन-रात की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए थर्मल ड्रोन कैमरों का उपयोग किया जा रहा है। इससे हाथियों के मूवमेंट की रियल टाइम जानकारी मिल रही है और समय रहते ग्रामीणों को अलर्ट किया जा रहा है।
डीएफओ प्रेमलता यादव ने कहा कि वन महोत्सव का उद्देश्य सिर्फ पौधरोपण नहीं है, बल्कि लोगों में वन और वन्यजीवों के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे वन संरक्षण में विभाग का सहयोग करें और अवैध कटाई व अतिक्रमण की सूचना तुरंत दें।
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वन विभाग ने बताया कि करतला क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही अवैध कब्जे की समस्या को दूर करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। हाल ही में चिन्हित कर कब्जामुक्त की गई जमीन पर अब पौधरोपण कर उसे फिर से हरित क्षेत्र में तब्दील करने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान नीम, सागौन, करंज और फलदार प्रजातियों के सैकड़ों पौधे लगाए गए। अधिकारियों ने कहा कि लगाए गए पौधों की देखरेख के लिए स्थानीय बीट गार्ड और ग्रामीणों की जिम्मेदारी तय की गई है, ताकि पौधे सुरक्षित रूप से बड़े हो सकें।
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कार्यक्रम के दौरान वन अधिकारियों ने ग्रामीणों को वन संरक्षण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जंगल केवल पेड़-पौधों का समूह नहीं है, बल्कि यह जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन का आधार है। वन भूमि की सुरक्षा के लिए विभाग की ओर से गश्त बढ़ाई गई है और ड्रोन व अन्य तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।
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इस मौके पर मानव-हाथी संघर्ष को कम करने पर विशेष फोकस किया गया। करतला क्षेत्र हाथी प्रभावित क्षेत्र है, इसलिए ग्रामीणों को हाथियों से बचाव के उपाय समझाए गए। अधिकारियों ने बताया कि शाम के समय अकेले जंगल की ओर न जाएं, पटाखे और तेज आवाज से हाथियों को दूर रखने का प्रयास करें और हाथी के दल को देखकर तुरंत वन विभाग को सूचना दें। साथ ही फसलों की सुरक्षा के लिए सामुदायिक निगरानी दल बनाने की सलाह भी दी गई।
विभाग के अनुसार हाथियों की दिन-रात की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए थर्मल ड्रोन कैमरों का उपयोग किया जा रहा है। इससे हाथियों के मूवमेंट की रियल टाइम जानकारी मिल रही है और समय रहते ग्रामीणों को अलर्ट किया जा रहा है।
डीएफओ प्रेमलता यादव ने कहा कि वन महोत्सव का उद्देश्य सिर्फ पौधरोपण नहीं है, बल्कि लोगों में वन और वन्यजीवों के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे वन संरक्षण में विभाग का सहयोग करें और अवैध कटाई व अतिक्रमण की सूचना तुरंत दें।

अतिक्रमण हटाकर वन जमीन पर किया पौधरोपण