CG: विश्व आदिवासी दिवस पर क्यों रही भाजपा खामोश? कांग्रेस ने लगाए आदिवासी विरोधी होने के गंभीर आरोप
राजपुर में कांग्रेस ने विश्व आदिवासी दिवस पर भाजपा और आरएसएस पर आदिवासी समाज की उपेक्षा, अस्मिता व संस्कृति पर हमला करने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने कहा कि भाजपा नेताओं ने शुभकामना संदेश तक जारी नहीं किया और इसे आदिवासी विरोधी मानसिकता बताया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर राजपुर कांग्रेस कार्यालय में विश्व आदिवासी दिवस के मुद्दे पर भाजपा की कथित उपेक्षा को लेकर जिला स्तरीय पत्रकार वार्ता आयोजित की गई।पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए लुंड्रा के पूर्व विधायक डॉ. प्रीतम राम ने भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर आदिवासी समाज की उपेक्षा करने और उनकी अस्मिता पर हमला करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि 9 अगस्त को पूरी दुनिया में विश्व आदिवासी दिवस उत्साह के साथ मनाया गया, लेकिन प्रदेश और देश में सत्तारूढ़ भाजपा के शीर्ष नेताओं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री की ओर से भी आदिवासी समाज के लिए कोई बधाई संदेश जारी नहीं किया गया।
डॉ. प्रीतम राम ने कहा कि वर्ष 2023 से पहले भाजपा नेता विश्व आदिवासी दिवस पर शुभकामनाएं दिया करते थे, लेकिन इस वर्ष ऐसा नहीं हुआ। उनके अनुसार, शासकीय स्तर पर कोई आयोजन नहीं होना भाजपा की आदिवासी विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस के प्रभाव के कारण भाजपा आदिवासी समाज के इस महत्वपूर्ण पर्व से दूरी बना रही है।
उन्होंने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस आदिवासी समाज की एकता, समृद्ध संस्कृति और गौरवशाली इतिहास का प्रतीक है। भाजपा और आरएसएस आदिवासी समाज की स्वतंत्र सांस्कृतिक पहचान का विरोध करते हैं और उन्हें 'आदिवासी' के बजाय 'वनवासी' कहकर उनकी मौलिक पहचान को कमजोर करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि जिस प्रदेश की लगभग 32 प्रतिशत आबादी आदिवासी है और जहां विश्व की प्राचीन आदिवासी सभ्यताओं का निवास है, वहां की सरकार द्वारा इस पर्व की उपेक्षा करना पूरे आदिवासी समाज का अपमान है।
पढ़ें: 3400 करोड़ के कथित शराब घोटाला केस में कांग्रेस नेता पर ईडी का शिकंजा, रामगोपाल अग्रवाल गिरफ्तार
डॉ. प्रीतम राम ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के अधिकारों, स्वाभिमान और संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज अपनी अस्मिता, अधिकारों तथा जल, जंगल और जमीन से जुड़े मुद्दों पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। उन्होंने दावा किया कि आदिवासी समाज अपनी उपेक्षा को समझ रहा है और समय आने पर इसका लोकतांत्रिक जवाब देगा।
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष राजेंद्र तिवारी, प्रवक्ता सुनील सिंह, महामंत्री जितेंद्र गुप्ता, लालसाय मिंज, डॉ. बी.एन. द्विवेदी, नारद तिवारी, मनोज अग्रवाल, सुरेश सोनी, विकास अंबष्ट, सत्येंद्र पांडे, बृजेश मिश्रा, अश्वनी यादव, अमित यादव, सुदामा राजवाड़े, देवनारायण मरावी, विजय सिंह, मनपतिया सिंह, आनंद मसीह, जीत सिंह पोर्ते, लकनाथ, सुनील भगत, डोमनिक एक्का, सुभाष तिर्की, एडवीन मिंज सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।