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क्रिप्टो का बाजार जोखिम बेशुमार: हर चार युवाओं में से एक युवा इसमें निवेश कर रहा

Satish Singh सतीश सिंह
Updated Fri, 10 Apr 2026 07:33 AM IST
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सार

क्रिप्टो में निवेश करने से पहले इसके निवेशकों, खासकर युवाओं को इसकी तकनीकी बारीकियों को अच्छे-से समझ लेना चाहिए और ज्यादा लालच करने से बचना चाहिए।

crypto investment pattern youth taking interest amid risk
क्रिप्टो करंसी - फोटो : फ्रीपिक
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विस्तार

पीआई-42 और हैश्ड इमर्जेंट की रिपोर्ट के मुताबिक, क्रिप्टो में निवेश करने वाले 60 फीसदी से ज्यादा निवेशक 25 साल से कम उम्र के हैं। ये युवा न सिर्फ बड़ी पूंजी निवेश कर रहे हैं, बल्कि निवेश को लेकर उनके व्यवहार में भी परिपक्वता आई है, अर्थात वे गहन शोध के बाद निवेश कर रहे हैं। पहले यह आंकड़ा केवल 45 प्रतिशत था।
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भारत क्रिप्टो को अपनाने के मामले में दुनिया का एक अग्रणी देश है। आज क्रिप्टो बाजार में अनिश्चितता के बावजूद, हर चार युवाओं में से एक युवा इसमें निवेश कर रहा है, जिनमें से कुछ लाभ कमा रहे हैं और कुछ नुकसान भी उठा रहे हैं। हाल ही में, देश के क्रिप्टो वायदा (डेरिवेटिव्स) बाजार में युवाओं की भागीदारी लगभग दोगुनी हो गई है। बता दें कि क्रिप्टो डेरिवेटिव्स एक वित्तीय अनुबंध है, जिसमें निवेशक बिना क्रिप्टो खरीदे बिटकॉइन, एथेरियम आदि की भविष्य की कीमतों पर दांव लगाते हैं। इसका उद्देश्य जोखिम कम करना, हेजिंग और लीवरेज का उपयोग करके अधिक मुनाफा कमाना है। हालांकि, इसमें निवेश करना हमेशा जोखिम भरा होता है और कई बार निवेशकों को नुकसान का भी सामना करना पड़ता है।  
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डेरिवेटिव्स के अलावा, जेन जेड और मिलेनियल्स भारी रिटर्न की उम्मीद में विभिन्न मोबाइल प्लेटफॉर्म्स व एसआईपी के जरिये छोटी रकम निवेश कर रहे हैं। निवेश से पहले, युवा टेलीग्राम, एक्स (ट्विटर), और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्मों पर शोध करते हैं। यह जरूरी भी है कि क्रिप्टो की बाजार की स्थिति को समझकर ही इसमें निवेश करना चाहिए। भारत में क्रिप्टो को नियंत्रित करने के लिए कोई नियामक व्यवस्था नहीं है। हमारा देश इसे वैध मुद्रा नहीं मानता है, पर इसे अवैध घोषित भी नहीं किया गया है। सरकार इसे ‘वर्चुअल डिजिटल एसेट’ का दर्जा देती है। भारत में इसमें निवेश और व्यापार किया जा सकता है, पर इसे रुपये जैसी मुद्रा के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। 

भारत के 75 फीसदी क्रिप्टो निवेशक टियर-2, टियर-3 और टियर-4 शहरों से हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश जैसे राज्य आगे हैं। अरुणाचल प्रदेश जैसे राज्यों में भी बड़ी संख्या में युवा निवेशक क्रिप्टो के कारोबार से जुड़ रहे हैं। असम और मेघालय जैसे राज्य भी इस क्षेत्र में अग्रसर हैं। सबसे अहम बात यह है कि भारत में आज हर आठ क्रिप्टो कारोबारियों में से एक महिला है, जो दर्शाता है कि जटिल और जोखिम वाले निवेश के मामले में भी महिलाएं तेजी से आगे आ रही हैं।  
क्रिप्टो बाजार बहुत ही उतार-चढ़ाव वाला है। यह सच है कि कुछ युवा क्रिप्टो में निवेश कर लाभ कमा रहे हैं, लेकिन इससे नुकसान उठाने वालों की संख्या भी कम नहीं है। यह पूरी तरह से भाग्य पर निर्भर है। यह भी देखने में आया है कि इससे युवाओं में नकारात्मक सोच और मेहनत का मोल कम होने का माहौल बन रहा है, जिससे बिना मेहनत के अमीर बनने का विचार घर कर रहा है। 

तेज उतार-चढ़ाव के कारण, निवेशक तनाव और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करते हैं और तकनीकी ज्ञान के बिना, विशेषकर छोटे शहरों के युवा, साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं। क्रिप्टो के जानकार लगातार क्रिप्टो निवेशकों को चेतावनी दे रहे हैं कि यह उच्च-जोखिम वाला बाजार है। लिहाजा, निवेशकों को अपनी पूरी बचत इसमें निवेश करने से बचना चाहिए। कहा जा सकता है कि क्रिप्टो भारी उतार-चढ़ाव वाला सेगमेंट है। इसमें मुनाफा और नुकसान, दोनों हो सकता है, जिसका आकलन करना भी आसान नहीं है। अतः क्रिप्टो में निवेश करने से पहले इसके निवेशकों को इसकी तकनीकी बारीकियों से पूरी तरह से अवगत होना चाहिए और निवेश करते समय ज्यादा लालच करने से बचना चाहिए।    
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