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राज और नीति: किसान आंदोलन में संकट मोचक बने मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव मंडलोई
सार
भोपाल में दो दिन तक चले किसान आंदोलन को खत्म कराने में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने अहम भूमिका निभाई। मंत्रिमंडलीय समिति और किसान प्रतिनिधियों के बीच समन्वय स्थापित कर उन्होंने सहमति बनवाई। सरकार के फैसलों से संतुष्ट किसानों ने रात 11 बजे आंदोलन समाप्त कर दिया, जिससे सरकार को राहत मिली।
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राज और नीति : मप्र में सियासी और प्रशासनिक हलचल बताता कॉलम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भोपाल में दो दिन तक चले किसान आंदोलन, धरना और प्रदर्शन को समाप्त करने के पीछे सबसे महत्वपूर्ण भूमिका मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई की रही। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री ने भले ही मंत्रियों की एक समिति बनाई थी, लेकिन इस कार्य में समन्वय की दृष्टि से नीरज मंडलोई को शामिल किया था। जाहिर है वे मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के तौर पर ही वहां थे। मंत्रिमंडलीय समिति और किसान प्रतिनिधियों की बैठक में अपर मुख्य सचिव- कृषि उत्पादन आयुक्त के सी गुप्ता मौजूद नहीं थे। जबकि नीरज मंडलोई ने मौजूद रहकर ऐसा समन्वय किया कि बात बन गई। सरकार द्वारा लिए निर्णय से किसान संतुष्ट नजर आए और रात 11:00 बजे उन्होंने अपने आंदोलन को समाप्त कर दिया, तब सरकार ने राहत की सांस ली।
नए सीएस ने पहले दिन ही अपना प्रभाव दिखाया
अशोक बर्णवाल ने मुख्य सचिव का कार्यभार संभालने के अगले 24 घंटे में जिस प्रकार बड़ी प्रशासनिक सर्जरी कर डाली उससे पूरे प्रदेश में यह मैसेज चला गया कि वे प्रदेश में कुछ नया करके दिखाएंगे। बर्णवाल के बारे में कहा जाता है कि वे जहां भी रहे उन्होंने सरकार के लिए बेहतर परिणाम दिए हैं। बताया गया है कि मुख्यमंत्री से उनकी ट्यूनिंग बहुत अच्छी है। ऐसे में यह माना जा सकता है कि आने वाले समय में प्रदेश में विकास और प्रगति का नया मार्ग प्रशस्त होगा।
मध्य प्रदेश के पांच संभागों में कमिश्नर एक ही बैच के
मध्य प्रदेश में शायद पहली बार ऐसा हो रहा है जब भारतीय प्रशासनिक सेवा में एक ही बैच के पांच अधिकारी संभागीय कमिश्नर के पद पर कार्यरत हैं। उज्जैन संभाग में आशीष सिंह, इंदौर संभाग में भास्कर लक्षकार, भोपाल संभाग में कर्मवीर शर्मा, रीवा संभाग में शीलेंद्र सिंह और चंबल संभाग में सुरेश कुमार पदस्थ हैं। ये सभी 2010 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। इनमें आशीष सिंह, भास्कर लक्षकार और कर्मवीर शर्मा सीधी भर्ती के यानी आर आर अधिकारी हैं। प्रदेश के शेष पांच संभागों में संभागीय कमिश्नर का पद सुशोभित करने वाले अधिकारियों में सागर और जबलपुर में 2006 बैच के क्रमशः अनिल सुचारी और धनंजय सिंह, ग्वालियर और शहडोल में 2008 बैच के क्रमशः मनोज खत्री और सुरभि गुप्ता और नर्मदापुरम संभाग में 2009 बैच के श्रीकांत भनोट हैं।
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अस्वीकरण: यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।
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नए सीएस ने पहले दिन ही अपना प्रभाव दिखाया
अशोक बर्णवाल ने मुख्य सचिव का कार्यभार संभालने के अगले 24 घंटे में जिस प्रकार बड़ी प्रशासनिक सर्जरी कर डाली उससे पूरे प्रदेश में यह मैसेज चला गया कि वे प्रदेश में कुछ नया करके दिखाएंगे। बर्णवाल के बारे में कहा जाता है कि वे जहां भी रहे उन्होंने सरकार के लिए बेहतर परिणाम दिए हैं। बताया गया है कि मुख्यमंत्री से उनकी ट्यूनिंग बहुत अच्छी है। ऐसे में यह माना जा सकता है कि आने वाले समय में प्रदेश में विकास और प्रगति का नया मार्ग प्रशस्त होगा।
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मध्य प्रदेश के पांच संभागों में कमिश्नर एक ही बैच के
मध्य प्रदेश में शायद पहली बार ऐसा हो रहा है जब भारतीय प्रशासनिक सेवा में एक ही बैच के पांच अधिकारी संभागीय कमिश्नर के पद पर कार्यरत हैं। उज्जैन संभाग में आशीष सिंह, इंदौर संभाग में भास्कर लक्षकार, भोपाल संभाग में कर्मवीर शर्मा, रीवा संभाग में शीलेंद्र सिंह और चंबल संभाग में सुरेश कुमार पदस्थ हैं। ये सभी 2010 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। इनमें आशीष सिंह, भास्कर लक्षकार और कर्मवीर शर्मा सीधी भर्ती के यानी आर आर अधिकारी हैं। प्रदेश के शेष पांच संभागों में संभागीय कमिश्नर का पद सुशोभित करने वाले अधिकारियों में सागर और जबलपुर में 2006 बैच के क्रमशः अनिल सुचारी और धनंजय सिंह, ग्वालियर और शहडोल में 2008 बैच के क्रमशः मनोज खत्री और सुरभि गुप्ता और नर्मदापुरम संभाग में 2009 बैच के श्रीकांत भनोट हैं।
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अस्वीकरण: यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।