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दूसरी पारी: रोमांच नहीं, जोखिम को कम करें
Fri, 11 Sep 2026 07:04 AM IST
निर्मल कांत
अमर उजाला नेटवर्क
अमर उजाला नेटवर्क
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 11 Sep 2026 07:04 AM IST
सार
मेरी उम्र 70 साल है। अपनी उम्र के लोगों के साथ एक ग्रुप बनाकर घूमने जाने की योजना बना रहा हूं, लेकिन हाल में आई आपदाओं को देखकर दिल दहल जाता है। ऐसे में, क्या-क्या सावधानियां बरतूं? ग्रुप में घूमने जाने से जुड़ी चिंताओं से परेशान 70 वर्षीय हरि जी को ट्रैवल एडवाइजर गौरव कुमार ने कुछ यों सलाह दी :
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दूसरी पारी (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
उम्र के इस पड़ाव पर नई जगहें देखना, पुरानी यादें ताजा करना और सुकून के पल बिताना जीवन का सबसे खूबसूरत अनुभव हो सकता है। हालांकि, हाल में आई प्राकृतिक आपदाओं, बाढ़ व भूस्खलन की खबरों से मन में घबराहट होना भी स्वाभाविक है, खासकर तब, जब कुछ हमउम्र दोस्तों के साथ घूमने की योजना बन रही हो और मन में यह सवाल हो कि अगर रास्ते में कोई परेशानी आ गई, तो क्या होगा? लेकिन यकीन मानिए, 70 साल की उम्र में सही जगह चुनकर, कुछ जरूरी तैयारियां करके और ‘क्या होगा अगर...’ वाली स्थितियों के लिए पहले से योजना बनाकर यात्रा को काफी सुरक्षित बनाया जा सकता है।
सेहत का मिजाज समझें : यात्रा से पहले अपनी स्वास्थ्य स्थिति का आकलन करें। कोई बीमारी है या दवाइयां चल रही हैं, तो डॉक्टर से सलाह लें। यात्रा के लिए पर्याप्त दवाइयां लें और उन्हें अपने पास ही रखें। साथ ही, एक छोटी ‘मेडिकल इंफॉर्मेशन शीट’ बनाएं, जिसमें ब्लड ग्रुप, एलर्जी, दवाइयों, डॉक्टर व इमरजेंसी कॉन्टैक्ट की जानकारी हो। ऐसा ट्रैवल इंश्योरेंस लें, जिसमें प्राकृतिक आपदा के कारण यात्रा रद्द होने, आपातकालीन मेडिकल खर्च और कैशलेस हॉस्पिटलाइजेशन का पर्याप्त कवरेज हो।
सही ऑपरेटर का चुनाव : ऐसी ट्रैवल एजेंसी चुनें, जो वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष टूर आयोजित करती हो। इनके शेड्यूल में आमतौर पर भागदौड़ कम और आराम के लिए पर्याप्त समय होता है। बुकिंग से पहले यह भी पूछें कि आपात स्थिति में प्राथमिक चिकित्सा, डॉक्टर या स्थानीय सहायता की क्या व्यवस्था है। होटल में ऑन-कॉल एंबुलेंस, लिफ्ट, रैंप और सुरक्षित बाथरूम जैसी सुविधाएं हैं या नहीं, यह पहले ही सुनिश्चित कर लें। ग्रुप के लिए ऐसी गाड़ी बुक करें, जिसमें पर्याप्त लेगरूम हो। पहले से तय करें कि ट्रेन रद्द, सड़क बंद होने या होटल में समस्या आने पर विकल्प क्या होगा।
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थकान नहीं, यादें लेकर लौटें : पता करें कि जहां आप घूमने जा रहे हैं, वहां बाढ़, भूस्खलन, चक्रवात या सड़क बंद होने जैसी घटनाएं कितनी आम हैं, खासकर पहाड़ी इलाकों में। यात्रा से 10 दिन पहले से मौसम पर नजर बनाए रखें। मौसम लगातार खराब हो, तो यात्रा की तारीख बदलने में संकोच न करें। साथ ही, ऐसी जगह चुनें, जहां आवागमन सुगम हो और आसपास अच्छे अस्पताल उपलब्ध हों। एक दिन में कम जगहें देखें, पर आराम से, ताकि बिना थके यात्रा का आनंद ले सकें।
सभी की जिम्मेदारियां तय हों : ग्रुप में पहले से जिम्मेदारियां बांट दें। हर व्यक्ति के पास एक छोटा कार्ड हो, जिस पर नाम, दो मोबाइल नंबर, होटल का नाम व परिजन का नंबर लिखा हो। संभव हो, तो युवा अटेंडेंट या स्थानीय टूर कोऑर्डिनेटर रखें, जो टिकट, व्हीलचेयर, चेक-इन और भारी सामान उठाने जैसे काम संभाल सके।
सही तैयारी, आपसी सहयोग और थोड़ी सतर्कता के साथ उम्र के इस पड़ाव पर भी सफर सुरक्षित, सुकूनभरा और यादगार बनाया जा सकता है।
98 की उम्र में भी रोजाना 40 पुश-अप्स
उम्र को महज एक संख्या साबित कर रहे 98 वर्षीय बिल कोबर रोजाना 40 पुश-अप्स करते हैं। इंग्लैंड के सफोक स्थित वुडब्रिज में रहने वाले बिल कोबर सुबह 20 और शाम को 20 पुश-अप्स करना कभी नहीं भूलते। बिल कहते हैं कि अब उन्हें अपनी शारीरिक क्षमता का एहसास हुआ है, इसलिए वह उसका इस्तेमाल करना चाहते हैं। वह कहते हैं पुश-अप्स करने से ही मेरी सांसें ठीक चल रही हैं। मैं तब तक पुश-अप्स करता हूं, जब तक मैं पूरी तरह थक नहीं जाता और मुझसे और पुश-अप्स नहीं होते। कोबर का मानना है कि शरीर को सक्रिय रखना जरूरी है, वरना क्षमता धीरे-धीरे खत्म हो सकती है। फिटनेस के प्रति उनका नजरिया किसी कठिन प्रशिक्षण से ज्यादा नियमितता पर आधारित है। सेना में दो साल सेवा देने के बाद उन्होंने निर्माण कार्य और फैक्टरी में लंबे समय तक काम किया। इस तरह, उनके जीवन में शारीरिक सक्रियता हमेशा किसी न किसी रूप में बनी रही। अब उनका लक्ष्य 100 साल की उम्र तक भी पुश-अप्स करते रहना है। उनके अनुसार, फिट रहने के लिए उम्र नहीं, इच्छाशक्ति और नियमितता ज्यादा मायने रखती है।
वरिष्ठ नागरिकों के काम की संस्थाएं
हेल्प इन ह्यूमैनिटी ट्रस्ट जरूरतमंद बुजुर्गों को आवश्यक दवाइयां और जरूरी सामान उपलब्ध कराने के साथ उनके जीवन को आसान बनाने का प्रयास करता है। संस्था के ‘कला सेतु’ प्रोजेक्ट के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों को गुणवत्तापूर्ण कला शिक्षा प्रदान की जा रही है, ताकि उनकी प्रतिभा को सही दिशा और अवसर मिल सके। जो लोग समाज के लिए कुछ सार्थक करना चाहते हैं, उनके लिए यह संस्था इंटर्नशिप का अवसर भी उपलब्ध कराती है। इसके जरिये युवा और इच्छुक लोग अपने हुनर व कौशल का उपयोग संस्था के साथ जुड़कर सामाजिक बेहतरी के लिए कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए इसकी आधिकारिक वेबसाइट www.helpinhumanity.org पर या 7701996097 पर संपर्क कर सकते हैं।
जीवन की शाम अपने साथ एक ऐसा दीया लेकर आती है, जिसकी रोशनी दोपहर की धूप से ज्यादा शांत और साफ
होती है।
-थॉमस जेफरसन
दीया फाउंडेशन बुजुर्गों को भोजन, कपड़े व दवाइयां उपलब्ध करवाने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में बुजुर्गों के लिए आंखों की जांच के विशेष कैंप आयोजित करवाती है। यह बुजुर्गों को साइबर सुरक्षा के प्रति भी जागरूक करती है। अधिक जानकारी के लिए diyafoundation@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं।
जिंदगी की दूसरी पारी बहुत महत्वपूर्ण होती है। आप अपने विचार, अनुभव या समस्याएं edit@amarujala.com पर भेज सकते हैं।
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सेहत का मिजाज समझें : यात्रा से पहले अपनी स्वास्थ्य स्थिति का आकलन करें। कोई बीमारी है या दवाइयां चल रही हैं, तो डॉक्टर से सलाह लें। यात्रा के लिए पर्याप्त दवाइयां लें और उन्हें अपने पास ही रखें। साथ ही, एक छोटी ‘मेडिकल इंफॉर्मेशन शीट’ बनाएं, जिसमें ब्लड ग्रुप, एलर्जी, दवाइयों, डॉक्टर व इमरजेंसी कॉन्टैक्ट की जानकारी हो। ऐसा ट्रैवल इंश्योरेंस लें, जिसमें प्राकृतिक आपदा के कारण यात्रा रद्द होने, आपातकालीन मेडिकल खर्च और कैशलेस हॉस्पिटलाइजेशन का पर्याप्त कवरेज हो।
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सही ऑपरेटर का चुनाव : ऐसी ट्रैवल एजेंसी चुनें, जो वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष टूर आयोजित करती हो। इनके शेड्यूल में आमतौर पर भागदौड़ कम और आराम के लिए पर्याप्त समय होता है। बुकिंग से पहले यह भी पूछें कि आपात स्थिति में प्राथमिक चिकित्सा, डॉक्टर या स्थानीय सहायता की क्या व्यवस्था है। होटल में ऑन-कॉल एंबुलेंस, लिफ्ट, रैंप और सुरक्षित बाथरूम जैसी सुविधाएं हैं या नहीं, यह पहले ही सुनिश्चित कर लें। ग्रुप के लिए ऐसी गाड़ी बुक करें, जिसमें पर्याप्त लेगरूम हो। पहले से तय करें कि ट्रेन रद्द, सड़क बंद होने या होटल में समस्या आने पर विकल्प क्या होगा।
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थकान नहीं, यादें लेकर लौटें : पता करें कि जहां आप घूमने जा रहे हैं, वहां बाढ़, भूस्खलन, चक्रवात या सड़क बंद होने जैसी घटनाएं कितनी आम हैं, खासकर पहाड़ी इलाकों में। यात्रा से 10 दिन पहले से मौसम पर नजर बनाए रखें। मौसम लगातार खराब हो, तो यात्रा की तारीख बदलने में संकोच न करें। साथ ही, ऐसी जगह चुनें, जहां आवागमन सुगम हो और आसपास अच्छे अस्पताल उपलब्ध हों। एक दिन में कम जगहें देखें, पर आराम से, ताकि बिना थके यात्रा का आनंद ले सकें।
सभी की जिम्मेदारियां तय हों : ग्रुप में पहले से जिम्मेदारियां बांट दें। हर व्यक्ति के पास एक छोटा कार्ड हो, जिस पर नाम, दो मोबाइल नंबर, होटल का नाम व परिजन का नंबर लिखा हो। संभव हो, तो युवा अटेंडेंट या स्थानीय टूर कोऑर्डिनेटर रखें, जो टिकट, व्हीलचेयर, चेक-इन और भारी सामान उठाने जैसे काम संभाल सके।
सही तैयारी, आपसी सहयोग और थोड़ी सतर्कता के साथ उम्र के इस पड़ाव पर भी सफर सुरक्षित, सुकूनभरा और यादगार बनाया जा सकता है।
98 की उम्र में भी रोजाना 40 पुश-अप्स
उम्र को महज एक संख्या साबित कर रहे 98 वर्षीय बिल कोबर रोजाना 40 पुश-अप्स करते हैं। इंग्लैंड के सफोक स्थित वुडब्रिज में रहने वाले बिल कोबर सुबह 20 और शाम को 20 पुश-अप्स करना कभी नहीं भूलते। बिल कहते हैं कि अब उन्हें अपनी शारीरिक क्षमता का एहसास हुआ है, इसलिए वह उसका इस्तेमाल करना चाहते हैं। वह कहते हैं पुश-अप्स करने से ही मेरी सांसें ठीक चल रही हैं। मैं तब तक पुश-अप्स करता हूं, जब तक मैं पूरी तरह थक नहीं जाता और मुझसे और पुश-अप्स नहीं होते। कोबर का मानना है कि शरीर को सक्रिय रखना जरूरी है, वरना क्षमता धीरे-धीरे खत्म हो सकती है। फिटनेस के प्रति उनका नजरिया किसी कठिन प्रशिक्षण से ज्यादा नियमितता पर आधारित है। सेना में दो साल सेवा देने के बाद उन्होंने निर्माण कार्य और फैक्टरी में लंबे समय तक काम किया। इस तरह, उनके जीवन में शारीरिक सक्रियता हमेशा किसी न किसी रूप में बनी रही। अब उनका लक्ष्य 100 साल की उम्र तक भी पुश-अप्स करते रहना है। उनके अनुसार, फिट रहने के लिए उम्र नहीं, इच्छाशक्ति और नियमितता ज्यादा मायने रखती है।
वरिष्ठ नागरिकों के काम की संस्थाएं
हेल्प इन ह्यूमैनिटी ट्रस्ट जरूरतमंद बुजुर्गों को आवश्यक दवाइयां और जरूरी सामान उपलब्ध कराने के साथ उनके जीवन को आसान बनाने का प्रयास करता है। संस्था के ‘कला सेतु’ प्रोजेक्ट के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों को गुणवत्तापूर्ण कला शिक्षा प्रदान की जा रही है, ताकि उनकी प्रतिभा को सही दिशा और अवसर मिल सके। जो लोग समाज के लिए कुछ सार्थक करना चाहते हैं, उनके लिए यह संस्था इंटर्नशिप का अवसर भी उपलब्ध कराती है। इसके जरिये युवा और इच्छुक लोग अपने हुनर व कौशल का उपयोग संस्था के साथ जुड़कर सामाजिक बेहतरी के लिए कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए इसकी आधिकारिक वेबसाइट www.helpinhumanity.org पर या 7701996097 पर संपर्क कर सकते हैं।
जीवन की शाम अपने साथ एक ऐसा दीया लेकर आती है, जिसकी रोशनी दोपहर की धूप से ज्यादा शांत और साफ
होती है।
-थॉमस जेफरसन
दीया फाउंडेशन बुजुर्गों को भोजन, कपड़े व दवाइयां उपलब्ध करवाने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में बुजुर्गों के लिए आंखों की जांच के विशेष कैंप आयोजित करवाती है। यह बुजुर्गों को साइबर सुरक्षा के प्रति भी जागरूक करती है। अधिक जानकारी के लिए diyafoundation@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं।
जिंदगी की दूसरी पारी बहुत महत्वपूर्ण होती है। आप अपने विचार, अनुभव या समस्याएं edit@amarujala.com पर भेज सकते हैं।