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ताजपोशी: प्रिंस से किंग बने चार्ल्स, ऐतिहासिक समय पर हो रहा है सम्राट का 'तिलक'
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King Charles III
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विस्तार
ब्रिटेन के नए सम्राट चार्ल्स-तृतीय के आज होने वाले राज्याभिषेक में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी उपस्थित रहेंगे। उनके राज्याभिषेक से भारत के अनेक लोग खुश हैं, जिनसे वे अपनी भारत यात्राओं के समय मिलते रहे थे। उनकी छवि भारत मित्र की रही है। उनकी सरपरस्ती में भारत-ब्रिटेन संबंध मजबूत होने की उम्मीद है। हालांकि, ब्रिटेन में हाल की भारत विरोधी गतिविधियों के कारण संबंधों में कुछ कड़वाहट अवश्य पैदा हुई है। भारत चाहता है कि ब्रिटेन खालिस्तानियों की हरकतों पर लगाम लगाए। लंदन में खालिस्तान समर्थक समूहों के हमलों के कारण भारत ने मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर ब्रिटेन के साथ बातचीत रोक दी है। भारत खालिस्तान समर्थकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई चाहता है।
भारत सरकार ने ब्रिटेन सरकार को साफ संदेश दिया है कि वह खालिस्तान समर्थकों की सार्वजनिक निंदा के बिना इस वार्ता पर कोई प्रगति नहीं करेगी। बता दें कि बीते 19 मार्च को लंदन में इंडिया हाउस में लगे तिरंगे को खालिस्तानी समर्थकों ने नीचे उतार दिया था और दो अधिकारियों को घायल कर दिया था, जिस पर भारत सरकार ने कड़ी आपत्ति जताई थी। ब्रिटेन सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत-ब्रिटेन द्विपक्षीय व्यापारिक संबंध 2022 में 34 अरब पाउंड का था, जो एक वर्ष में 10 अरब पाउंड बढ़ गया है। अगर एफटीए पर बात बन जाती है, तो इन आंकड़ों में बड़ी वृद्धि होने की उम्मीद है।
उपराष्ट्रपति धनखड़ सम्राट चार्ल्स को भारत यात्रा का निमंत्रण देंगे। वह 1997 में दिल्ली आए थे, जब वह ब्रिटेन के प्रिंस थे। तब वह सेंट जॉन वोकेशनल सेंटर की गतिविधियों को देखने पहुंचे थे। यहां पर समाज के कमजोर तबकों से जुड़े सैकड़ों नौजवानों के लिए एयरकंडीशनिंग, मोटर मैकेनिक, ब्यूटिशियन, कारपेंटर, टेलरिंग वगैरह के कोर्स चलाए जाते हैं। दिल्ली ब्रदरहुड सोसाइटी के संस्थापकों में गांधी जी के परम सहयोगी दीनबंधु सीएफ एंड्रयूज थे। सम्राट चार्ल्स की मां राजकुमारी एलिजाबेथ 1997 में अपने भारत दौरे के समय दिल्ली आई थीं। तब वह दिल्ली ब्रदरहुड सोसाइटी के राजनिवास मार्ग स्थित ब्रदर्स हाउस भी गई थीं।
सम्राट चार्ल्स का राज्याभिषेक उस वक्त हो रहा है, जब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री भारतीय मूल के ऋषि सुनक हैं। सुनक की पत्नी भारत के प्रख्यात उद्योगपति एन नारायणमूर्ति की सुपुत्री अक्षता हैं। यह भी मानना होगा कि दोनों देशों के आपसी संबंधों को मजबूत बनाए रखने में ब्रिटेन में बसे प्रवासी भारतीयों की अहम भूमिका है। प्रवासी भारतीय ब्रिटेन के हर क्षेत्र में मौजूद हैं।
प्रिंस से किंग बने चार्ल्स पहली बार 1975 में भारत आए थे। गुजरे दशकों से जिन्हें सब प्रिंस चार्ल्स के रूप में जानते थे, वह अब किंग चार्ल्स तृतीय बन रहे हैं। वह भारत के अंतिम वायसराय लार्ड माउंटबेटन के साथ पहली बार 2 मई, 1975 को नई दिल्ली आए थे। तब उनकी उम्र मात्र 22 साल थी। उनकी उस यात्रा की एक छोटी-सी फिल्म यूट्यूब पर है।
इस बीच, मौजूदा जी-20 देशों के मंच का अध्यक्ष भारत चाहेगा कि उसे आगामी सितंबर में होने वाले शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन में ब्रिटेन का भरपूर साथ और समर्थन मिले। भारत में जी-20 शिखर सम्मेलन की तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। इसके अलावा, भारत के विभिन्न शहरों में जी-20 से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
ब्रिटेन के भारत स्थित राजदूत एलेक्जेंडर एलिस ने हाल ही में कहा भी है कि भारत में दुनिया की कई बड़ी समस्याओं को सुलझाने की क्षमता है। जी-20 की अध्यक्षता करते हुए भारत के पास मौका है कि वह दुनिया को नया और आधुनिक भारत के दर्शन कराए। भारत-ब्रिटेन विभिन्न क्षेत्रों में मिल-जुलकर काम कर रहे हैं। जी-20 के दौरान भारत के मॉडल को दूसरे देशों, खासकर विकासशील देशों के सामने रखा जा सकता है। बहरहाल, यह तय मानिए कि भारत-ब्रिटेन के संबंधों में बेहतरी आती रहेगी।