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Unity: देश को एकजुट समर्थन की जरूरत, हमारे विकास की रफ्तार पर न लगे कोई ग्रहण
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तिरंगा
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विस्तार
हमारी पृथ्वी अब 8 अरब लोगों का घर है। दिलचस्प बात यह है कि इसमें सबसे बड़ा योगदान भारत का है, जो इस साल चीन को पीछे छोड़कर दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश बन जाएगा। इस बीच विश्व आर्थिक मंच से एक बुरी खबर आई है कि इसी साल पूरी दुनिया में मंदी अपना पांव पसार लेगी। ‘प्राइस वाटर सुपरमैन’ की रिपोर्ट के अनुसार, अगला एक साल बेहद कठिन रहेगा। इस मंदी का असर भारत पर भी पड़ेगा। लगभग 140 करोड़ लोगों की रोजी-रोटी बचाने और विकास दर बढ़ाने की चुनौती रहेगी।
इससे पार पाने के लिए देशवासियों की एकजुटता ही समाधान देगी। पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का 18 महीने का कार्यकाल चुनौतियों से भरा था। उस समय भोजन का भारी संकट था और चीन से शिकस्त के बाद भारत का मनोबल उठाने की चुनौती थी। पाकिस्तान ने 1965 में भारत पर हमला बोल दिया। गरीबी के कारण भारत एक और युद्ध का सामना करने की स्थिति में नहीं था, लेकिन शास्त्री जी को देशवासियों ने पूर्ण समर्थन दिया, जिसके परिणामस्वरूप पाकिस्तान हार गया। शास्त्री जी ने कब्जा किए हुए क्षेत्र को लौटाने से मना कर दिया, तब अमेरिका और रूस ने ताशकंद समझौते का फॉर्मूला निकाला। शास्त्री जी के समय ही आर्थिक मोर्चे पर भी भारत को अलग ताकत मिली।
‘हरित क्रांति’ के जनक डॉ. एमएस स्वामीनाथन ने गेहूं उत्पादन और डॉ. वर्गीज कुरियन ने ‘श्वेत क्रांति’ के बीज बोए। उनसे पहले मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया ने बांध, भवन और मूलभूत ढांचा निर्माण उद्योग को बढ़ावा देकर विकास को स्थाई आधार दिया। 90 के दशक के बाद दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी का आगमन हुआ, आवासीय भवन निर्माण में तेजी आई, ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर देश बढ़ा और आज डिजिटल करेंसी के दौर में हम पहुंच गए हैं। समय, काल और परिस्थितियां किसी भी राष्ट्र के विकास के महत्वपूर्ण कारक हैं। कोविड-19 के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था की तेजी पर भी ब्रेक लगा, लेकिन महामारी पर नियंत्रण के बाद भारत दुनिया की सबसे तेज बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था में शामिल हो गया।
आज देश को एकजुट समर्थन की जरूरत है, ताकि हमारे विकास की रफ्तार पर कोई ग्रहण न लगे। इसलिए अब हाथों में हाथ डालकर तिरंगे की प्रेरणा से राष्ट्रीय एकता को अपनी ढाल बनाने की आवश्यकता है। यही वजह है कि ‘फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया’ ने देशवासियों को जोड़ने के लिए शपथ अभियान चला रखा है। प्रयास है कि प्रत्येक देशवासी यह समझे कि भारत सबसे पहले है। पिछले वर्ष देश के प्रति प्रेम का भाव जगाने के लिए आजादी का अमृत महोत्सव मनाया गया और अगले 25 साल अमृत काल के रूप में परिभाषित किए गए, जिसमें हमें भारत को अग्रणी राष्ट्र बनाना है।
23 जनवरी, 2004 को सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद देशवासियों को साल के 365 दिन पूरे तिरंगा फहराने की जो आजादी मिली, वो राष्ट्र को मजबूत करने के एक दायित्व के रूप में मिली। हमारा देश विविधताओं में एकता का देश है तो इस एकता के पीछे हमारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा है। तिरंगे में निहित देशभक्ति की भावना को घर-घर पहुंचाने के लिए चलाया गया फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया का अभियान देश को आजादी दिलाने वाले और देश को विकास पथ पर अग्रसर करने वालों के प्रति के योगदान के प्रति एक आभार है।
(लेखक फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया के मुख्य कार्याधिकारी हैं।)