Hindi News
›
Columns
›
Opinion
›
us-iran-ceasefire-crisis-strait-of-hormuz-and-middle-east-tensions
{"_id":"6a5588bc31c27d1a0f0f14f7","slug":"us-iran-ceasefire-crisis-strait-of-hormuz-and-middle-east-tensions-2026-07-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"संघर्ष का चक्र: अमेरिका-ईरान अविश्वास से फिर संकट में होर्मुज जलडमरूमध्य","category":{"title":"Opinion","title_hn":"विचार","slug":"opinion"}}
संघर्ष का चक्र: अमेरिका-ईरान अविश्वास से फिर संकट में होर्मुज जलडमरूमध्य
पश्चिम एशिया एक बार फिर अनिश्चित मोड़ पर खड़ा है। वाशिंगटन व तेहरान को यह समझना होगा कि स्थायी शांति के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति और कूटनीतिक संवाद जरूरी हैं। अगर हर सैन्य कार्रवाई का जवाब उससे अधिक तीव्र हमले से दिया जाएगा, तो संघर्ष का यह चक्र खत्म होने से रहा।
आगे पढ़ने के लिए लॉगिन या रजिस्टर करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमेरिका और ईरान के बीच बड़ी मुश्किल से हुआ युद्धविराम जिस तेजी से अविश्वास और जवाबी हमलों के बोझ तले दरकता दिख रहा है, उसने यह स्पष्ट कर दिया है कि सिर्फ युद्ध रोक देने भर से शांति स्थापित नहीं होती। उल्लेखनीय है कि पिछले महीने राष्ट्रपति ट्रंप और उनके ईरानी समकक्ष के बीच हुए एक शुरुआती युद्धविराम समझौते की व्याख्या को लेकर तभी से मतभेद थे। तेहरान का दावा था कि समझौते से उसे होर्मुज पर अधिक नियंत्रण का अधिकार मिला है, जबकि अमेरिका लगातार इसे सभी जहाजों के लिए खुला रखने की बात करता रहा है। समझौते में इस अस्पष्टता पर शुरुआत से ही जताई जा रही आशंकाएं अब खुलकर सामने आ रही हैं। पिछले कुछ दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच जवाबी हमलों के संदर्भ में सर्वाधिक चिंता की बात यह है कि दोनों पक्ष पीछे हटने का कोई संकेत नहीं दे रहे हैं, जिससे पूरा क्षेत्र पहले से कहीं अधिक तेजी से अनिश्चितता की ओर बढ़ रहा है। समुद्री डाटा फर्म केप्लर के अनुसार, होर्मुज से रोजाना होने वाले जहाजों का आवागमन, जो अमूमन दुनिया के तेल का पांचवां हिस्सा ले जाता है, अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। आंकड़ों के अनुसार, युद्ध से पहले यहां से रोजाना 130 से अधिक जहाज गुजरते थे, लेकिन रविवार को सिर्फ 14 जहाज ही यहां से गुजरे। जिस तरह से ओमान तट के पास एक मालवाहक जहाज को निशाना बनाया गया, वह दिखाता है कि पिछले कुछ हफ्तों में वाणिज्यिक जहाजों को होर्मुज से गुजरने को लेकर सुरक्षा का जो भरोसा मिला था, वह अब खत्म हो चुका है। हाल के दिनों में ईरान के भीतर के कट्टरपंथी नेता अमेरिका के प्रति अपने सख्त रुख को लेकर जिस तरह अधिक मुखर हुए हैं और अमेरिका से बदला लेने की बात कर रहे हैं, वह भी पश्चिम एशिया के माहौल के जल्द सुधरने की उम्मीदों को कम करने वाला है। दूसरी तरफ, ट्रंप द्वारा अमेरिका को होर्मुज का संरक्षक बताते हुए इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा के बदले शुल्क वसूलने की बात करना भी विवाद को नया आयाम देने वाला ही है। इस पूरे घटनाक्रम की सबसे बड़ी विफलता यह है कि युद्धविराम को स्थायी शांति की दिशा में बदलने के लिए जिस राजनीतिक इच्छाशक्ति और कूटनीतिक संवाद की जरूरत थी, उसका अभाव दोनों पक्षों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। कोई भी युद्धविराम तब तक टिकाऊ नहीं हो सकता, जब तक उसके पीछे विश्वास निर्माण की ठोस प्रक्रिया न हो। अगर हर सैन्य कार्रवाई का जवाब उससे अधिक तीव्र हमले से दिया जाएगा, तो पश्चिम एशिया में संघर्ष का यह चक्र खत्म होने से रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।