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खुद के बुने जाल में फंसा BCB: तनाव के बीच क्या पाकिस्तान में सुरक्षित होंगे बांग्लादेशी? PSL में खेलने पर संशय
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कराची
Published by: Swapnil Shashank
Updated Fri, 20 Mar 2026 01:05 PM IST
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सार
पाकिस्तान में तनाव के चलते बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने पीएसएल में खिलाड़ियों की भागीदारी पर बड़ा फैसला लिया है। अब खिलाड़ियों को भेजने से पहले सरकार से मंजूरी ली जाएगी। फिलहाल आंशिक एनओसी दिया गया है, लेकिन अंतिम निर्णय सुरक्षा हालात और सरकार की अनुमति पर निर्भर करेगा।
बांग्लादेश टीम
- फोटो : ANI
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विस्तार
पाकिस्तान में जारी क्षेत्रीय तनाव के बीच पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) 2026 में बांग्लादेशी खिलाड़ियों की भागीदारी पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने साफ कर दिया है कि अब खिलाड़ियों को पाकिस्तान भेजने से पहले सरकार से अनुमति ली जाएगी। हालांकि खिलाड़ियों को पहले ही एनओसी दिया जा चुका था, लेकिन मौजूदा हालात ने स्थिति बदल दी है।
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किन खिलाड़ियों पर असर?
इस फैसले से कुल छह बांग्लादेशी खिलाड़ी प्रभावित हो सकते हैं। इनमें मुस्तफिजुर रहमान और परवेज हुसैन इमोन (लाहौर कलंदर्स) शामिल हैं। वहीं शोरिफुल इस्लाम, नाहिद राणा, तंजीद हसन तमीम और रिशाद हुसैन पेशावर जाल्मी टीम का हिस्सा हैं।
इस फैसले से कुल छह बांग्लादेशी खिलाड़ी प्रभावित हो सकते हैं। इनमें मुस्तफिजुर रहमान और परवेज हुसैन इमोन (लाहौर कलंदर्स) शामिल हैं। वहीं शोरिफुल इस्लाम, नाहिद राणा, तंजीद हसन तमीम और रिशाद हुसैन पेशावर जाल्मी टीम का हिस्सा हैं।
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BCB का बड़ा बयान
बीसीबी के क्रिकेट ऑपरेशंस चेयरमैन नजमुल अबेदिन ने साफ किया कि मौजूदा हालात सामान्य नहीं हैं। उन्होंने कहा, 'हम अपने खिलाड़ियों को पीएसएल में भेजने से पहले सरकार से अनुमति जरूर लेंगे। सामान्य परिस्थितियों में इसकी जरूरत नहीं होती, लेकिन अभी खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर जोखिम है।' उन्होंने आगे कहा, 'हम सरकार से यह जानना चाहेंगे कि वहां जाना सुरक्षित है या नहीं। उसी आधार पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।'
बीसीबी के क्रिकेट ऑपरेशंस चेयरमैन नजमुल अबेदिन ने साफ किया कि मौजूदा हालात सामान्य नहीं हैं। उन्होंने कहा, 'हम अपने खिलाड़ियों को पीएसएल में भेजने से पहले सरकार से अनुमति जरूर लेंगे। सामान्य परिस्थितियों में इसकी जरूरत नहीं होती, लेकिन अभी खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर जोखिम है।' उन्होंने आगे कहा, 'हम सरकार से यह जानना चाहेंगे कि वहां जाना सुरक्षित है या नहीं। उसी आधार पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।'
सरकार के फैसले पर टिकी नजर
नजमुल अबेदीन ने यह भी स्पष्ट किया कि बोर्ड खुद स्थिति का आकलन नहीं कर सकता। उन्होंने कहा, 'वहां की स्थिति को समझना हमारे लिए आसान नहीं है। सरकार ही बेहतर तरीके से इसका आकलन कर सकती है। अगर सरकार हरी झंडी देती है, तो खिलाड़ी जाएंगे।' इस बयान से साफ है कि अंतिम फैसला पूरी तरह सरकार के रुख पर निर्भर करेगा।
नजमुल अबेदीन ने यह भी स्पष्ट किया कि बोर्ड खुद स्थिति का आकलन नहीं कर सकता। उन्होंने कहा, 'वहां की स्थिति को समझना हमारे लिए आसान नहीं है। सरकार ही बेहतर तरीके से इसका आकलन कर सकती है। अगर सरकार हरी झंडी देती है, तो खिलाड़ी जाएंगे।' इस बयान से साफ है कि अंतिम फैसला पूरी तरह सरकार के रुख पर निर्भर करेगा।
न्यूजीलैंड सीरीज से टकराव
अगर बांग्लादेशी खिलाड़ी पीएसएल में हिस्सा लेते हैं, तो उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली सीरीज की तैयारियों से दूर रहना पड़ सकता है। मार्च के अंत में शुरू होने वाली इस सीरीज में तीन वनडे और तीन टी20 मैच खेले जाएंगे। ऐसे में बोर्ड ने संतुलन बनाने के लिए आंशिक एनओसी जारी किए हैं।
अगर बांग्लादेशी खिलाड़ी पीएसएल में हिस्सा लेते हैं, तो उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली सीरीज की तैयारियों से दूर रहना पड़ सकता है। मार्च के अंत में शुरू होने वाली इस सीरीज में तीन वनडे और तीन टी20 मैच खेले जाएंगे। ऐसे में बोर्ड ने संतुलन बनाने के लिए आंशिक एनओसी जारी किए हैं।
आंशिक NOC का प्लान
बीसीबी ने खिलाड़ियों को पूरी छूट देने के बजाय पार्शिलय एनओसी दिया है, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय सीरीज के लिए उपलब्ध रह सकें। मुस्तफिजुर रहमान को 26 मार्च से 12 अप्रैल और 24 अप्रैल से तीन मई तक, तंजीद, शोरिफुल, राणा और रिशाद को 12 अप्रैल तक, परवेज हुसैन को 21 अप्रैल तक के लिए एनओसी प्राप्त है। इससे साफ है कि बोर्ड पीएसएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है।
बीसीबी ने खिलाड़ियों को पूरी छूट देने के बजाय पार्शिलय एनओसी दिया है, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय सीरीज के लिए उपलब्ध रह सकें। मुस्तफिजुर रहमान को 26 मार्च से 12 अप्रैल और 24 अप्रैल से तीन मई तक, तंजीद, शोरिफुल, राणा और रिशाद को 12 अप्रैल तक, परवेज हुसैन को 21 अप्रैल तक के लिए एनओसी प्राप्त है। इससे साफ है कि बोर्ड पीएसएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है।
क्या PSL पर पड़ेगा असर?
हालांकि अभी तक अन्य विदेशी खिलाड़ियों ने अपनी अनुपलब्धता जाहिर नहीं की है, लेकिन बांग्लादेशी खिलाड़ियों पर बना सस्पेंस पीएसएल के लिए चिंता का विषय बन सकता है। अगर हालात और बिगड़ते हैं, तो अन्य देशों के खिलाड़ी भी अपने फैसले पर पुनर्विचार कर सकते हैं।
हालांकि अभी तक अन्य विदेशी खिलाड़ियों ने अपनी अनुपलब्धता जाहिर नहीं की है, लेकिन बांग्लादेशी खिलाड़ियों पर बना सस्पेंस पीएसएल के लिए चिंता का विषय बन सकता है। अगर हालात और बिगड़ते हैं, तो अन्य देशों के खिलाड़ी भी अपने फैसले पर पुनर्विचार कर सकते हैं।