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Cricket Memories: जब कपिल देव ने खरीदा 'चोरी का जैकेट', पुलिस के डर से भागते हुए पहुंचे होटल; पढ़ें पूरी कहानी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Mon, 25 May 2026 10:38 AM IST
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सार
पूर्व क्रिकेटर कपिल देव ने दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान लंदन का मजेदार किस्सा सुनाया, जब उन्होंने दोस्त हरविंदर सिंह सिक्का के साथ शक होने के बावजूद 'चोरी का जैकेट' खरीद लिया था। उन्होंने बच्चों की रीलबाजी पर भी चिंता जताते हुए कहा कि पैरेंट्स को पढ़ने की आदत बढ़ानी चाहिए।
कपिल देव
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव ने दिल्ली में आयोजित एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के दौरान अपने जीवन से जुड़ा एक मजेदार और दिलचस्प किस्सा साझा किया। यह किस्सा उस समय का है जब वह अपने दोस्त और पूर्व नौसेना अधिकारी हरविंदर सिंह सिक्का के साथ लंदन गए थे।
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कपिल देव ने बताई पूरी कहानी
कपिल देव ने बताया कि लंदन की सड़क पर एक व्यक्ति उनसे मिला और उसने 50 पाउंड की मदद मांगी। बदले में वह अपने पास मौजूद दो लेदर जैकेट देने की पेशकश करने लगा। कपिल को शुरुआत से ही शक था कि जैकेट चोरी के हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि वह लगातार हरविंदर सिंह सिक्का को इशारे से मना कर रहे थे, लेकिन सिक्का उस व्यक्ति की मदद करना चाहते थे। आखिरकार दोनों ने 50 पाउंड देकर जैकेट खरीद लिया।
कपिल देव ने बताया कि लंदन की सड़क पर एक व्यक्ति उनसे मिला और उसने 50 पाउंड की मदद मांगी। बदले में वह अपने पास मौजूद दो लेदर जैकेट देने की पेशकश करने लगा। कपिल को शुरुआत से ही शक था कि जैकेट चोरी के हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि वह लगातार हरविंदर सिंह सिक्का को इशारे से मना कर रहे थे, लेकिन सिक्का उस व्यक्ति की मदद करना चाहते थे। आखिरकार दोनों ने 50 पाउंड देकर जैकेट खरीद लिया।
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जैकट खरीदकर खुश थे कपिल
कपिल देव ने हंसते हुए बताया कि जैकेट खरीदने के बाद सिक्का काफी खुश थे और बार-बार कह रहे थे कि “जैकेट सच में असली लेदर का है।” लेकिन दूसरी तरफ कपिल लगातार डरे हुए थे। उन्हें लग रहा था कि कहीं पुलिस उन्हें पकड़ न ले। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह पूरे रास्ते सिर्फ यही बोलते रहे कि “जल्दी होटल पहुंचो।” दोनों डरते-डरते होटल पहुंचे क्योंकि उन्हें गिरफ्तारी का डर सता रहा था। कपिल देव ने यह किस्सा नई दिल्ली में हरविंदर सिंह सिक्का की नई स्पाई थ्रिलर किताब ‘द चाबी मास्टर’ के विमोचन कार्यक्रम के दौरान सुनाया।कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस मनमोहन, पूर्व क्रिकेटर कपिल देव, फिल्म निर्देशक बोनी कपूर, लेखक शिव खेड़ा और जय मदान समेत कई लोग मौजूद रहे।
कपिल देव ने हंसते हुए बताया कि जैकेट खरीदने के बाद सिक्का काफी खुश थे और बार-बार कह रहे थे कि “जैकेट सच में असली लेदर का है।” लेकिन दूसरी तरफ कपिल लगातार डरे हुए थे। उन्हें लग रहा था कि कहीं पुलिस उन्हें पकड़ न ले। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह पूरे रास्ते सिर्फ यही बोलते रहे कि “जल्दी होटल पहुंचो।” दोनों डरते-डरते होटल पहुंचे क्योंकि उन्हें गिरफ्तारी का डर सता रहा था। कपिल देव ने यह किस्सा नई दिल्ली में हरविंदर सिंह सिक्का की नई स्पाई थ्रिलर किताब ‘द चाबी मास्टर’ के विमोचन कार्यक्रम के दौरान सुनाया।कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस मनमोहन, पूर्व क्रिकेटर कपिल देव, फिल्म निर्देशक बोनी कपूर, लेखक शिव खेड़ा और जय मदान समेत कई लोग मौजूद रहे।
बच्चों की रीलबाजी से परेशान हुए कपिल देव
इस दौरान कपिल देव ने बच्चों की रीलबाजी पर चिंता जताई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बहुत सी अच्छी पुस्तकें आ रहीं हैं, लेकिन आज की युवा पीढ़ी पढ़ना भूल चुकी है। युवा रीलबाजी के चक्कर में पड़ी हुई है। पैरेंट्स को इन्हें किताबों के लिए प्रेरित करना चाहिए।
इस दौरान कपिल देव ने बच्चों की रीलबाजी पर चिंता जताई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बहुत सी अच्छी पुस्तकें आ रहीं हैं, लेकिन आज की युवा पीढ़ी पढ़ना भूल चुकी है। युवा रीलबाजी के चक्कर में पड़ी हुई है। पैरेंट्स को इन्हें किताबों के लिए प्रेरित करना चाहिए।
हरविंदर की किताब पर बन चुकी है फिल्म
‘द चाबी मास्टर’ में हरविंदर सिंह सिक्का ने अपने नौसेना जीवन के अनुभवों और खुफिया दुनिया की झलक को साझा किया है। सिक्का इससे पहले अपने चर्चित उपन्यास कॉलिंग सहमत के लिए चर्चा में रहे हैं, जिस पर फिल्म राजी बनी है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिक्का ने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए कई ऐसे अनसुने लोग काम करते हैं, जिनका योगदान सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आ पाता। उन्होंने बताया कि ‘द चाबी मास्टर’ ऐसे ही एक गुमनाम रॉ अधिकारी की कहानी है, जिसमें वास्तविक खुफिया अनुभवों और गुप्त अभियानों से प्रेरित घटनाएं शामिल हैं।
‘द चाबी मास्टर’ में हरविंदर सिंह सिक्का ने अपने नौसेना जीवन के अनुभवों और खुफिया दुनिया की झलक को साझा किया है। सिक्का इससे पहले अपने चर्चित उपन्यास कॉलिंग सहमत के लिए चर्चा में रहे हैं, जिस पर फिल्म राजी बनी है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिक्का ने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए कई ऐसे अनसुने लोग काम करते हैं, जिनका योगदान सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आ पाता। उन्होंने बताया कि ‘द चाबी मास्टर’ ऐसे ही एक गुमनाम रॉ अधिकारी की कहानी है, जिसमें वास्तविक खुफिया अनुभवों और गुप्त अभियानों से प्रेरित घटनाएं शामिल हैं।
द चाबी मास्टर पर भी बन सकती है फिल्म
फिल्म निर्माता बोनी कपूर ने कहा कि जिस तरह ‘राजी’ दर्शकों के बीच सफल रही थी, उसी तरह ‘द चाबी मास्टर’ में भी बड़े पर्दे पर सफल फिल्म बनने की क्षमता है। समारोह के दौरान सिक्का ने नौसेना में अपने कार्यकाल और खुफिया अभियानों से जुड़े कई अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि इस उपन्यास में रहस्य, रणनीति, देशभक्ति और मानवीय संवेदनाओं के साथ खुफिया अधिकारियों के सामने आने वाली नैतिक चुनौतियों को भी दिखाने की कोशिश की गई है। अपने संबोधन में नौसेना प्रमुख दिनेश त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय नौसेना अपने अधिकारियों को कठिन परिस्थितियों में निर्णय लेने और मानसिक मजबूती के लिए तैयार करती है। उन्होंने कहा कि यही प्रशिक्षण आगे जाकर खुफिया अभियानों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
फिल्म निर्माता बोनी कपूर ने कहा कि जिस तरह ‘राजी’ दर्शकों के बीच सफल रही थी, उसी तरह ‘द चाबी मास्टर’ में भी बड़े पर्दे पर सफल फिल्म बनने की क्षमता है। समारोह के दौरान सिक्का ने नौसेना में अपने कार्यकाल और खुफिया अभियानों से जुड़े कई अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि इस उपन्यास में रहस्य, रणनीति, देशभक्ति और मानवीय संवेदनाओं के साथ खुफिया अधिकारियों के सामने आने वाली नैतिक चुनौतियों को भी दिखाने की कोशिश की गई है। अपने संबोधन में नौसेना प्रमुख दिनेश त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय नौसेना अपने अधिकारियों को कठिन परिस्थितियों में निर्णय लेने और मानसिक मजबूती के लिए तैयार करती है। उन्होंने कहा कि यही प्रशिक्षण आगे जाकर खुफिया अभियानों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।