सौरव गांगुली की गिनती टीम इंडिया के सफलतम कप्तान में की जाती है। 'प्रिंस ऑफ कोलकाता' रविवार को अपना 46वां जन्मदिन मना रहे हैं। 8 जुलाई, 1972 को कोलकाता के बेहला में जन्में 'दादा' ने अपनी कप्तानी में न सिर्फ टीम इंडिया को ऊंचाइयों पर पहुंचाया बल्कि युवा खिलाड़ियों को हमेशा प्रेरित किया।
बर्थडे स्पेशल: सौरव गांगुली ने तराशे हैं ये 5 कोहिनूर, एक ने तो आगे चलकर रचा इतिहास
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सौरव ने हमेशा युवा खिलाड़ियों को आगे करने की बात की और यही वजह रही कि उनकी कप्तानी में भारत को कई युवा खिलाड़ी मिले, जिन्होंने आगे चलकर टीम इंडिया को कई मैच जिताए। 'महाराज' के जन्मदिन के मौके पर आइए आपको रूबरू करवाते हैं ऐसे ही पांच खिलाड़ियों से जो सौरव की कप्तानी में निखर कर आज स्टार बन चुके हैं।
हरभजन सिंह:
हरभजन सिंह की कामयाबी किसी ने छिपी नहीं। टीम इंडिया को कई यादगार मैच जिताने वाले हरभजन सिंह की बुलंदियों का श्रेय सौरव गांगुली को जाता है। टर्बनेटर के नाम से मशहूर भज्जी तब सुर्खियों में आए जब उन्होंने साल 2001 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई टेस्ट सीरीज में तीन टेस्ट में 32 विकेट झटक डाले। इसके पहले सौरव गांगुली हरभजन को टीम में शामिल करने को लेकर चयनकर्ताओं तक से भिड़ चुके थे। खुद हरभजन ने कई बार इस बात को कबूला कि 'दादा' के विश्वास के बिना वह कुछ नहीं कर पाते।
जहीर खान:
जहीर खान के अंदर वो सारे गुण थे जो उन्हें क्रिकेट जगत में ऊंचाईयों तक पहुंचा सकते थे, बस जरूरत थी तो उन्हें निखारने की। सौरव गांगुली ने न सिर्फ जहीर पर भरोसा जताया बल्कि हर उस मौके पर उनका साथ दिया, जहां जहीर को जरूरत थी। गांगुली की कप्तानी में डेब्यू करने वाले जहीर टेस्ट में भारत की ओर से सर्वाधिक विकेट लेने वाले दूसरे सबसे सफल तेज गेंदबाज हैं। वनडे में भी उनके नाम 269 विकेट हैं। 'जैक' ने 2011 विश्वकप में बेहतरीन गेंदबाजी की थी और भारत को विश्वचैंपियन बनाने में मदद की थी।
वीरेंद्र सहवाग:
क्या आपको पता है कि सहवाग को भी गांगुली की ही खोज मानी जाती है। कभी 5-6 नंबर पर बल्लेबाजी करने वाले वीरू से दादा ने ही ओपनिंग करवाई। अब दुनिया उन्हें विश्व क्रिकेट के सर्वकालिक विस्फोटक बल्लेबाज के रूप में जानती है। करियर के शुरुआती क्षणों में सौरव ने सहवाग का बहुत साथ दिया था। जिसकी बदौलत टीम इंडिया को सहवाग के रूप में एक आक्रामक बल्लेबाज मिल पाया।