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T20 World Cup: अभिषेक पर किस तरह भरोसा रहा कायम? गंभीर ने दिया जवाब; सैमसन को प्लेइंग-11 में लेने की वजह बताई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sovit Chaturvedi
Updated Sun, 15 Mar 2026 02:12 PM IST
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सार
भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने बताया है कि टीम प्रबंधन ने अभिषेक शर्मा का क्यों समर्थन किया। वहीं, उन्होंने संजू सैमसन को प्लेइंग-11 में जगह देने पर भी राय रखी। आइए जानते हैं गंभीर ने क्या कहा...
गौतम गंभीर
- फोटो : IANS
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विस्तार
टी20 विश्व का खिताब भारतीय टीम ने जीत लिया था और अब खिलाड़ी आईपीएल 2026 की तैयारियों में जुट गए हैं। इस बीच भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने बताया है कि लगातार रन बनाने के लिए जूझ रहे अभिषेक शर्मा पर किस तरह भरोसा कायम रहा। वहीं, कोच ने संजू सैमसन को प्लेइंग-11 में शामिल करने की वजह का खुलासा भी किया।
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अभिषेक टूर्नामेंट के पहले तीन मैच में खाता भी नहीं खोल पाए थे लेकिन उन्होंने इसके बाद दो अर्धशतक लगाए जिनमें फाइनल में लगाया गया अर्धशतक भी शामिल है। अभिषेक की खराब फॉर्म को देखकर यह चर्चा भी उठने लगी थी कि क्या इस सलामी बल्लेबाज को प्लेइंग-11 से बाहर बैठाया जाएगा? लेकिन टीम प्रबंधन ने अभिषेक पर भरोसा कायम रखा और फाइनल में उन्होंने अपना दिखाया जिससे टीम न्यूजीलैंड को हराकर खिताब बरकरार रखने में सफल रही।
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अभिषेक का बढ़ाया था मनोबल
गंभीर ने अभिषेक का समर्थन करने पर कहा, आईपीएल 2014 में मेरा अनुभव उससे भी बदतर रहा था जब मैं लगातार चार मैचों में शून्य पर आउट हुआ। मैंने उससे बस इतना कहा था कि लोग आपके स्कोर देखेंगे और आपकी फॉर्म के बारे में बात करेंगे, लेकिन असल में आप खराब फॉर्म नहीं हो, बस रन नहीं बना पा रहे हैं। आपकी फॉर्म का सही आकलन तभी हो सकता है जब आप 20 से 30 गेंदें खेल चुके हों और उसने अभी तक 20 गेंदें भी नहीं खेली हैं। मैं बस यही चाहता था कि वह हर अगले मैच में पिछले मैच की तुलना में अधिक आक्रामक होकर खेले। अभिषेक को लेकर कोई संदेह नहीं था। सच कहूं तो हम सभी को टी20 विश्व कप में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुने गए प्रत्येक खिलाड़ी पर पूरा भरोसा था।
गंभीर ने अभिषेक का समर्थन करने पर कहा, आईपीएल 2014 में मेरा अनुभव उससे भी बदतर रहा था जब मैं लगातार चार मैचों में शून्य पर आउट हुआ। मैंने उससे बस इतना कहा था कि लोग आपके स्कोर देखेंगे और आपकी फॉर्म के बारे में बात करेंगे, लेकिन असल में आप खराब फॉर्म नहीं हो, बस रन नहीं बना पा रहे हैं। आपकी फॉर्म का सही आकलन तभी हो सकता है जब आप 20 से 30 गेंदें खेल चुके हों और उसने अभी तक 20 गेंदें भी नहीं खेली हैं। मैं बस यही चाहता था कि वह हर अगले मैच में पिछले मैच की तुलना में अधिक आक्रामक होकर खेले। अभिषेक को लेकर कोई संदेह नहीं था। सच कहूं तो हम सभी को टी20 विश्व कप में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुने गए प्रत्येक खिलाड़ी पर पूरा भरोसा था।
गंभीर बोले- पावरप्ले में ही मैच छीन सकते हैं संजू
गंभीर ने सैमसन की भी जमकर तारीफ की। आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप के अंतिम चरण में सैमसन ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने सेमीफाइनल और फाइनल में तूफानी अंदाज में अर्धशतक जड़कर भारत को रिकॉर्ड तीसरी बार खिताब जीतने में मदद की। गंभीर ने कहा कि जब संजू सैमसन अपनी फॉर्म में होते हैं तो वह पावरप्ले में ही विपक्षी टीम से मैच छीन सकते हैं। गंभीर ने कहा, हम जानते हैं कि संजू क्या कर सकता है। उसकी प्रतिभा और विस्फोटक बल्लेबाजी पर कभी कोई संदेह नहीं था। अगर वह लय में आ जाए तो पहले छह ओवरों में ही मैच जिता सकता है।
गंभीर ने सैमसन की भी जमकर तारीफ की। आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप के अंतिम चरण में सैमसन ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने सेमीफाइनल और फाइनल में तूफानी अंदाज में अर्धशतक जड़कर भारत को रिकॉर्ड तीसरी बार खिताब जीतने में मदद की। गंभीर ने कहा कि जब संजू सैमसन अपनी फॉर्म में होते हैं तो वह पावरप्ले में ही विपक्षी टीम से मैच छीन सकते हैं। गंभीर ने कहा, हम जानते हैं कि संजू क्या कर सकता है। उसकी प्रतिभा और विस्फोटक बल्लेबाजी पर कभी कोई संदेह नहीं था। अगर वह लय में आ जाए तो पहले छह ओवरों में ही मैच जिता सकता है।
किस तरह सैमसन को मिला मौका?
सैमसन का विश्व कप से पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था और इसलिए उन्हें आईसीसी टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली थी। लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ करो या मरो के मैच में मौका मिलने पर सैमसन ने 15 गेंदों में 24 रन बनाकर लय हासिल की और इसके बाद अगले तीन मैच में नाबाद 97, 89 रन और 89 रन बनाए। गंभीर ने कहा, मैंने उसे जिम में यह बात बताई। दरअसल हम दोनों साथ में ट्रेनिंग कर रहे थे और मैंने उसे बस इतना बताया कि तुम जिम्बाब्वे के खिलाफ खेलोगे और उसने कहा कि ठीक है। हमारी बातचीत कुछ इसी तरह से अनौपचारिक होती है। यह किसी मुख्य कोच और खिलाड़ी के रिश्ते जैसा नहीं है। यह एक ऐसा रिश्ता है जिसमें हमारी आमने-सामने की अधिकतर बातचीत अभ्यास सत्रों के दौरान होती है।
सैमसन का विश्व कप से पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था और इसलिए उन्हें आईसीसी टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली थी। लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ करो या मरो के मैच में मौका मिलने पर सैमसन ने 15 गेंदों में 24 रन बनाकर लय हासिल की और इसके बाद अगले तीन मैच में नाबाद 97, 89 रन और 89 रन बनाए। गंभीर ने कहा, मैंने उसे जिम में यह बात बताई। दरअसल हम दोनों साथ में ट्रेनिंग कर रहे थे और मैंने उसे बस इतना बताया कि तुम जिम्बाब्वे के खिलाफ खेलोगे और उसने कहा कि ठीक है। हमारी बातचीत कुछ इसी तरह से अनौपचारिक होती है। यह किसी मुख्य कोच और खिलाड़ी के रिश्ते जैसा नहीं है। यह एक ऐसा रिश्ता है जिसमें हमारी आमने-सामने की अधिकतर बातचीत अभ्यास सत्रों के दौरान होती है।