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अगर तब होता IPL तो इन 10 क्रिकेटर्स पर बरसता पैसा, कपिल-श्रीकांत को मिलती मुंह मांगी कीमत

Sat, 18 Apr 2020 03:15 PM IST
Rajeev Rai स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला Published by: Rajeev Rai Updated Sat, 18 Apr 2020 03:15 PM IST
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If the IPL was in the 80-90s, then money was spent on old players
कपिल देव, श्रीकांत और विनोद कांबली - फोटो : ट्विटर

अस्सी और नब्बे के दशक के क्रिकेटर कभी आईपीएल जैसे ग्लैमर और चकाचौंध वाले टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं बन पाए। कल्पना कीजिए यदि आज के दौर में वे खेल रहे होते तो फ्रेंचाइजी टीमें उन पर अच्छी खासी रकम खर्च करने को तैयार रहती। उदाहरण के लिए कृष श्रीकांत को ही देखिए, क्या वह बिना हेलमेट के पैट कमिंस के बाउंसर पर करारा शॉट लगा सकते थे? बेन स्टोक्स के बारे में क्या सोचेंगे? वह मनोज प्रभाकर की धीमी गति की गेंद को कैसे खेलते? अगर कपिल देव को 19वें ओवर में जसप्रीत बुमराह का सामना करना पड़ा, तो मुंबई इंडियंस का यह गेंदबाज पूर्व भारतीय दिग्गज का कैसी गेंद डालता।

If the IPL was in the 80-90s, then money was spent on old players
कपिल देव (लॉर्ड्स) - फोटो : ESPN

कपिल देव

शायद भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े हरफनमौला खिलाड़ी। भारत के सर्वश्रेष्ठ स्विंग गेंदबाजों में से एक और ऐसा बल्लेबाज जो बड़े छक्के लगाने मे माहिर हो। वह नयी गेंद से गेंदबाजी की शुरूआत करने के बाद बीच के ओवरों और आखिरी ओवरों में भी गेंद डाल सकते थे। बल्ले से भी आखिरी ओवरों में गेंद को सीमा रेखा से पार पहुंचाने में उन्हें ज्यादा परेशानी नहीं होती। किसी भी टीम को इस 'हरियाणा हरिकेन' के लिए चेक बुक पर अंकों की संख्या बढ़ाने में परेशानी नहीं होती।

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कृष्माचारी श्रीकांत - फोटो : सोशल मीडिया

कृष्णामाचारी श्रीकांत

वह अपनी पीढ़ी से आगे के खिलाड़ी थे। उनकी आक्रामक शैली दर्शकों को मैदान तक खींच लाती थी। वह बिना हेलमेट के एंडी रॉबर्ट्स की गेंद पर पुल शॉट खेल कर छक्का लगाते थे तो पैट्रिक पैटरसन पर हुक कर के गेंद को सीमा रेखा के पार पहुंचाते थे। उस दौर (80 के दशक) में भी वह लगभग 100 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते थे। शायद चेन्नई सुपरकिंग्स उन्हें टीम से जोड़ने के मामले में दूसरी फ्रेंचाइजी को पीछे छोड़ देती।

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If the IPL was in the 80-90s, then money was spent on old players
विनोद कांबली - फोटो : getty

विनोद कांबली

ऐसा क्रिकेटर जो आज के दौर के आईपीएल के लिए बना था। बल्लेबाजी कौशल के साथ युवाओं को आकर्षित करने वाला पहनावा उन्हें इस प्रारूप में सुपरहिट बनाता। 90 के दशक में वह हार्दिक पंड्या जैसे आज के क्रिकेटरों से 10 गुना अधिक आगे थे। स्पिनरों के खिलाफ बड़े शॉट खेलने की उनमें गजब की क्षमता थी। मुंबई इंडियंस में वह सचिन तेंदुलकर के साथ बल्लेबाजी करते दिख सकते थे।

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If the IPL was in the 80-90s, then money was spent on old players

मोहम्मद अजहरुद्दीन

कलाई के इस जादूगर को शुरुआती कुछ ओवरों के बाद मध्यक्रम में गेंद को क्षेत्ररक्षकों के बीच में खेलकर चौका लगाना या तेजी से दौड़कर से रन जुटाने में कोई परेशानी नहीं होती। स्पिनरों के खिलाफ कमाल का फुटवर्क उन्हें अलग श्रेणी में ले जाता है। फिटनेस और क्षेत्ररक्षण में हर मैच में 15 रन बचाने की क्षमता और नेतृत्व करने की काबिलियत उन्हें दूसरे से अलग बनाती। हैदराबाद (घरेलू टीम) या कोलकाता (पसंदीदा मैदान) की फ्रेंचाइजी को उन्हें टीम से जोड़ने में कोई परेशानी नहीं होती।

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