{"_id":"6a37f773fcc390f0c70616da","slug":"ind-a-vs-sl-a-vaibhav-sooryavanshi-speaks-after-final-knock-against-sri-lanka-a-know-2026-06-21","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Vaibhav Sooryavanshi: सुपर ओवर की हार और विवाद के बाद वैभव का धमाका, POTM अवॉर्ड जीतकर बोले- कोई दबाव नहीं था","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
Vaibhav Sooryavanshi: सुपर ओवर की हार और विवाद के बाद वैभव का धमाका, POTM अवॉर्ड जीतकर बोले- कोई दबाव नहीं था
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दांबुला
Published by: मयंक त्रिपाठी
Updated Sun, 21 Jun 2026 08:09 PM IST
विज्ञापन
सार
भारत ए के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने श्रीलंका ए के खिलाफ फाइनल में 29 गेंदों पर 94 रन की रिकॉर्डतोड़ पारी खेलकर टीम को 66 रन से जीत दिलाई। मैच के बाद उन्होंने कहा कि उन पर कोई दबाव नहीं था और इस पूरी सीरीज से उन्हें काफी कुछ सीखने को मिला।
वैभव सूर्यवंशी
- फोटो : BCCI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने श्रीलंका ए के खिलाफ त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में तूफानी पारी खेलने के बाद कहा कि उन पर किसी तरह का दबाव नहीं था। उन्होंने बताया कि टूर्नामेंट के दौरान अपनी गलतियों पर कोचों के साथ काम किया और उसी का नतीजा फाइनल में देखने को मिला।
वैभव सूर्यवंशी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
वैभव की विस्फोटक पारी
महज 15 साल के वैभव ने फाइनल मुकाबले में 29 गेंदों पर विस्फोटक 94 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिस्ट-ए क्रिकेट का नया रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। उनकी इस पारी की बदौलत भारत ए ने श्रीलंका ए को 66 रन से हराकर खिताब अपने नाम किया। मैच के बाद 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुने गए वैभव ने कहा, 'मैंने ज्यादा कुछ नहीं सोचा था। बस शुरुआती 10 ओवरों के लिए जो योजना बनाई थी, उसे अमल में लाना चाहता था और फिर उसी लय को आगे बढ़ाना था।'
महज 15 साल के वैभव ने फाइनल मुकाबले में 29 गेंदों पर विस्फोटक 94 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिस्ट-ए क्रिकेट का नया रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। उनकी इस पारी की बदौलत भारत ए ने श्रीलंका ए को 66 रन से हराकर खिताब अपने नाम किया। मैच के बाद 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुने गए वैभव ने कहा, 'मैंने ज्यादा कुछ नहीं सोचा था। बस शुरुआती 10 ओवरों के लिए जो योजना बनाई थी, उसे अमल में लाना चाहता था और फिर उसी लय को आगे बढ़ाना था।'
विज्ञापन
विज्ञापन
शुरुआती 10 ओवर में ही तय कर दी मैच की दिशा
वैभव की आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर भारत ए ने महज 9 ओवर में 132 रन बना दिए। इसके बाद मध्यक्रम की धीमी बल्लेबाजी के बावजूद टीम 50 ओवर में 377/9 का विशाल स्कोर खड़ा करने में सफल रही। जवाब में श्रीलंका ए की टीम 311 रन पर सिमट गई। फाइनल से पहले दोनों टीमों की भिड़ंत सुपर ओवर तक पहुंची थी, जिसमें भारत ए को हार का सामना करना पड़ा था। उसी मैच में वैभव और श्रीलंकाई खिलाड़ियों के बीच मैदान पर तीखी बहस भी देखने को मिली थी।
वैभव की आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर भारत ए ने महज 9 ओवर में 132 रन बना दिए। इसके बाद मध्यक्रम की धीमी बल्लेबाजी के बावजूद टीम 50 ओवर में 377/9 का विशाल स्कोर खड़ा करने में सफल रही। जवाब में श्रीलंका ए की टीम 311 रन पर सिमट गई। फाइनल से पहले दोनों टीमों की भिड़ंत सुपर ओवर तक पहुंची थी, जिसमें भारत ए को हार का सामना करना पड़ा था। उसी मैच में वैभव और श्रीलंकाई खिलाड़ियों के बीच मैदान पर तीखी बहस भी देखने को मिली थी।
वैभव सूर्यवंशी
- फोटो : Amar Ujala Graphics
खराब फॉर्म के बावजूद नहीं लिया दबाव
पूरे टूर्नामेंट में वैभव ने चार पारियों में 117 रन बनाए थे और कई बार अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके थे। इसके चलते उनकी बल्लेबाजी और स्वभाव दोनों पर सवाल उठे थे। हालांकि वैभव ने कहा कि उन्होंने कभी दबाव महसूस नहीं किया। उन्होंने कहा, 'कोई दबाव नहीं था। मैं सिर्फ अपनी योजनाओं को सही तरीके से लागू नहीं कर पा रहा था। कोचों से बात करने के बाद चीजें बेहतर हुईं। इस सीरीज से मैंने बहुत कुछ सीखा है।'
पूरे टूर्नामेंट में वैभव ने चार पारियों में 117 रन बनाए थे और कई बार अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके थे। इसके चलते उनकी बल्लेबाजी और स्वभाव दोनों पर सवाल उठे थे। हालांकि वैभव ने कहा कि उन्होंने कभी दबाव महसूस नहीं किया। उन्होंने कहा, 'कोई दबाव नहीं था। मैं सिर्फ अपनी योजनाओं को सही तरीके से लागू नहीं कर पा रहा था। कोचों से बात करने के बाद चीजें बेहतर हुईं। इस सीरीज से मैंने बहुत कुछ सीखा है।'
50 ओवर के क्रिकेट में भी हैं सहज
टी20 क्रिकेट में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए पहचान बना चुके वैभव ने कहा कि वह 50 ओवर के प्रारूप में भी पूरी तरह सहज हैं। उन्होंने कहा, 'मैंने काफी 50 ओवर क्रिकेट खेला है, बस शायद लोगों को इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। चुनौती अलग-अलग परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की थी और मुझे यह चुनौती पसंद आई।'
टी20 क्रिकेट में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए पहचान बना चुके वैभव ने कहा कि वह 50 ओवर के प्रारूप में भी पूरी तरह सहज हैं। उन्होंने कहा, 'मैंने काफी 50 ओवर क्रिकेट खेला है, बस शायद लोगों को इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। चुनौती अलग-अलग परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की थी और मुझे यह चुनौती पसंद आई।'
वैभव सूर्यवंशी
- फोटो : BCCI
कप्तान तिलक वर्मा ने टीम की सराहना की
भारत ए के कप्तान तिलक वर्मा ने फाइनल में टीम के प्रदर्शन की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, 'लगातार दो मैच हारने के बाद टीम ने शानदार वापसी की। सभी खिलाड़ियों ने बेहतरीन चरित्र दिखाया। इसके बाद हमने बड़े अंतर से जीत दर्ज की, जो शानदार रहा।' तिलक ने कहा कि घरेलू क्रिकेट का अनुभव टीम के लिए काफी मददगार साबित हुआ। हालांकि उन्होंने गेंदबाजी प्रदर्शन को लेकर थोड़ी निराशा भी जताई। तिलक ने कहा, 'जीत के बावजूद गेंदबाजी से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हूं, लेकिन ऐसा कभी-कभी हो जाता है। हमारे पास मजबूत टीम है।'
भारत ए के कप्तान तिलक वर्मा ने फाइनल में टीम के प्रदर्शन की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, 'लगातार दो मैच हारने के बाद टीम ने शानदार वापसी की। सभी खिलाड़ियों ने बेहतरीन चरित्र दिखाया। इसके बाद हमने बड़े अंतर से जीत दर्ज की, जो शानदार रहा।' तिलक ने कहा कि घरेलू क्रिकेट का अनुभव टीम के लिए काफी मददगार साबित हुआ। हालांकि उन्होंने गेंदबाजी प्रदर्शन को लेकर थोड़ी निराशा भी जताई। तिलक ने कहा, 'जीत के बावजूद गेंदबाजी से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हूं, लेकिन ऐसा कभी-कभी हो जाता है। हमारे पास मजबूत टीम है।'
श्रीलंका ए कप्तान ने माना, वैभव की पारी ने बढ़ाया दबाव
श्रीलंका ए के कप्तान साहन अरच्चिगे ने स्वीकार किया कि वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक पारी ने उनकी टीम पर शुरुआत से ही दबाव बना दिया था। उन्होंने कहा, 'वैभव ने शानदार बल्लेबाजी की। इसके बाद हमने स्थिति को काफी हद तक संभाल लिया था, लेकिन अंतिम दो ओवरों में मैच हाथ से निकल गया।' अरच्चिगे ने यह भी कहा कि बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय शीर्ष क्रम का जल्दी आउट होना सामान्य बात है। उन्होंने आगे कहा, 'युवा खिलाड़ियों और सीनियर खिलाड़ियों दोनों ने अच्छा प्रदर्शन किया। कुल मिलाकर हमारे लिए यह एक अच्छा टूर्नामेंट रहा।'
श्रीलंका ए के कप्तान साहन अरच्चिगे ने स्वीकार किया कि वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक पारी ने उनकी टीम पर शुरुआत से ही दबाव बना दिया था। उन्होंने कहा, 'वैभव ने शानदार बल्लेबाजी की। इसके बाद हमने स्थिति को काफी हद तक संभाल लिया था, लेकिन अंतिम दो ओवरों में मैच हाथ से निकल गया।' अरच्चिगे ने यह भी कहा कि बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय शीर्ष क्रम का जल्दी आउट होना सामान्य बात है। उन्होंने आगे कहा, 'युवा खिलाड़ियों और सीनियर खिलाड़ियों दोनों ने अच्छा प्रदर्शन किया। कुल मिलाकर हमारे लिए यह एक अच्छा टूर्नामेंट रहा।'