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IND vs ENG: बर्मिंघम टेस्ट में वापसी कर पाएगी भारतीय टीम? जानें कैसा रहा है इतिहास; गिल के लिए आसान नहीं राह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Mon, 30 Jun 2025 04:06 PM IST
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सार
भारतीय टीम एजबेस्टन में सीरीज का रुख बदलने में सफल रहेगी? भारत को पिछले साल घरेलू मैदान पर हुई टेस्ट सीरीज से सीख लेनी चाहिए जहां उन्होंने हैदराबाद टेस्ट 28 रन से गंवाने के बाद वापसी की थी।
भारतीय टीम
- फोटो : ANI
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विस्तार
इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज में 0-1 से पीछे चल रही भारतीय टीम की नजरें वापसी करने पर टिकी होंगी। भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरा टेस्ट मैच एजबेस्टन में दो जुलाई से खेला जाएगा। पहले टेस्ट मैच में भारतीय टीम अधिकतर समय सुखद स्थिति में थी, इसके बावजूद टीम को लीड्स टेस्ट में पांच विकेट से हार का सामना करना पड़ा क्योंकि इंग्लैंड ने आसानी से 371 रन का लक्ष्य हासिल किया।
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सीरीज में 1-0 से आगे है इंग्लैंड
सीरीज में फिलहाल इंग्लैंड ने बढ़त हासिल कर ली है जिससे भारतीय टीम पर दबाव बढ़ गया है। भारत ने आखिरी बार 2007 में इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीती थी और उसे अगर 18 साल का सूखा समाप्त करना है तो दूसरे टेस्ट मैच में वापसी करनी होगी। क्या भारतीय टीम एजबेस्टन में सीरीज का रुख बदलने में सफल रहेगी? भारत को पिछले साल घरेलू मैदान पर हुई टेस्ट सीरीज से सीख लेनी चाहिए जहां उन्होंने हैदराबाद टेस्ट 28 रन से गंवाने के बाद वापसी की थी।
सीरीज में फिलहाल इंग्लैंड ने बढ़त हासिल कर ली है जिससे भारतीय टीम पर दबाव बढ़ गया है। भारत ने आखिरी बार 2007 में इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीती थी और उसे अगर 18 साल का सूखा समाप्त करना है तो दूसरे टेस्ट मैच में वापसी करनी होगी। क्या भारतीय टीम एजबेस्टन में सीरीज का रुख बदलने में सफल रहेगी? भारत को पिछले साल घरेलू मैदान पर हुई टेस्ट सीरीज से सीख लेनी चाहिए जहां उन्होंने हैदराबाद टेस्ट 28 रन से गंवाने के बाद वापसी की थी।
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बर्मिंघम में कैसा है रिकॉर्ड
भारत के लिए बर्मिंघम टेस्ट में वापसी करना आसान नहीं होगा। बर्मिंघम में 1967 से भारतीय टीम ने आठ मैच खेले हैं जिसमें सात में उसे हार का सामना करना पड़ा है जबकि एक मुकाबला ड्रॉ रहा है। भारत ने एकमात्र ड्रॉ 1986 में खेला था जब भारत ने कपिल देव की अगुआई में ऐतिहासिक सीरीज जीती थी। उस मैच में भारत 236 रनों का पीछा करने उतरा था, लेकिन उसने 105 रन पर पांच विकेट गंवा दिए थे। हालांकि, मोहम्मद अजहरुद्दीन और किरण मोरे के बीच 69 रनों की अविजित साझेदारी के दम पर भारतीय टीम मैच ड्रॉ कराने में सफल रही थी। बर्मिंघम इंग्लैंड के उन तीन स्थलों में शामिल हैं जहां भारतीय टीम ने कभी जीत हासिल नहीं की है। दो अन्य जिन पर जीत नहीं मिली है, उनमें मैनचेस्टर और साउथम्पटन शामिल हैं।
भारत के लिए बर्मिंघम टेस्ट में वापसी करना आसान नहीं होगा। बर्मिंघम में 1967 से भारतीय टीम ने आठ मैच खेले हैं जिसमें सात में उसे हार का सामना करना पड़ा है जबकि एक मुकाबला ड्रॉ रहा है। भारत ने एकमात्र ड्रॉ 1986 में खेला था जब भारत ने कपिल देव की अगुआई में ऐतिहासिक सीरीज जीती थी। उस मैच में भारत 236 रनों का पीछा करने उतरा था, लेकिन उसने 105 रन पर पांच विकेट गंवा दिए थे। हालांकि, मोहम्मद अजहरुद्दीन और किरण मोरे के बीच 69 रनों की अविजित साझेदारी के दम पर भारतीय टीम मैच ड्रॉ कराने में सफल रही थी। बर्मिंघम इंग्लैंड के उन तीन स्थलों में शामिल हैं जहां भारतीय टीम ने कभी जीत हासिल नहीं की है। दो अन्य जिन पर जीत नहीं मिली है, उनमें मैनचेस्टर और साउथम्पटन शामिल हैं।
2022 में बर्मिंघम का तिलिस्म तोड़ने से चूक गई थी टीम
भारत के पास 2022 में बर्मिंघम का तिलिस्म तोड़ने का मौका था। भारत ने उस मैच में इंग्लैंड के सामने 378 रनों का लक्ष्य रखा था और वह अच्छी स्थिति में थी, लेकिन जो रूट और जॉनी बेयरस्टो ने 269 रनों की साझेदारी कर लक्ष्य हासिल कर लिया था। भारतीय टीम एक बार फिर बर्मिंघम के एजबेस्टन में खेलने उतरेगी और उसके सामने लीड्स टेस्ट की निराशा और एजबेस्टन का तिलिस्म तोड़ने की चुनौती होगी। लेकिन इतिहास को देखें तो यह आसान नहीं रहने वाला है।
भारत के पास 2022 में बर्मिंघम का तिलिस्म तोड़ने का मौका था। भारत ने उस मैच में इंग्लैंड के सामने 378 रनों का लक्ष्य रखा था और वह अच्छी स्थिति में थी, लेकिन जो रूट और जॉनी बेयरस्टो ने 269 रनों की साझेदारी कर लक्ष्य हासिल कर लिया था। भारतीय टीम एक बार फिर बर्मिंघम के एजबेस्टन में खेलने उतरेगी और उसके सामने लीड्स टेस्ट की निराशा और एजबेस्टन का तिलिस्म तोड़ने की चुनौती होगी। लेकिन इतिहास को देखें तो यह आसान नहीं रहने वाला है।