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Karun Nair: करुण नायर ने बताया, इंग्लैंड दौरे से क्या सीखा सबक? अच्छी शुरुआत को नहीं भुना पाने पर दिया बयान
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Sat, 16 Aug 2025 09:16 PM IST
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सार
नायर की आठ साल बाद भारतीय टीम में वापसी हुई थी और उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के लिए चुना गया था।
करुण नायर
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारतीय टीम के अनुभवी बल्लेबाज करुण नायर ने स्वीकार किया है कि इंग्लैंड दौरे पर उनकी सबसे बड़ी निराशा अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं बदल पाना रहा। नायर की आठ साल बाद भारतीय टीम में वापसी हुई थी और उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के लिए चुना गया था। हेंडिग्ले में खेले गए पहले मैच के लिए नायर को जब प्लेइंग-11 में शामिल किया गया तो उन्होंने 3006 दिनों बाद भारत के लिए अपना पहला टेस्ट खेला था। हालांकि, उनके लिए वापसी सुखद नहीं रही थी और वह पहली पारी में शून्य और दूसरी पारी में 20 रन बनाकर आउट हुए थे।
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करुण का इंग्लैंड दौरे पर प्रदर्शन
करुण ने इंग्लैंड दौरे पर आठ पारियों में 25.62 के औसत से 205 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान एकमात्र अर्धशतक (57 रन) द ओवल मैदान में जड़ा। नायर ने इस अर्धशतकीय पारी के अलावा 40, 31, 26 और 21 के स्कोर के साथ अच्छी शुरुआत की लेकिन वे इन पारियों को बड़े स्कोर में बदलने में नाकाम रहे थे। भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की यह सीरीज 2-2 से बराबर रही थी।
करुण ने इंग्लैंड दौरे पर आठ पारियों में 25.62 के औसत से 205 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान एकमात्र अर्धशतक (57 रन) द ओवल मैदान में जड़ा। नायर ने इस अर्धशतकीय पारी के अलावा 40, 31, 26 और 21 के स्कोर के साथ अच्छी शुरुआत की लेकिन वे इन पारियों को बड़े स्कोर में बदलने में नाकाम रहे थे। भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की यह सीरीज 2-2 से बराबर रही थी।
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करुण ने कहा, अच्छी शुरुआत के बाद विकेट गंवाना नहीं था। ऐसा नहीं था कि मैं कुछ साबित करने की कोशिश कर रहा था। आप जानते हैं, कभी-कभी ऐसा होता है कि आपको ज्यादातर मैचों में अच्छी शुरुआत मिलती है और फिर आप किसी तरह से आउट हो जाते हैं। मैं पूरी सीरीज में बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहा था और ज्यादातर मैचों में मुझे अच्छी शुरुआत मिल रही थी। मैं 30 और 40 के स्कोर तक पहुंच रहा था लेकिन इसे बड़े स्कोर में नहीं बदल पा रहा था। यह मेरे लिए किसी और से ज्यादा निराशाजनक था। मैं इस बारे में सोच रहा था कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा था और मैं 30-40 के स्कोर पर क्यों आउट हो रहा था।
उन्होंने कहा, मैंने इस पर विचार किया और यह समझा कि मुझे अपनी अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलना सुनिश्चित करना होगा। मैंने इस बारे में बहुत से लोगों से बात की है और उन्होंने मुझे कुछ सुझाव दिए हैं। मैं जल्द ही उन पर काम करने जाऊंगा, ताकि अगली बार जब मुझे अच्छी शुरुआत मिले तो मैं उसे बड़े स्कोर में बदल सकूं। यह एक अद्भुत श्रृंखला थी। मेरे लिए इस अद्भुत टीम का हिस्सा होना गर्व की बात थी क्योंकि बहुत कम टीमें इंग्लैंड जाकर पांच टेस्ट मैचों में सीरीज बराबर कर पाई हैं। ऐसे में मुझे इस अद्भुत टीम का हिस्सा होने पर वाकई गर्व है। मैं इस टीम के साथ और भी यादें बनाने के लिए उत्सुक हूं।