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Indian Cricket: सचिन का सपना..काश 83 विश्व कप फाइनल का हिस्सा होता, 200 से लेकर 800वें वनडे का हिस्सा रहे क्रिकेट के महानायक
Fri, 04 Feb 2022 11:26 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Fri, 04 Feb 2022 11:26 PM IST
सार
सचिन के मुताबिक यह 1983 का विश्व कप फाइनल ही था जिसमें भारत के विजेता बनने के बाद उन्होंने क्रिकेट को जुनून की हद तक अपनाया। इस विश्व कप के बाद ही वह क्रिकेट के प्रति दीवाने हो गए थे।
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सचिन तेंदुलकर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में टीम इंडिया वेस्टइंडीज के खिलाफ रविवार को अपना 1000वां वनडे खेलने जा रही है। बात अगर टीम इंडिया के वनडे मुकाबलों के सफर की होगी तो सबसे पहला नाम क्रिकेट के महानायक सचिन तेंदुलकर का उभरकर सामने आएगा। यह सचिन ही हैं जो देश के 200वें, 300वें, 400वें, 500वें, 600वें, 700वें और आठ सौवें वनडे में टीम इंडिया का हिस्सा रहे।
ऐसी उपलब्धि दुनिया के दूसरे और किसी क्रिकेटर को हासिल नहीं है, लेकिन 999 में से 463 वनडे खेलने वाले सचिन का सपना तो कुछ और ही है। सचिन खुलासा करते हैं कि वह कई वनडे जरूर खेल चुके हैं, लेकिन एक वनडे मुकाबला ऐसा है जिसमें वह खेले तो नहीं लेकिन बचपन से इसका हिस्सा बनने का सपना देखते रहे हैं। सचिन के मुताबिक वह हमेशा से 1983 के विश्व कप फाइनल में कपिल देव की अगुवाई में खेलने वाली टीम का हिस्सा बनने का सपना देखते रहे हैं।
83 विश्व कप के बाद सचिन हुए क्रिकेट के दीवाने
सचिन के मुताबिक यह 1983 का विश्व कप फाइनल ही था जिसमें भारत के विजेता बनने के बाद उन्होंने क्रिकेट को जुनून की हद तक अपनाया। इस विश्व कप के बाद ही वह क्रिकेट के प्रति दीवाने हो गए थे। यही कारण है कि अगर उनसे पूछा जाए कि 999 वनडे मुकाबलों में उनकी ओर से नहीं खेले गए किस मैच का वह हिस्सा बनना चाहेंगे तो वह हमेशा वेस्टइंडीज को हराने वाली 1983 के विश्व कप की फाइनल टीम का नाम लेंगे। सचिन ने 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ जब पहला वनडे खेला और उनके अंतिम वनडे तक टीम इंडिया ने 638 वनडे खेले जिसमें 463 बार स्टेडियम में दर्शक सचिन-सचिन चिल्लाने को मजबूर हुए।
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सचिन को उम्मीद ऐसे ही बढ़ती रहेगी भारतीय क्रिकेट
सचिन भारत के 1000वां वनडे मैच खेलने को एक बहुत बड़ी उपलब्धि मानते हैं। सचिन याद करते हैं कि टीम इंडिया ने अपना पहला वनडे 13 जुलाई 1974 को लीड्स में खेला था और 48 साल बाद 2022 में भारत अपना 1000वां वनडे खेलने जा रहा है। सचिन कहते हैं कि यह ऐसे ही संभव नहीं हुआ है इसके लिए देश का प्रतिनिधत्व करने वाले पुराने क्रिकेटर, वर्तमान क्रिकेटर, पुराने बोर्ड सदस्य और वर्तमान बोर्ड सदस्य जिम्मेदार हैं।
यहां यह भी नहीं भूलना होगा इस सफलता में बहुत बड़ा हाथ देश के क्रिकेट प्रेमियों का है। यह उपलब्धि किसी एक की नहीं बल्कि पूरे देश की है। सचिन को उम्मीद है कि भारतीय क्रिकेट इसी तरह आगे बढ़ती रहेगी। छह फरवरी को खेले जाने वाले 1000वें वनडे के लिए वह सभी को शुभकामनाएं देते हैं।
804वें वनडे में सचिन ने लिया था संन्यास
पाकिस्तान के खिलाफ 1989 में सचिन का पहला वनडे देश का 106वां मैच था। जब उन्होंने 2012 में वनडे क्रिकेट से संन्यास लिया तो यह देश का 804वां वनडे मुकाबला था। भारत ने 999 में से 518 जीते हैं 431 में उसे हार मिली है नौ टाई रहे हैं और 41 में कोई परिणाम नहीं निकला है। खास बात यह है 2002 यानि 28 साल में भारत ने अपना पांच सौवां वनडे खेला और अगले दो दशकों में टीम इंडिया 1000वां वनडे खेलने जा रही है।
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ऐसी उपलब्धि दुनिया के दूसरे और किसी क्रिकेटर को हासिल नहीं है, लेकिन 999 में से 463 वनडे खेलने वाले सचिन का सपना तो कुछ और ही है। सचिन खुलासा करते हैं कि वह कई वनडे जरूर खेल चुके हैं, लेकिन एक वनडे मुकाबला ऐसा है जिसमें वह खेले तो नहीं लेकिन बचपन से इसका हिस्सा बनने का सपना देखते रहे हैं। सचिन के मुताबिक वह हमेशा से 1983 के विश्व कप फाइनल में कपिल देव की अगुवाई में खेलने वाली टीम का हिस्सा बनने का सपना देखते रहे हैं।
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83 विश्व कप के बाद सचिन हुए क्रिकेट के दीवाने
सचिन के मुताबिक यह 1983 का विश्व कप फाइनल ही था जिसमें भारत के विजेता बनने के बाद उन्होंने क्रिकेट को जुनून की हद तक अपनाया। इस विश्व कप के बाद ही वह क्रिकेट के प्रति दीवाने हो गए थे। यही कारण है कि अगर उनसे पूछा जाए कि 999 वनडे मुकाबलों में उनकी ओर से नहीं खेले गए किस मैच का वह हिस्सा बनना चाहेंगे तो वह हमेशा वेस्टइंडीज को हराने वाली 1983 के विश्व कप की फाइनल टीम का नाम लेंगे। सचिन ने 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ जब पहला वनडे खेला और उनके अंतिम वनडे तक टीम इंडिया ने 638 वनडे खेले जिसमें 463 बार स्टेडियम में दर्शक सचिन-सचिन चिल्लाने को मजबूर हुए।
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सचिन को उम्मीद ऐसे ही बढ़ती रहेगी भारतीय क्रिकेट
सचिन भारत के 1000वां वनडे मैच खेलने को एक बहुत बड़ी उपलब्धि मानते हैं। सचिन याद करते हैं कि टीम इंडिया ने अपना पहला वनडे 13 जुलाई 1974 को लीड्स में खेला था और 48 साल बाद 2022 में भारत अपना 1000वां वनडे खेलने जा रहा है। सचिन कहते हैं कि यह ऐसे ही संभव नहीं हुआ है इसके लिए देश का प्रतिनिधत्व करने वाले पुराने क्रिकेटर, वर्तमान क्रिकेटर, पुराने बोर्ड सदस्य और वर्तमान बोर्ड सदस्य जिम्मेदार हैं।
यहां यह भी नहीं भूलना होगा इस सफलता में बहुत बड़ा हाथ देश के क्रिकेट प्रेमियों का है। यह उपलब्धि किसी एक की नहीं बल्कि पूरे देश की है। सचिन को उम्मीद है कि भारतीय क्रिकेट इसी तरह आगे बढ़ती रहेगी। छह फरवरी को खेले जाने वाले 1000वें वनडे के लिए वह सभी को शुभकामनाएं देते हैं।
804वें वनडे में सचिन ने लिया था संन्यास
पाकिस्तान के खिलाफ 1989 में सचिन का पहला वनडे देश का 106वां मैच था। जब उन्होंने 2012 में वनडे क्रिकेट से संन्यास लिया तो यह देश का 804वां वनडे मुकाबला था। भारत ने 999 में से 518 जीते हैं 431 में उसे हार मिली है नौ टाई रहे हैं और 41 में कोई परिणाम नहीं निकला है। खास बात यह है 2002 यानि 28 साल में भारत ने अपना पांच सौवां वनडे खेला और अगले दो दशकों में टीम इंडिया 1000वां वनडे खेलने जा रही है।