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Women's Cricket: आईसीसी चेयरमैन ने चेताया, भविष्य में कम हो सकते हैं टेस्ट मैच, महिला टेस्ट क्रिकेट को लेकर कही ये बात
Sat, 04 Jun 2022 09:56 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Sat, 04 Jun 2022 09:56 PM IST
सार
महिला टेस्ट मैच चार दिवसीय होते हैं, जबकि पुरुषों के टेस्ट मुकाबले पांच दिन के होते हैं। महिला क्रिकेट में 2017 से जो पांच महिला टेस्ट मैच खेले गए हैं वो सभी ड्रॉ रहे हैं। पिछले पांच वर्षों में तीन देशों ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और भारत ने ही महिला टेस्ट मैच खेले हैं।
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आईसीसी
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
आईसीसी चेयरमैन ग्रेग बार्कले ने कहा है कि महिला टेस्ट क्रिकेट को भी पांच दिवसीय होना चाहिए लेकिन साथ ही चेताया है कि घरेलू टी-20 लीगों की बढ़ती संख्या से द्विपक्षीय शृंखलाएं छोटी होती जा रही है और अगले दशक में इससे टेस्ट मैचों की संख्या में कटौती हो सकती है।
महिला टेस्ट मैच चार दिवसीय होते हैं, जबकि पुरुषों के टेस्ट मुकाबले पांच दिन के होते हैं। महिला क्रिकेट में 2017 से जो पांच महिला टेस्ट मैच खेले गए हैं वो सभी ड्रॉ रहे हैं। पिछले पांच वर्षों में तीन देशों ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और भारत ने ही महिला टेस्ट मैच खेले हैं। जनवरी में एशेज टेस्ट के ड्रॉ होने पर इंग्लैंड की कप्तान हीदर नाइट ने पांच दिवसीय टेस्ट मैचों की वकालत की थी और साथी गेंदबाज केट क्रॉस ने कहा था कि महिला क्रिकेटरों लंबे प्रारूपों के मैचों के लिए पूरी तरह फिट हैं।
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महिला टेस्ट मैच चार दिवसीय होते हैं, जबकि पुरुषों के टेस्ट मुकाबले पांच दिन के होते हैं। महिला क्रिकेट में 2017 से जो पांच महिला टेस्ट मैच खेले गए हैं वो सभी ड्रॉ रहे हैं। पिछले पांच वर्षों में तीन देशों ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और भारत ने ही महिला टेस्ट मैच खेले हैं। जनवरी में एशेज टेस्ट के ड्रॉ होने पर इंग्लैंड की कप्तान हीदर नाइट ने पांच दिवसीय टेस्ट मैचों की वकालत की थी और साथी गेंदबाज केट क्रॉस ने कहा था कि महिला क्रिकेटरों लंबे प्रारूपों के मैचों के लिए पूरी तरह फिट हैं।
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बार्कले ने कहा कि ज्यादातर लोग कह रहे हैं कि महिलाओं के टेस्ट मैच पांच दिन के होने चाहिए। मेरा भी निजी तौर पर ऐसा ही मानना है। उन्होंने साथ ही कहा कि क्रिकेट के प्रारूप समर्थकों में ज्यादा लोकप्रिय हो रहे हैं। प्रसारणकर्ताओं की भी ज्यादा रुचि है, पैसा भी आ रहा है।
बार्कले ने यह भी कहा कि महिला क्रिकेट में टेस्ट प्रारूप का उतनी तेजी से विकास नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा- टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए घरेलू ढांचा उस तरह का होना चाहिए जो अभी किसी देश में नहीं है। मुझे नहीं लगता कि महिला क्रिकेट में टेस्ट प्रारूप का उतनी तेजी से विकास हो रहा है।
बार्कले ने यह भी कहा कि महिला क्रिकेट में टेस्ट प्रारूप का उतनी तेजी से विकास नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा- टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए घरेलू ढांचा उस तरह का होना चाहिए जो अभी किसी देश में नहीं है। मुझे नहीं लगता कि महिला क्रिकेट में टेस्ट प्रारूप का उतनी तेजी से विकास हो रहा है।
नवंबर 2020 में आईसीसी चेयरमैन बने बार्कले ने कहा कि अगले साल से शुरू हो रहे अगले भावी दौरा कार्यक्रम को तय करते समय आईसीसी को बड़ी दिक्कतें आएंगी। उन्होंने इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच तीन टेस्ट मैचों की शृंखला के पहले मैच के दौरान बीबीसी के ‘टेस्ट मैच स्पेशल’ कार्यक्रम में कहा- हर साल महिला और पुुरुष क्रिकेट का एक टूर्नामेंट है। इसके अलावा घरेलू लीग बढ़ती जा रही है। इससे द्विपक्षीय शृंखलाएं छोटी हो रही है।
उन्होंने कहा-इसके दुर्भाग्यपूर्ण परिणाम होंगे। खेलने के अनुभव के नजरिये से भी और उन देशों के राजस्व पर भी जिन्हें ज्यादा खेलने के मौके नहीं मिलते खासकर भारत, ऑस्ट्रेलिया या इंग्लैंड जैसी टीमों के खिलाफ।’ उन्होंने कहा- अगले 10-15 साल में टेस्ट क्रिकेट खेल का अभिन्न हिस्सा तो रहेगा लेकिन मैचों की संख्या कम हो सकती है।’ उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसे देशों पर इसका असर नहीं पड़ेगा।
उन्होंने कहा-इसके दुर्भाग्यपूर्ण परिणाम होंगे। खेलने के अनुभव के नजरिये से भी और उन देशों के राजस्व पर भी जिन्हें ज्यादा खेलने के मौके नहीं मिलते खासकर भारत, ऑस्ट्रेलिया या इंग्लैंड जैसी टीमों के खिलाफ।’ उन्होंने कहा- अगले 10-15 साल में टेस्ट क्रिकेट खेल का अभिन्न हिस्सा तो रहेगा लेकिन मैचों की संख्या कम हो सकती है।’ उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसे देशों पर इसका असर नहीं पड़ेगा।