भारत-पाकिस्तान मैच के बहाने सुलह?: 15 फरवरी को आमने-सामने होंगे पांच एशियाई क्रिकेट बोर्ड प्रमुख! ICC की पहल
भारत-पाकिस्तान मैच के मौके पर आईसीसी ने एशिया की पांच क्रिकेट ताकतों के प्रमुखों की बैठक बुलाई है। बहिष्कार के खतरे और आर्थिक नुकसान की आशंका के बाद पाकिस्तान ने रुख बदला। अब कोलंबो में होने वाली बातचीत से रिश्ते सुधारने और टूर्नामेंट को स्थिर रखने की उम्मीद है।
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बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम ने स्थानीय अखबार ‘प्रथम आलो’ को बताया कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की तरफ से निमंत्रण मिला है। अमीनुल ने कहा, 'आईसीसी के प्रमुख हितधारक पांच एशियाई देश हैं और वह चाहते हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच 15 फरवरी को होने मैच के लिए सभी पांच एशियाई देशों के प्रतिनिधि एक साथ स्टेडियम में मौजूद रहें, मैच देखें और एक-दूसरे से बात करें।' भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश और अफगानिस्तान एशिया के आईसीसी में महत्वपूर्ण सदस्य हैं। अमीनुल के मुताबिक, वर्ल्ड कप से ठीक पहले तीनों देशों के रिश्ते बेहद तल्ख हो गए थे। इस्लाम से पूछा गया कि क्या इस बैठक से बीसीसीआई के साथ उसके तनावपूर्ण संबंध खत्म करने में मदद मिलेगी, उन्होंने कहा, 'आप इसे कुछ इसी तरह मान सकते हैं।'
आईसीसी की यह पहल ऐसे समय आई है जब पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ ग्रुप मैच के बहिष्कार की अपनी पुरानी घोषणा से आखिरी वक्त में पलटी मारी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्रिकेट कूटनीति और आर्थिक असर को देखते हुए यह फैसला बदला गया। अमीनुल इस्लाम का दावा है कि पाकिस्तान बहिष्कार के लिए तैयार था और उन्हें खुद पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी को समझाना पड़ा। भारत-पाकिस्तान मैच को दुनिया के सबसे कमाऊ मुकाबलों में गिना जाता है, जिससे करीब 250 मिलियन डॉलर के प्रसारण राजस्व की बात होती है। बांग्लादेश ने दलील दी कि अगर यह मैच नहीं हुआ, तो नुकसान सिर्फ एक देश का नहीं, पूरे क्रिकेट जगत का होगा।
बीसीबी प्रमुख ने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने टी20 वर्ल्ड कप से पूरी तरह हटने की धमकी तक दे दी थी। अगर ऐसा होता और बांग्लादेश भी किनारे रहता, तो टूर्नामेंट की सबसे कीमती टक्करें खतरे में पड़ जातीं। इससे ब्रॉडकास्ट डील और कमर्शियल समझौतों पर दूरगामी असर पड़ सकता था। आखिरकार नौ फरवरी को पाकिस्तान सरकार ने रुख बदला। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि दोस्त देशों की अपील और बहुपक्षीय बातचीत के नतीजों ने फैसले को प्रभावित किया। बांग्लादेश, श्रीलंका और यूएई जैसे देशों के आग्रह का भी जिक्र हुआ।
रहमान को बाहर करने से शुरू हुआ था विवाद
बीसीसीआई और बीसीबी के बीच विवाद तब शुरू हुआ जब भारतीय बोर्ड ने कुछ अज्ञात परिस्थितियों के चलते बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को कोलकाता नाइट राइडर्स के आईपीएल अनुबंध से बाहर करने का आदेश दिया। ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि यह कदम बांग्लादेश में हुई राजनीतिक हिंसा से प्रेरित था जिसमें हिंदुओं को निशाना बनाया गया था। बांग्लादेश ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए विश्व कप मैचों के लिए भारत आने से इनकार कर दिया। बीसीसीआई के पूर्व सचिव जय शाह की अध्यक्षता वाली आईसीसी ने बांग्लादेश की चिंताओं को खारिज कर दिया था।
बांग्लादेश आईसीसी से समझौता करेगा?
बांग्लादेश हालांकि अपने रुख पर कायम रहा इसके बाद उसे टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया और उसकी जगह स्कॉटलैंड को दे दी गई। इस्लाम ने कहा कि बोर्ड यह सुनिश्चित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन तैयार करेगा जिससे आईसीसी की तरफ से उन्हें मिले आश्वासनों को अंतिम रूप दे दिया जाए। उन्होंने कहा, 'हम एक समझौता भी करेंगे। यह एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) जैसा दस्तावेज होगा, ताकि कोई अनिश्चितता न रहे। आईसीसी के साथ (समझौता ज्ञापन तैयार करने के संबंध में) चर्चा लगभग अंतिम पड़ाव पर है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि कोलंबो में होने वाली यह हाई-प्रोफाइल मुलाकात सिर्फ औपचारिकता रहती है या वाकई रिश्तों में नई शुरुआत का रास्ता खोलती है। भारत-पाकिस्तान मैच हमेशा भावनाओं का ज्वार लेकर आता है, लेकिन इस बार स्टैंड्स से ज्यादा अहम बंद कमरे की बातचीत हो सकती है।