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IND vs NZ Final: अहमदाबाद की पिच बनेगी एक्स-फैक्टर? काली-लाल मिट्टी की सतह तय करेगी T20 क्रिकेट का नया चैंपियन
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: Swapnil Shashank
Updated Sun, 08 Mar 2026 08:23 AM IST
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सार
भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 विश्व कप 2026 का फाइनल अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच रेड और ब्लैक मिट्टी से बनी हाइब्रिड पिच पर होने की संभावना है, जो अच्छी बाउंस और गति दे सकती है। इससे तेज गेंदबाजों और आक्रामक बल्लेबाजों दोनों को फायदा मिल सकता है, जिससे हाई-स्कोरिंग मुकाबले की उम्मीद बढ़ गई है।
भारत और न्यूजीलैंड
- फोटो : ICC
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विस्तार
टी20 विश्वकप 2026 का फाइनल आज भारत और न्यूजीलैंड के बीच शाम सात बजे से खेला जाएगा। दुनिया भर के क्रिकेट फैंस की नजरें अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम पर टिक गई हैं। भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाला यह मुकाबला सिर्फ दो मजबूत टीमों का टकराव नहीं होगा, बल्कि पिच की भूमिका भी मैच का रुख तय कर सकती है। ईएसपीएनक्रिकइनफो की रिपोर्ट्स के मुताबिक फाइनल के लिए जिस पिच का चयन किया गया है, वह लाल और काली मिट्टी के मिश्रण से बनी होगी। इस तरह की हाइब्रिड पिच आमतौर पर तेज गेंदबाजों और बल्लेबाजों दोनों के लिए संतुलित मानी जाती है।
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नरेंद्र मोदी स्टेडियम
- फोटो : IPL/BCCI
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम के बारे में जानें
अहमदाबाद का मौजूदा नरेंद्र मोदी स्टेडियम पहले सरदार पटेल स्टेडियम या मोटेरा स्टेडियम के नाम से जाना जाता था। पुराने स्टेडियम की दर्शक क्षमता करीब 54,000 थी। यह स्टेडियम गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के स्वामित्व में है और वेस्ट जोन के अंतर्गत आता है। इस स्टेडियम के बनने से पहले अहमदाबाद में अंतरराष्ट्रीय मैच अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन स्टेडियम में खेले जाते थे। साल 1982 में गुजरात सरकार ने साबरमती नदी के किनारे 50 एकड़ जमीन दान में दी, जिसके बाद मोटेरा स्टेडियम का निर्माण केवल नौ महीने में पूरा कर लिया गया। यहां पहला अंतरराष्ट्रीय मैच 12 नवंबर 1983 को भारत और वेस्टइंडीज के बीच टेस्ट मैच के रूप में खेला गया था।
मोटेरा स्टेडियम कई ऐतिहासिक उपलब्धियों का गवाह रहा है। यहां जीएमडीसी अपर और लोअर स्टैंड, ईस्ट अपर और लोअर पवेलियन, अदाणी लोअर और अपर पवेलियन, क्लब पवेलियन और वेस्ट पवेलियन जैसे स्टैंड मौजूद हैं। अदाणी पवेलियन में 20 से अधिक एयर-कंडीशंड कॉरपोरेट बॉक्स और खिलाड़ियों के ड्रेसिंग रूम भी हैं। स्टेडियम में कुल 21 प्रवेश द्वार हैं। 2006 चैंपियंस ट्रॉफी से पहले स्टेडियम का नवीनीकरण किया गया, जिसमें अत्याधुनिक फ्लडलाइट्स, कवर स्टैंड, तीन नई पिचें और नया आउटफील्ड जोड़ा गया। यहां की पिच आमतौर पर धीमी मानी जाती है। पहले यह गेंदबाजों के लिए मददगार थी, लेकिन समय के साथ पिच धीमी हो गई, जिससे कई टेस्ट मैच ड्रॉ भी रहे। यही मैदान सुनील गावस्कर के 10,000 टेस्ट रन और कपिल देव के 432वें टेस्ट विकेट जैसी ऐतिहासिक उपलब्धियों का गवाह भी रहा है।
साल 2015 में गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन ने पुराने स्टेडियम को पूरी तरह तोड़कर नए सिरे से बनाने का फैसला किया। इसके बाद आधुनिक सुविधाओं के साथ नए स्टेडियम का निर्माण शुरू हुआ और 2020 में यह तैयार हो गया, जिसकी क्षमता बढ़कर लगभग 1,32,000 दर्शकों की हो गई, जिससे यह दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम बन गया। इसके बाद 24 फरवरी 2021 को इस स्टेडियम का नाम आधिकारिक रूप से नरेंद्र मोदी स्टेडियम रखा गया। उसी दिन भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए डे-नाइट टेस्ट मैच से पहले इसका उद्घाटन किया गया। नए स्टेडियम में अत्याधुनिक फ्लडलाइट्स, बड़े पवेलियन, कई कॉरपोरेट बॉक्स और आधुनिक ड्रेसिंग रूम जैसी सुविधाएं जोड़ी गईं, जिससे यह विश्व क्रिकेट के सबसे आधुनिक और विशाल मैदानों में शामिल हो गया।
अहमदाबाद का मौजूदा नरेंद्र मोदी स्टेडियम पहले सरदार पटेल स्टेडियम या मोटेरा स्टेडियम के नाम से जाना जाता था। पुराने स्टेडियम की दर्शक क्षमता करीब 54,000 थी। यह स्टेडियम गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के स्वामित्व में है और वेस्ट जोन के अंतर्गत आता है। इस स्टेडियम के बनने से पहले अहमदाबाद में अंतरराष्ट्रीय मैच अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन स्टेडियम में खेले जाते थे। साल 1982 में गुजरात सरकार ने साबरमती नदी के किनारे 50 एकड़ जमीन दान में दी, जिसके बाद मोटेरा स्टेडियम का निर्माण केवल नौ महीने में पूरा कर लिया गया। यहां पहला अंतरराष्ट्रीय मैच 12 नवंबर 1983 को भारत और वेस्टइंडीज के बीच टेस्ट मैच के रूप में खेला गया था।
मोटेरा स्टेडियम कई ऐतिहासिक उपलब्धियों का गवाह रहा है। यहां जीएमडीसी अपर और लोअर स्टैंड, ईस्ट अपर और लोअर पवेलियन, अदाणी लोअर और अपर पवेलियन, क्लब पवेलियन और वेस्ट पवेलियन जैसे स्टैंड मौजूद हैं। अदाणी पवेलियन में 20 से अधिक एयर-कंडीशंड कॉरपोरेट बॉक्स और खिलाड़ियों के ड्रेसिंग रूम भी हैं। स्टेडियम में कुल 21 प्रवेश द्वार हैं। 2006 चैंपियंस ट्रॉफी से पहले स्टेडियम का नवीनीकरण किया गया, जिसमें अत्याधुनिक फ्लडलाइट्स, कवर स्टैंड, तीन नई पिचें और नया आउटफील्ड जोड़ा गया। यहां की पिच आमतौर पर धीमी मानी जाती है। पहले यह गेंदबाजों के लिए मददगार थी, लेकिन समय के साथ पिच धीमी हो गई, जिससे कई टेस्ट मैच ड्रॉ भी रहे। यही मैदान सुनील गावस्कर के 10,000 टेस्ट रन और कपिल देव के 432वें टेस्ट विकेट जैसी ऐतिहासिक उपलब्धियों का गवाह भी रहा है।
साल 2015 में गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन ने पुराने स्टेडियम को पूरी तरह तोड़कर नए सिरे से बनाने का फैसला किया। इसके बाद आधुनिक सुविधाओं के साथ नए स्टेडियम का निर्माण शुरू हुआ और 2020 में यह तैयार हो गया, जिसकी क्षमता बढ़कर लगभग 1,32,000 दर्शकों की हो गई, जिससे यह दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम बन गया। इसके बाद 24 फरवरी 2021 को इस स्टेडियम का नाम आधिकारिक रूप से नरेंद्र मोदी स्टेडियम रखा गया। उसी दिन भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए डे-नाइट टेस्ट मैच से पहले इसका उद्घाटन किया गया। नए स्टेडियम में अत्याधुनिक फ्लडलाइट्स, बड़े पवेलियन, कई कॉरपोरेट बॉक्स और आधुनिक ड्रेसिंग रूम जैसी सुविधाएं जोड़ी गईं, जिससे यह विश्व क्रिकेट के सबसे आधुनिक और विशाल मैदानों में शामिल हो गया।
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पिच का जायजा लेते भारतीय कप्तान और कोच
- फोटो : IANS
अहमदाबाद की पिच क्यों है खास?
अहमदाबाद का मोटेरा स्टेडियम भारत के उन कुछ मैदानों में शामिल है जहां तीन तरह की पिचें तैयार की जाती हैं, उनमें शामिल हैं-
लाल मिट्टी की पिचों पर आमतौर पर अच्छी बाउंस और गति मिलती है, जिससे बल्लेबाज खुलकर शॉट खेल पाते हैं। वहीं काली मिट्टी की पिच थोड़ी धीमी होती है और गेंद कभी-कभी रुककर आती है, जिससे बल्लेबाजी मुश्किल हो सकती है। फाइनल के लिए चुनी गई हाइब्रिड पिच इन दोनों का मिश्रण है। इसका मतलब है कि मैच में पेस, बाउंस और थोड़ी ग्रिप तीनों देखने को मिल सकती हैं।
अहमदाबाद का मोटेरा स्टेडियम भारत के उन कुछ मैदानों में शामिल है जहां तीन तरह की पिचें तैयार की जाती हैं, उनमें शामिल हैं-
- लाल मिट्टी की पिच
- काली मिट्टी की पिच
- लाल-काली मिश्रित मिट्टी से बनी हाइब्रिड पिच
लाल मिट्टी की पिचों पर आमतौर पर अच्छी बाउंस और गति मिलती है, जिससे बल्लेबाज खुलकर शॉट खेल पाते हैं। वहीं काली मिट्टी की पिच थोड़ी धीमी होती है और गेंद कभी-कभी रुककर आती है, जिससे बल्लेबाजी मुश्किल हो सकती है। फाइनल के लिए चुनी गई हाइब्रिड पिच इन दोनों का मिश्रण है। इसका मतलब है कि मैच में पेस, बाउंस और थोड़ी ग्रिप तीनों देखने को मिल सकती हैं।
पिच का जायजा लेते भारतीय कप्तान और कोच
- फोटो : IANS
क्या होगा हाई-स्कोरिंग मुकाबला?
क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस पिच पर 200 के आसपास का स्कोर पार स्कोर हो सकता है। मुंबई के वानखेड़े में खेले गए सेमीफाइनल में भी पिच को लेकर शुरुआती संदेह थे, लेकिन उस मैच में कुल 499 रन बने थे। अगर अहमदाबाद की पिच भी वैसा ही व्यवहार करती है, तो फाइनल में भी एक तेज और हाई-स्कोरिंग मुकाबला देखने को मिल सकता है।
टूर्नामेंट में पिच का अब तक का रिकॉर्ड
इस टी20 विश्व कप में इस पिच पर सिर्फ एक मैच खेला गया है। नौ फरवरी को हुए मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने कनाडा के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए 213 रन बनाए और 53 रन से जीत दर्ज की थी। कनाडा ने भी 214 चेज करते हुए 150+ रन बना डाले थे। चूंकि तब से यह पिच ज्यादा इस्तेमाल नहीं हुई है, इसलिए फाइनल में खिलाड़ियों को काफी ताजा सतह मिल सकती है।
क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस पिच पर 200 के आसपास का स्कोर पार स्कोर हो सकता है। मुंबई के वानखेड़े में खेले गए सेमीफाइनल में भी पिच को लेकर शुरुआती संदेह थे, लेकिन उस मैच में कुल 499 रन बने थे। अगर अहमदाबाद की पिच भी वैसा ही व्यवहार करती है, तो फाइनल में भी एक तेज और हाई-स्कोरिंग मुकाबला देखने को मिल सकता है।
टूर्नामेंट में पिच का अब तक का रिकॉर्ड
इस टी20 विश्व कप में इस पिच पर सिर्फ एक मैच खेला गया है। नौ फरवरी को हुए मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने कनाडा के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए 213 रन बनाए और 53 रन से जीत दर्ज की थी। कनाडा ने भी 214 चेज करते हुए 150+ रन बना डाले थे। चूंकि तब से यह पिच ज्यादा इस्तेमाल नहीं हुई है, इसलिए फाइनल में खिलाड़ियों को काफी ताजा सतह मिल सकती है।
पिच का जायजा लेते भारतीय कप्तान और कोच
- फोटो : IANS
अहमदाबाद में भारत और न्यूजीलैंड का प्रदर्शन
इस टूर्नामेंट में दोनों टीमों ने अहमदाबाद में मैच खेले हैं। भारत ने ग्रुप मैच में नीदरलैंड को 17 रन से हराया था, लेकिन सुपर-8 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 76 रन से हार झेलनी पड़ी। दूसरी ओर न्यूजीलैंड को भी यहां दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सात विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। इस तरह दोनों टीमों के लिए यह मैदान मिश्रित अनुभव लेकर आया है।
तेज गेंदबाजों को मिल सकता है फायदा
अगर पिच उम्मीद के मुताबिक उछाल और गति देती है, तो भारत के तेज गेंदबाजों को शुरुआती ओवरों में मदद मिल सकती है। जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और हार्दिक पांड्या नई गेंद से विपक्षी बल्लेबाजों को परेशान कर सकते हैं। बुमराह खास तौर पर बाउंस वाली पिचों पर अपनी सटीक लाइन-लेंथ और हार्ड लेंथ गेंदों से खतरनाक साबित होते हैं।
इस टूर्नामेंट में दोनों टीमों ने अहमदाबाद में मैच खेले हैं। भारत ने ग्रुप मैच में नीदरलैंड को 17 रन से हराया था, लेकिन सुपर-8 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 76 रन से हार झेलनी पड़ी। दूसरी ओर न्यूजीलैंड को भी यहां दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सात विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। इस तरह दोनों टीमों के लिए यह मैदान मिश्रित अनुभव लेकर आया है।
तेज गेंदबाजों को मिल सकता है फायदा
अगर पिच उम्मीद के मुताबिक उछाल और गति देती है, तो भारत के तेज गेंदबाजों को शुरुआती ओवरों में मदद मिल सकती है। जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और हार्दिक पांड्या नई गेंद से विपक्षी बल्लेबाजों को परेशान कर सकते हैं। बुमराह खास तौर पर बाउंस वाली पिचों पर अपनी सटीक लाइन-लेंथ और हार्ड लेंथ गेंदों से खतरनाक साबित होते हैं।
भारत बनाम न्यूजीलैंड फाइनल
- फोटो : PTI
स्पिनर्स की भूमिका भी अहम
हालांकि पिच से ज्यादा टर्न मिलने की उम्मीद नहीं है, फिर भी मिडिल ओवरों में स्पिनर्स अहम भूमिका निभा सकते हैं। अगर टीम मैनेजमेंट आक्रामक स्पिन रणनीति अपनाना चाहता है, तो कुलदीप यादव को मौका मिल सकता है। वरुण पिछले चार मैचो में उतने प्रभावी साबित नहीं हुए हैं।
न्यूजीलैंड की गेंदबाजी भी खतरनाक
न्यूजीलैंड के पास भी ऐसी पिचों पर प्रभावी गेंदबाजी आक्रमण है। उनके तेज गेंदबाज मैट हेनरी और लोकी फर्ग्यूसन बाउंस और गति का पूरा फायदा उठा सकते हैं। वहीं कप्तान मिचेल सैंटनर की स्पिन भी मिडिल ओवरों में अहम हो सकती है। हालांकि, न्यूजीलैंड के पास कई स्पिनर्स हैं और अगर स्पिन वाली पिच नहीं बनती तो न्यूजीलैंड की एक रणनीति फेल की जा सकती है। सैंटनर के अलावा कीवियों के पास मैकॉन्की, चैपमैन और फिलिप्स भी हैं।
हालांकि पिच से ज्यादा टर्न मिलने की उम्मीद नहीं है, फिर भी मिडिल ओवरों में स्पिनर्स अहम भूमिका निभा सकते हैं। अगर टीम मैनेजमेंट आक्रामक स्पिन रणनीति अपनाना चाहता है, तो कुलदीप यादव को मौका मिल सकता है। वरुण पिछले चार मैचो में उतने प्रभावी साबित नहीं हुए हैं।
न्यूजीलैंड की गेंदबाजी भी खतरनाक
न्यूजीलैंड के पास भी ऐसी पिचों पर प्रभावी गेंदबाजी आक्रमण है। उनके तेज गेंदबाज मैट हेनरी और लोकी फर्ग्यूसन बाउंस और गति का पूरा फायदा उठा सकते हैं। वहीं कप्तान मिचेल सैंटनर की स्पिन भी मिडिल ओवरों में अहम हो सकती है। हालांकि, न्यूजीलैंड के पास कई स्पिनर्स हैं और अगर स्पिन वाली पिच नहीं बनती तो न्यूजीलैंड की एक रणनीति फेल की जा सकती है। सैंटनर के अलावा कीवियों के पास मैकॉन्की, चैपमैन और फिलिप्स भी हैं।
भारत बनाम न्यूजीलैंड फाइनल
- फोटो : PTI
पिछले साल का फाइनल भी यादगार
दिलचस्प बात यह है कि पिछले एक साल में दूसरी बार भारत और न्यूजीलैंड किसी बड़े आईसीसी फाइनल में आमने-सामने होंगे। 2025 में खेले गए चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर खिताब जीता था। इस बार भी भारतीय टीम उस जीत की लय को बरकरार रखना चाहेगी।
दोनों टीमों का सेमीफाइनल प्रदर्शन
भारत ने सेमीफाइनल में इंग्लैंड को हराया था। उस मैच में संजू सैमसन की विस्फोटक बल्लेबाजी ने टीम को बड़ा स्कोर बनाने में मदद की। दूसरी ओर न्यूजीलैंड ने कोलकाता में दक्षिण अफ्रीका को नौ विकेट से हराया। टिम साइफर्ट और फिन एलेन की ओपनिंग जोड़ी ने तेज शुरुआत कर मैच जल्दी खत्म कर दिया।
दिलचस्प बात यह है कि पिछले एक साल में दूसरी बार भारत और न्यूजीलैंड किसी बड़े आईसीसी फाइनल में आमने-सामने होंगे। 2025 में खेले गए चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर खिताब जीता था। इस बार भी भारतीय टीम उस जीत की लय को बरकरार रखना चाहेगी।
दोनों टीमों का सेमीफाइनल प्रदर्शन
भारत ने सेमीफाइनल में इंग्लैंड को हराया था। उस मैच में संजू सैमसन की विस्फोटक बल्लेबाजी ने टीम को बड़ा स्कोर बनाने में मदद की। दूसरी ओर न्यूजीलैंड ने कोलकाता में दक्षिण अफ्रीका को नौ विकेट से हराया। टिम साइफर्ट और फिन एलेन की ओपनिंग जोड़ी ने तेज शुरुआत कर मैच जल्दी खत्म कर दिया।
भारत बनाम न्यूजीलैंड फाइनल
- फोटो : PTI
क्या भारत बना पाएगा इतिहास?
भारत इस फाइनल में सिर्फ एक और ट्रॉफी जीतने के लिए नहीं उतरेगा। अगर टीम इंडिया यह मुकाबला जीतती है तो वह टी20 विश्व कप इतिहास में लगातार दो खिताब जीतने वाली पहली टीम बन जाएगी। इस लिहाज से अहमदाबाद की पिच, खिलाड़ियों की रणनीति और मैच-अप, तीनों मिलकर इस फाइनल को और दिलचस्प बना सकते हैं।
भारत इस फाइनल में सिर्फ एक और ट्रॉफी जीतने के लिए नहीं उतरेगा। अगर टीम इंडिया यह मुकाबला जीतती है तो वह टी20 विश्व कप इतिहास में लगातार दो खिताब जीतने वाली पहली टीम बन जाएगी। इस लिहाज से अहमदाबाद की पिच, खिलाड़ियों की रणनीति और मैच-अप, तीनों मिलकर इस फाइनल को और दिलचस्प बना सकते हैं।
भारतीय टीम
- फोटो : PTI
नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत का रिकॉर्ड शानदार
भारतीय क्रिकेट टीम को टी20 विश्व कप 2026 का फाइनल रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलना है। इस स्टेडियम में भारतीय टीम का हालिया रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है। वनडे विश्व कप 2023 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से मिली हार भारतीय फैंस अब भी नहीं भूले हैं। वहीं जारी टी20 विश्व कप में भी सुपर-8 के पहले मुकाबले में भारतीय टीम को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपनी पहली हार का सामना करना पड़ा था।
इसलिए भारतीय फैंस इस मैच से पहले काफी चिंतित हैं, लेकिन आंकड़ों पर गौर करें तो टी20 में नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारतीय टीम का रिकॉर्ड अच्छा रहा है। भारतीय टीम ने नरेंद्र मोदी स्टेडियम में कुल 10 टी20 मैच खेले हैं जिसमें सात मैचों में टीम ने सफलता हासिल की है और तीन मैचों में हार मिली है। टीम इंडिया ने इंग्लैंड, नीदरलैंड, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड को भी हराया है। भारतीय टीम 2021 के बाद से इस स्टेडियम में तीन मैच हारी है। इस तरह नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारतीय टीम का टी20 में जो रिकॉर्ड है वो उत्साहजनक है। न्यूजीलैंड ने अहमदाबाद में दो टी20 खेले हैं और दोनों में उन्हें हार मिली थी।
भारतीय क्रिकेट टीम को टी20 विश्व कप 2026 का फाइनल रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलना है। इस स्टेडियम में भारतीय टीम का हालिया रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है। वनडे विश्व कप 2023 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से मिली हार भारतीय फैंस अब भी नहीं भूले हैं। वहीं जारी टी20 विश्व कप में भी सुपर-8 के पहले मुकाबले में भारतीय टीम को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपनी पहली हार का सामना करना पड़ा था।
इसलिए भारतीय फैंस इस मैच से पहले काफी चिंतित हैं, लेकिन आंकड़ों पर गौर करें तो टी20 में नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारतीय टीम का रिकॉर्ड अच्छा रहा है। भारतीय टीम ने नरेंद्र मोदी स्टेडियम में कुल 10 टी20 मैच खेले हैं जिसमें सात मैचों में टीम ने सफलता हासिल की है और तीन मैचों में हार मिली है। टीम इंडिया ने इंग्लैंड, नीदरलैंड, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड को भी हराया है। भारतीय टीम 2021 के बाद से इस स्टेडियम में तीन मैच हारी है। इस तरह नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारतीय टीम का टी20 में जो रिकॉर्ड है वो उत्साहजनक है। न्यूजीलैंड ने अहमदाबाद में दो टी20 खेले हैं और दोनों में उन्हें हार मिली थी।
न्यूजीलैंड की टीम ने एक दिन पहले स्टेडियम में प्रैक्टिस की
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
हालांकि, विश्व कप इतिहास में न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत का रिकॉर्ड निराशाजनक रहा है। भारतीय टीम ने टी20 विश्व कप इतिहास में न्यूजीलैंड के खिलाफ कुल तीन मैच खेले हैं और तीनों में हार का सामना करना पड़ा है। ऐसे में रविवार को होने वाले मुकाबले में भारतीय टीम को इतिहास बदलना होगा। भारतीय टीम अगर विश्व कप जीतती है तो लगातार दो टी20 विश्व कप जीतने वाली पहली टीम बनेगी। अब तक, इस टी20 वर्ल्ड कप के दौरान नरेंद्र मोदी स्टेडियम में छह मैच हुए हैं। पहले बल्लेबाजी करने वाली टीमों ने तीन मैच जीते हैं, जबकि चेज करने वाली टीमों ने दो जीते हैं। एक मैच टाई रहा है।