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IPL 2026: द हंड्रेड में PAK खिलाड़ी को खरीदना सनराइजर्स को पड़ेगा भारी? आईपीएल में उठाना पड़ सकता है नुकसान
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Swapnil Shashank
Updated Fri, 13 Mar 2026 01:28 PM IST
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सार
द हंड्रेड लीग में पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदने के बाद सनराइजर्स फ्रेंचाइजी विवादों में घिर गई है। सोशल मीडिया पर इसका विरोध हो रहा है और कुछ लोग इसे राष्ट्रीय भावना से जोड़ रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या इसका असर आईपीएल में भी सनराइजर्स की छवि और कारोबार पर पड़ सकता है।
अबरार अहमद और काव्या मारन
- फोटो : IANS
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विस्तार
इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के अंदर आने वाली 'द हंड्रेड' लीग चर्चा में है। गुरुवार को लीग के लिए हुए ऑक्शन के बाद जमकर बवाल हुआ है। दरअसल, 12 मार्च को द हंड्रेड के लिए नीलामी का आयोजन किया गया था। भारतीय सन ग्रुप की स्वामित्व वाली सनराइजर्स लीड्स ने नीलामी में पाकिस्तान के स्पिनर अबरार अहमद को खरीदा। अब खबर यह है कि सनराइजर्स लीड्स का अबरार अहमद को खरीदना फ्रेंचाइजी पर भारी पड़ सकता है। भारतीय क्रिकेट फैंस सनराइजर्स के इस कदम को देश विरोधी बता रहे हैं।
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सनराइजर्स हैदराबाद का बहिष्कार करने की धमकी
सनराइजर्स लीड्स आईपीएल की सनराइजर्स हैदराबाद से जुड़ी है। ऐसे में सोशल मीडिया पर फैंस आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद का बहिष्कार करने की धमकी दे रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि ऐसे खिलाड़ी को खरीदना, जिसने कथित तौर पर 2025 में भारतीय सेना का मजाक उड़ाने वाला पोस्ट सोशल मीडिया पर किया था, टीम मालिकों की पैसा कमाने की प्राथमिकताओं को देश की भावनाओं पर तरजीह देने जैसा है। बता दें कि सनराइजर्स लीड्स ने ट्रेंट रॉकेट्स से अधिक बोली लगाते हुए अबरार को साइन कर सभी को हैरान कर दिया।
सनराइजर्स लीड्स आईपीएल की सनराइजर्स हैदराबाद से जुड़ी है। ऐसे में सोशल मीडिया पर फैंस आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद का बहिष्कार करने की धमकी दे रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि ऐसे खिलाड़ी को खरीदना, जिसने कथित तौर पर 2025 में भारतीय सेना का मजाक उड़ाने वाला पोस्ट सोशल मीडिया पर किया था, टीम मालिकों की पैसा कमाने की प्राथमिकताओं को देश की भावनाओं पर तरजीह देने जैसा है। बता दें कि सनराइजर्स लीड्स ने ट्रेंट रॉकेट्स से अधिक बोली लगाते हुए अबरार को साइन कर सभी को हैरान कर दिया।
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पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर नहीं लगनी थी बोली?
नीलामी से पहले यह अनुमान लगाया जा रहा था कि द हंड्रेड में शामिल चार भारतीय स्वामित्व वाली टीमें- सनराइजर्स लीड्स, एमआई लंदन, मैनचेस्टर सुपर जायंट्स और सदर्न ब्रेव, पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर बोली लगाने से बचेंगी। हालांकि, ईसीबी ने नीलामी से पहले सभी आठ टीमों को चेतावनी दी थी कि राष्ट्रीयता के आधार पर खिलाड़ियों को न लेना यूके के एंटी-डिस्क्रिमिनेशन कानूनों का उल्लंघन है। भारतीय स्वामित्व वाली टीमें एसए20 और आईएलटी 20 जैसी अन्य लीगों में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को साइन नहीं करती हैं। अबरार को सनराइजर्स लीड्स ने हेड कोच डेनियल विटोरी की अगुवाई में एक रणनीतिक निर्णय के तहत खरीदा।
नीलामी से पहले यह अनुमान लगाया जा रहा था कि द हंड्रेड में शामिल चार भारतीय स्वामित्व वाली टीमें- सनराइजर्स लीड्स, एमआई लंदन, मैनचेस्टर सुपर जायंट्स और सदर्न ब्रेव, पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर बोली लगाने से बचेंगी। हालांकि, ईसीबी ने नीलामी से पहले सभी आठ टीमों को चेतावनी दी थी कि राष्ट्रीयता के आधार पर खिलाड़ियों को न लेना यूके के एंटी-डिस्क्रिमिनेशन कानूनों का उल्लंघन है। भारतीय स्वामित्व वाली टीमें एसए20 और आईएलटी 20 जैसी अन्य लीगों में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को साइन नहीं करती हैं। अबरार को सनराइजर्स लीड्स ने हेड कोच डेनियल विटोरी की अगुवाई में एक रणनीतिक निर्णय के तहत खरीदा।
सनराइजर्स को करना पड़ रहा चुनौतियों का सामना
फ्रेंचाइजी के अधिकारियों ने कहा कि चयन पूरी तरह क्रिकेट की काबिलियत और टीम की जरूरतों के आधार पर किया गया। शैडो-बैन की आशंकाओं को इस साइनिंग से समाप्त किया गया, लेकिन अब उन्हें भारत में अपने मुख्य कमर्शियल मार्केट में पीआर संकट का प्रबंधन करने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
फ्रेंचाइजी के अधिकारियों ने कहा कि चयन पूरी तरह क्रिकेट की काबिलियत और टीम की जरूरतों के आधार पर किया गया। शैडो-बैन की आशंकाओं को इस साइनिंग से समाप्त किया गया, लेकिन अब उन्हें भारत में अपने मुख्य कमर्शियल मार्केट में पीआर संकट का प्रबंधन करने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।