नीतीश राणा के विकेट पर बवाल: संजू सैमसन भी आए लपेटे में; बेल्स पहले गिरीं या बाद में? जानिए नियम क्या कहते हैं
दिल्ली कैपिटल्स और चेन्नई सुपर किंग्स मैच में नीतीश राणा के विकेट पर नया विवाद खड़ा हो गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दावा हुआ कि गेंद लगने से पहले बेल्स गिर गई थीं। इसके बाद सवाल उठा कि क्या अंपायर को इसे डेड बॉल देना चाहिए था।
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चेन्नई के स्पिनर नूर अहमद की गेंद पर नीतीश राणा ने स्वीप शॉट खेलने की कोशिश की। गेंद हवा में गई और डीप फाइन लेग पर फील्डर ने कैच पकड़ लिया। मैदान पर फैसला साफ था और राणा को आउट दे दिया गया। लेकिन मैच के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया कि गेंद राणा के बल्ले से लगने से पहले ही स्टंप्स की बेल्स गिर चुकी थीं। इसके बाद फैंस ने सवाल उठाया कि क्या अंपायर को इसे 'डेड बॉल' घोषित करना चाहिए था।
कुछ लोगों ने यह भी कहा कि क्या राणा हिट विकेट आउट हुए थे, या फिर विकेटकीपर संजू सैमसन ने गलती से पीछे से बेल्स गिरा दी थीं। हालांकि उपलब्ध फुटेज में ऐसा कोई संकेत नहीं मिला कि राणा ने खुद बेल्स गिराईं हों या विकेटकीपर ने बेल्स गिराई हों। माना जा रहा है कि दिल्ली में तेज हवा के कारण बेल्स अपने आप गिर गई थीं।
When Nitish got Out,Sanju Disturbed The Wicket and bail fell off
— Stubbsy³⁰ (@sinha7605) May 5, 2026
Any expert please tell will it be Out or not? pic.twitter.com/wUF9r0cODA
क्रिकेट के नियमों के अनुसार, बल्लेबाज तभी हिट विकेट आउट माना जाता है जब वह शॉट खेलने या रन लेने की कोशिश में खुद अपना विकेट गिरा दे। इस मामले में राणा ने ऐसा नहीं किया, इसलिए उन्हें हिट विकेट नहीं दिया जा सकता था। अब सवाल आता है डेड बॉल का। एमसीसी के नियम 20 के मुताबिक, अगर बल्लेबाज गेंद खेलने की तैयारी के दौरान किसी आवाज, हलचल या व्यवधान से प्रभावित होता है, तो अंपायर गेंद को डेड बॉल घोषित कर सकते हैं। नियम 20.4.2.6 के अनुसार, 'यदि स्ट्राइकर गेंद लेने की तैयारी करते समय या गेंद खेलते समय किसी आवाज, हरकत या अन्य कारण से विचलित होता है, तो अंपायर डेड बॉल का संकेत दे सकता है।' हालांकि, नीतीश ने गेंद खेली और शॉट कम्प्लीट किया।
क्योंकि बेल्स गेंद डाले जाने के बाद गिरीं और ऐसा कोई संकेत नहीं था कि राणा विचलित हुए थे, इसलिए अंपायर के पास डेड बॉल देने का स्पष्ट आधार नहीं था। यही कारण है कि खेल जारी रहा और कैच मान्य माना गया। हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद बहस तेज हो गई है। कुछ फैंस इसे गलत फैसला बता रहे हैं, जबकि कई लोगों का मानना है कि नियमों के हिसाब से अंपायर का फैसला सही था। आईपीएल 2026 में यह मामला अब नई बहस बन चुका है, जहां तकनीक और नियमों की व्याख्या फिर सवालों के घेरे में है।