Suryansh Shedge: 'सूर्यांश शेडगे में 10 साल तक भारत के लिए खेलने का दम', किसने की इस युवा ऑलराउंडर की तारीफ?
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और पूर्व राष्ट्रीय चयनकर्ता जतिन परांजपे का मानना है कि युवा ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे के पास अगले 10 वर्षों तक भारतीय टीम के लिए खेलने की क्षमता और मानसिक मजबूती है। उन्होंने कहा कि आयरलैंड और इंग्लैंड की परिस्थितियां शेडगे के खेल के लिए अनुकूल हैं और भारतीय टीम में उनका चयन बिल्कुल सही समय पर हुआ है। परांजपे ने शेडगे की प्रतिभा, मानसिकता, पारिवारिक त्याग और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से बात की।
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विस्तार
भारतीय क्रिकेट में लगातार उभरती युवा प्रतिभाओं के बीच सूर्यांश शेडगे का नाम तेजी से चर्चा में आया है। आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए घोषित भारतीय टी20 टीम में पहली बार जगह बनाने वाले इस युवा ऑलराउंडर को लेकर पूर्व भारतीय क्रिकेटर और पूर्व राष्ट्रीय चयनकर्ता जतिन परांजपे बेहद आश्वस्त नजर आते हैं। उनका मानना है कि सूर्यांश केवल मौजूदा समय के खिलाड़ी नहीं हैं, बल्कि उनमें अगले एक दशक तक भारतीय क्रिकेट की सेवा करने की क्षमता मौजूद है।
10 साल तक भारतीय टीम का हिस्सा बनने की क्षमता
आईएएनएस से विशेष बातचीत में जतिन परांजपे ने कहा कि सूर्यांश शेडगे के पास वह सभी गुण हैं जो किसी खिलाड़ी को लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल बनाते हैं। उन्होंने कहा, 'वह एक स्वाभाविक टी20 खिलाड़ी हैं और यह उनके लिए फायदेमंद रहेगा। उन्हें यह समझ आएगा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आईपीएल की तुलना में अधिक दबाव और तेजी होती है। इसलिए उन्हें इस माहौल में ढलने में तीन-चार मैच लग सकते हैं। हालांकि, मुझे पूरा भरोसा है कि उनके पास अगले 10 वर्षों तक भारत के लिए खेलने की क्षमता और मानसिक दृढ़ता है।'
आयरलैंड और इंग्लैंड का दौरा क्यों है खास?
परांजपे का मानना है कि शेडगे के अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत के लिए इससे बेहतर मंच नहीं हो सकता था। उनके अनुसार आयरलैंड और इंग्लैंड की परिस्थितियां एक ऐसे ऑलराउंडर के लिए आदर्श हैं जो बल्लेबाजी के साथ-साथ मध्यम गति की गेंदबाजी भी करता हो।उन्होंने कहा, 'मैं उनके लिए बेहद खुश हूं। आयरलैंड और इंग्लैंड का दौरा सूर्यांश जैसे ऑलराउंडर के लिए बिल्कुल उपयुक्त है। वहां गेंद हवा में और पिच से कुछ मूव करेगी। बल्लेबाजी के नजरिए से भी मुझे लगता है कि उन्हें ये परिस्थितियां पसंद आएंगी। जब कोई खिलाड़ी अपना अंतरराष्ट्रीय करियर शुरू करता है तो कई चीजों का उसके पक्ष में होना महत्वपूर्ण होता है और उनमें से एक वह जगह भी होती है जहां वह पदार्पण कर रहा है। इसे लेकर मैं काफी उत्साहित हूं।'
आईपीएल और इंडिया ए में दमदार प्रदर्शन का इनाम
सूर्यांश शेडगे ने पिछले कुछ महीनों में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स के लिए उन्होंने सात पारियों में 39.50 की औसत और 175.55 के शानदार स्ट्राइक रेट से 158 रन बनाए। इसके बाद श्रीलंका में इंडिया ए की त्रिकोणीय श्रृंखला में भी उन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से योगदान दिया। परांजपे का मानना है कि यह चयन किसी संयोग का नतीजा नहीं, बल्कि लगातार मेहनत और प्रदर्शन का पुरस्कार है।
तकनीक से ज्यादा मानसिक मजबूती पर रहा फोकस
पिछले दो वर्षों से शेडगे के साथ काम कर रहे परांजपे ने बताया कि उनका लक्ष्य खिलाड़ी के खेल को पूरी तरह बदलना नहीं, बल्कि उसकी प्राकृतिक क्षमताओं को और बेहतर बनाना था। उन्होंने कहा, 'वह पहले से ही बेहद काबिल खिलाड़ी थे। आपको बस उन्हें मानसिक तौर पर थोड़ा आराम देने और यह बताने की जरूरत होती है कि आप उन पर उतना ही विश्वास करते हैं जितना वे खुद पर करते हैं। हमारा काफी समय मैच की परिस्थितियों पर चर्चा करने और उनके सोचने के तरीके को समझने में बीता।'
उन्होंने आगे कहा, 'आप खेल को जितना सरल रखेंगे, उतना ही बेहतर होगा। दुनिया के सभी महान खिलाड़ी चीजों को सरल रखते हैं। हमने इस बात पर चर्चा की कि हर गेंद का सामना करते समय उनकी 'सेल्फ-टॉक' कैसी होनी चाहिए और उसे लगातार सरल बनाए रखना चाहिए।'
भारतीय टी20 टीम की कमान श्रेयस अय्यर और वनडे टीम की कमान शुभमन गिल के हाथों में है। परांजपे का मानना है कि युवा खिलाड़ियों के लिए यह एक सकारात्मक माहौल है। उन्होंने कहा, 'सिर्फ श्रेयस ही नहीं, यह मत भूलिए कि शुभमन भी एक युवा कप्तान हैं। मैंने शुभमन को बहुत करीब से देखा है। एक कप्तान के तौर पर उनमें काफी हमदर्दी है। यदि सूर्यांश प्लेइंग इलेवन में जगह बनाते हैं तो मुझे लगता है कि शुभमन उनका बहुत अच्छे तरीके से मार्गदर्शन करेंगे, क्योंकि एक युवा खिलाड़ी होने के नाते वह शुरुआती मैचों की घबराहट, तनाव और उत्साह को अच्छी तरह समझते हैं।'
परांजपे ने शेडगे के माता-पिता प्रशांत और प्रियदर्शिनी के योगदान की भी जमकर सराहना की। उन्होंने बताया कि दोनों ने अपने बेटे के क्रिकेट करियर को संवारने के लिए बैंकिंग क्षेत्र की नौकरियां छोड़ दी थीं। उनके अनुसार किसी खिलाड़ी की सफलता के पीछे परिवार की भूमिका उतनी ही महत्वपूर्ण होती है जितनी मैदान पर उसकी मेहनत।
सूर्यांश शेडगे फिलहाल भारतीय क्रिकेट के सबसे रोमांचक युवा खिलाड़ियों में गिने जा रहे हैं। यदि वह अपनी मौजूदा लय और सीखने की भूख को बरकरार रखते हैं, तो भारतीय क्रिकेट को आने वाले वर्षों में एक भरोसेमंद ऑलराउंडर मिल सकता है।