{"_id":"699be93f7b4ba0dafb034290","slug":"t20-world-cup-2026-how-defeat-against-south-africa-complicates-india-semifinal-qualification-scenario-2026-02-23","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सुपर-8 के पहले मैच में हार से बिगड़ा भारत का गणित: नेट रन रेट बना नई टेंशन! सेमीफाइनल के लिए पूरा समीकरण समझिए","category":{"title":"Cricket","title_hn":"क्रिकेट","slug":"cricket"}}
सुपर-8 के पहले मैच में हार से बिगड़ा भारत का गणित: नेट रन रेट बना नई टेंशन! सेमीफाइनल के लिए पूरा समीकरण समझिए
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Mon, 23 Feb 2026 11:19 AM IST
विज्ञापन
सार
India T20 World Cup Semi Final Scenarios: दक्षिण अफ्रीका से 76 रन की हार के बाद भारत सुपर-8 ग्रुप में आखिरी स्थान पर है और उसका नेट रन रेट -3.800 हो गया है। सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए भारत को वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे के खिलाफ दोनों मैच जीतने होंगे। एक भी हार या करीबी जीत से मामला नेट रन रेट पर अटक सकता है।
टी20 विश्वकप 2026
- फोटो : IANS
विज्ञापन
विस्तार
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 चरण में पहले ही मैच भारत की हार निराशाजनक रही। अहमदाबाद में खेले गए मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने 76 रन से करारी शिकस्त दी। इस हार ने न सिर्फ अंक तालिका में भारत को पीछे धकेला, बल्कि नेट रन रेट (NRR) पर भी गहरी चोट पहुंचाई। सुपर-8 के दो ग्रुप हैं और दोनों ग्रुप में चार-चार टीमें हैं। हर ग्रुप से शीर्ष-दो टीमें सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई करेंगी।
Trending Videos
अंक तालिका की मौजूदा तस्वीर
सुपर-8 ग्रुप 1 में दक्षिण अफ्रीका दो अंकों और +3.800 के शानदार नेट रन रेट के साथ शीर्ष पर है, जबकि भारत एक मैच में हार के बाद शून्य अंक और -3.800 NRR के साथ सबसे नीचे खिसक गया है। -3.800 नेट रन रेट का मतलब है कि भारत को अगले दोनों मैच भारी अंतर से जीतने होंगे। हालांकि, दोनों मैच में जीत भी भारत को सेमीफाइनल की गारंटी नहीं देता है। सुपर-8 ग्रुप-1 की बाकी दो टीमें, वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे आज एक-दूसरे के खिलाफ अपने सुपर-8 अभियान की शुरुआत करेंगी। स्पष्ट है कि भारत के लिए अपना और ग्रुप की दूसरी टीमों का भी, यानी आगे का हर मैच निर्णायक बन चुका है।
सुपर-8 ग्रुप 1
सुपर-8 ग्रुप 2
सुपर-8 ग्रुप 1 में दक्षिण अफ्रीका दो अंकों और +3.800 के शानदार नेट रन रेट के साथ शीर्ष पर है, जबकि भारत एक मैच में हार के बाद शून्य अंक और -3.800 NRR के साथ सबसे नीचे खिसक गया है। -3.800 नेट रन रेट का मतलब है कि भारत को अगले दोनों मैच भारी अंतर से जीतने होंगे। हालांकि, दोनों मैच में जीत भी भारत को सेमीफाइनल की गारंटी नहीं देता है। सुपर-8 ग्रुप-1 की बाकी दो टीमें, वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे आज एक-दूसरे के खिलाफ अपने सुपर-8 अभियान की शुरुआत करेंगी। स्पष्ट है कि भारत के लिए अपना और ग्रुप की दूसरी टीमों का भी, यानी आगे का हर मैच निर्णायक बन चुका है।
सुपर-8 ग्रुप 1
| टीम | मैच | जीत | हार | बेनतीजा | अंक | नेट रन रेट |
|---|---|---|---|---|---|---|
| दक्षिण अफ्रीका | 1 | 1 | 0 | 0 | 2 | +3.800 |
| वेस्टइंडीज | 0 | 0 | 0 | 0 | 0 | 0.000 |
| जिम्बाब्वे | 0 | 0 | 0 | 0 | 0 | 0.000 |
| भारत | 1 | 0 | 1 | 0 | 0 | -3.800 |
सुपर-8 ग्रुप 2
| टीम | मैच | जीत | हार | बेनतीजा | अंक | नेट रन रेट |
|---|---|---|---|---|---|---|
| इंग्लैंड | 1 | 1 | 0 | 0 | 2 | +2.550 |
| पाकिस्तान | 1 | 0 | 0 | 1 | 1 | 0.000 |
| न्यूजीलैंड | 1 | 0 | 0 | 1 | 1 | 0.000 |
| श्रीलंका | 1 | 0 | 1 | 0 | 0 | -2.550 |
विज्ञापन
विज्ञापन
भारतीय टीम
- फोटो : BCCI
टीम इंडिया को कैसे मिली हार?
दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 187/7 का मजबूत स्कोर बनाया। डेविड मिलर (63) और डेवाल्ड ब्रेविस (45) ने मध्य ओवरों में तेज रन बटोरकर भारत को बैकफुट पर ला दिया। भारत की ओर से जसप्रीत बुमराह ने 3/15 की बेहतरीन गेंदबाजी की, लेकिन अन्य गेंदबाज लय में नहीं दिखे। 188 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए सूर्यकुमार की कप्तानी वाली टीम कभी भी मुकाबले में नियंत्रण बनाती नजर नहीं आई। पूरी टीम 111 रन पर सिमट गई। मार्को यानसेन ने चार विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।
अब जानते हैं कि भारत और सेमीफाइनल की राह में क्या-क्या समीकरण बनते हैं-
दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 187/7 का मजबूत स्कोर बनाया। डेविड मिलर (63) और डेवाल्ड ब्रेविस (45) ने मध्य ओवरों में तेज रन बटोरकर भारत को बैकफुट पर ला दिया। भारत की ओर से जसप्रीत बुमराह ने 3/15 की बेहतरीन गेंदबाजी की, लेकिन अन्य गेंदबाज लय में नहीं दिखे। 188 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए सूर्यकुमार की कप्तानी वाली टीम कभी भी मुकाबले में नियंत्रण बनाती नजर नहीं आई। पूरी टीम 111 रन पर सिमट गई। मार्को यानसेन ने चार विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।
अब जानते हैं कि भारत और सेमीफाइनल की राह में क्या-क्या समीकरण बनते हैं-
समीकरण नंबर-1: दक्षिण अफ्रीका अपने तीनों मैच जीते और भारत बाकी दोनों मैच जीत ले
भारत को अब वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे के खिलाफ अपने दोनों शेष मुकाबले जीतने होंगे। जिम्बाब्वे से भारत का सामना 26 फरवरी को चेन्नई में और वेस्टइंडीज से भारत का सामना एक मार्च को कोलकाता में है। यदि भारत दोनों मैच जीतता है, तो उसके चार अंक हो जाएंगे। ऐसे में दक्षिण अफ्रीका अपने दोनों मैच जीतता है तो उसके छह अंक होंगे और टीम सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई कर जाएगी। ऐसे में भारत के लिए चार अंक सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए पर्याप्त होंगे। क्योंकि बाकी दोनों टीमें अधिकतम दो-दो अंक तक ही रह पाएंगी। सेमीफाइनल में पहुंचने का यह सबसे आसान समीकरण है।
भारत को अब वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे के खिलाफ अपने दोनों शेष मुकाबले जीतने होंगे। जिम्बाब्वे से भारत का सामना 26 फरवरी को चेन्नई में और वेस्टइंडीज से भारत का सामना एक मार्च को कोलकाता में है। यदि भारत दोनों मैच जीतता है, तो उसके चार अंक हो जाएंगे। ऐसे में दक्षिण अफ्रीका अपने दोनों मैच जीतता है तो उसके छह अंक होंगे और टीम सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई कर जाएगी। ऐसे में भारत के लिए चार अंक सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए पर्याप्त होंगे। क्योंकि बाकी दोनों टीमें अधिकतम दो-दो अंक तक ही रह पाएंगी। सेमीफाइनल में पहुंचने का यह सबसे आसान समीकरण है।
टी20 विश्वकप 2026 सुपर आठ ग्रुप
- फोटो : ANI/Twitter/PTI
समीकरण नंबर-2: सबसे बड़ा पेच यहीं फंसेगा, नेट रन रेट का खेल होगा फिर
हालांकि, सबसे बड़ा पेच तब फंसेगा, जब दक्षिण अफ्रीका की टीम अपने बाकी दो में से सिर्फ एक मैच जीतती है और वेस्टइंडीज या जिम्बाब्वे में से कोई टीम दक्षिण अफ्रीका को हरा देती है। ऐसे में तीन टीमें 4-4 अंकों पर पहुंच सकती हैं। तब फैसला नेट रन रेट से होगा। भारत का मौजूदा नेट रन रेट (-3.800) काफी कमजोर है, इस स्थिति में भारत को बाकी दोनों मैचों में बड़ी जीत की जरूरत होगी। दक्षिण अफ्रीका चोकर्स माने जाते हैं और जिम्बाब्वे या वेस्टइंडीज की टीम फंसा सकती है।
हालांकि, सबसे बड़ा पेच तब फंसेगा, जब दक्षिण अफ्रीका की टीम अपने बाकी दो में से सिर्फ एक मैच जीतती है और वेस्टइंडीज या जिम्बाब्वे में से कोई टीम दक्षिण अफ्रीका को हरा देती है। ऐसे में तीन टीमें 4-4 अंकों पर पहुंच सकती हैं। तब फैसला नेट रन रेट से होगा। भारत का मौजूदा नेट रन रेट (-3.800) काफी कमजोर है, इस स्थिति में भारत को बाकी दोनों मैचों में बड़ी जीत की जरूरत होगी। दक्षिण अफ्रीका चोकर्स माने जाते हैं और जिम्बाब्वे या वेस्टइंडीज की टीम फंसा सकती है।
समीकरण नंबर-3: द. अफ्रीका बाकी दोनों मैच हारे, भारत दोनों मैच जीते
अगर दक्षिण अफ्रीका अपने बाकी दोनों मैच हार जाता है, तो इस स्थिति में जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज दोनों के दो-दो अंक तय हो जाएंगे, जबकि दक्षिण अफ्रीका दो ही अंकों पर सिमट कर रह जाएगा। इस स्थिति में अगर भारत जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज दोनों को हरा देता है तो टीम इंडिया के चार अंक पक्के हो जाएंगे। फिर जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के बीच आज होने वाला मैच नॉकआउट की तरह काम करेगा। आज जो टीम जीतेगी, वह चार अंक लेकर भारत के साथ सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई करेगी।
अगर दक्षिण अफ्रीका अपने बाकी दोनों मैच हार जाता है, तो इस स्थिति में जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज दोनों के दो-दो अंक तय हो जाएंगे, जबकि दक्षिण अफ्रीका दो ही अंकों पर सिमट कर रह जाएगा। इस स्थिति में अगर भारत जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज दोनों को हरा देता है तो टीम इंडिया के चार अंक पक्के हो जाएंगे। फिर जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के बीच आज होने वाला मैच नॉकआउट की तरह काम करेगा। आज जो टीम जीतेगी, वह चार अंक लेकर भारत के साथ सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई करेगी।
भारतीय टीम
- फोटो : PTI
समीकरण नंबर-4: भारत अगर एक मैच जीतता है तो राह कठिन, लेकिन नामुमकिन नहीं
अगर भारत सिर्फ एक मुकाबला जीत पाता है, तो स्थिति और जटिल हो जाएगी। दक्षिण अफ्रीका को अपने दोनों मैच जीतने होंगे। भारत की जीत वेस्टइंडीज-जिम्बाब्वे मैच के विजेता के खिलाफ होनी चाहिए। ऐसी स्थिति में भारत, वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे तीनों के 2-2 अंक हो सकते हैं। तब एक बार फिर नेट रन रेट ही निर्णायक कारक बनेगा। इस स्थिति में भारत का भविष्य पूरी तरह अन्य टीमों के परिणामों और बड़े अंतर से जीत पर निर्भर करेगा।
अगर भारत सिर्फ एक मुकाबला जीत पाता है, तो स्थिति और जटिल हो जाएगी। दक्षिण अफ्रीका को अपने दोनों मैच जीतने होंगे। भारत की जीत वेस्टइंडीज-जिम्बाब्वे मैच के विजेता के खिलाफ होनी चाहिए। ऐसी स्थिति में भारत, वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे तीनों के 2-2 अंक हो सकते हैं। तब एक बार फिर नेट रन रेट ही निर्णायक कारक बनेगा। इस स्थिति में भारत का भविष्य पूरी तरह अन्य टीमों के परिणामों और बड़े अंतर से जीत पर निर्भर करेगा।
सुपर-8 ग्रुप-1 के बचे हुए मुकाबले: इन मैचों के नतीजे सुपर-8 की तस्वीर पूरी तरह बदल सकते हैं।
- 23 फरवरी: वेस्टइंडीज बनाम जिम्बाब्वे (मुंबई)
- 26 फरवरी: दक्षिण अफ्रीका बनाम वेस्टइंडीज (अहमदाबाद)
- 26 फरवरी: भारत बनाम जिम्बाब्वे (चेन्नई)
- 1 मार्च: दक्षिण अफ्रीका बनाम जिम्बाब्वे (दिल्ली)
- 1 मार्च: भारत बनाम वेस्टइंडीज (कोलकाता)
भारतीय टीम
- फोटो : IANS
भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती
कुल मिलाकर भारत के सामने अब दो अहम लक्ष्य हैं-
कुल मिलाकर भारत के सामने अब दो अहम लक्ष्य हैं-
- दोनों मुकाबले जीतना।
- नेट रन रेट में सुधार करना।
- बल्लेबाजी में स्थिरता लानी होगी।
- गेंदबाजों को डेथ ओवरों में नियंत्रण दिखाना होगा।
- रणनीतिक तौर पर प्लेइंग-11 का सही संतुलन जरूरी है।
अगर भारत को अंतिम चार में जगह बनानी है, तो सिर्फ जीत काफी नहीं, बल्कि दमदार जीत दर्ज करनी होगी। सुपर-8 में मिली 76 रन की हार ने भारत के सेमीफाइनल अभियान को मुश्किल बना दिया है। अब टीम के पास वापसी का मौका है, लेकिन चूक की गुंजाइश नहीं। समीकरण साफ है, दोनों मैच जीतिए, वरना नेट रन रेट और दूसरी टीमों के भरोसे रहना पड़ेगा।