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T20 WC: 'भारत के पैसों पर पलता पाकिस्तान क्रिकेट!' विवाद के बीच PCB के पूर्व अध्यक्ष रमीज राजा का वीडियो वायरल

स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लाहौर Published by: स्वप्निल शशांक Updated Thu, 05 Feb 2026 09:29 AM IST
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सार

भारत के खिलाफ मैच बहिष्कार का फैसला भले ही सियासी दिखावे के लिए लिया गया हो, लेकिन सच्चाई यही है कि पाकिस्तान क्रिकेट की आर्थिक रीढ़ भारत से जुड़ी हुई है। रमीज राजा का पुराना बयान आज पाकिस्तान के लिए चेतावनी बन गया है। सियासत से तालियां मिल सकती हैं, लेकिन अगर भारत से क्रिकेट टूट गया, तो पाकिस्तान क्रिकेट का ढांचा हिल सकता है।

T20 World Cup Row: ‘Pakistan Cricket Survives on Indian Money’ — Ramiz Raja Video Goes Viral
रमीज राजा का वीडियो वायरल - फोटो : ANI
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विस्तार

भारत के खिलाफ टी20 विश्व कप मैच के बहिष्कार को लेकर पाकिस्तान में मचा सियासी और क्रिकेटीय घमासान अब और गहरा हो गया है। खुद पाकिस्तान में ही इसको लेकर दो गुट बन गए हैं। जहां कुछ मैच न खेलने को सही ठहरा रहा हैं, वहीं पाकिस्तान के ज्यादातर पूर्व क्रिकेटर्स इस फैसले को नासमझी भरा फैसला बता रहे हैं। इस विवाद के बीच पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के पूर्व चेयरमैन रमीज राजा का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर फिर से वायरल हो गया है, जिसने पाकिस्तान क्रिकेट की असल हकीकत सबके सामने रख दी है।
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रमीज राजा का चौंकाने वाला खुलासा
वायरल वीडियो में रमीज राजा साफ तौर पर पाकिस्तान क्रिकेट की आर्थिक निर्भरता पर बात करते नजर आते हैं। उन्होंने कहा, 'मैं यह समझता हूं, और सबसे डरावनी बात जो मैं आप सबके साथ साझा कर रहा हूं और जो मैं क्रिकेट बोर्ड से भी कह चुका हूं, वो यह है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की करीब 50 प्रतिशत फंडिंग आईसीसी से आती है। आईसीसी टूर्नामेंट आयोजित करके कमाई करता है और उसे अपने सदस्य बोर्डों में बांटता है। और आईसीसी की इस फंडिंग का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा भारतीय बाजार से आता है। इसलिए एक तरह से भारतीय बिजनेस हाउस पाकिस्तान क्रिकेट चला रहे हैं। और अगर कल भारत के प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान को फंड न देने का फैसला कर लिया, तो हमारा क्रिकेट बोर्ड भी ढह सकता है।' यह बयान आज के हालात में पाकिस्तान के लिए सबसे असहज सच बनकर सामने आया है।
 
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टी20 वर्ल्ड कप बहिष्कार और बढ़ता खतरा
पाकिस्तान सरकार के निर्देश पर पीसीबी ने 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाले भारत-पाकिस्तान मुकाबले के बहिष्कार का फैसला लिया। हालांकि अब तक आईसीसी को इस फैसले का कोई ठोस कारण आधिकारिक तौर पर नहीं बताया गया है। अगर पाकिस्तान अपने फैसले पर अड़ा रहता है, तो वह न्यूट्रल वेन्यू पर खेलने के पहले से तय समझौते का उल्लंघन करेगा। 

आईसीसी की सख्ती और आर्थिक नुकसान की आशंका
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईसीसी पाकिस्तान का सालाना रेवेन्यू शेयर, जो लगभग 3.5 करोड़ डॉलर है, रोक सकता है। इतना ही नहीं, आईसीसी इस रकम से सीधे ब्रॉडकास्टर्स को भुगतान करने पर भी विचार कर सकता है। पीसीबी के एक सूत्र के मुताबिक, चेयरमैन मोहसिन नकवी ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को ब्रीफ करने से पहले कानूनी सलाह जरूर ली थी, लेकिन बोर्ड अब गंभीर नतीजों के लिए खुद को तैयार कर रहा है।

सियासत बनाम सच्चाई
एक तरफ पाकिस्तान सरकार भारत के खिलाफ सियासी तेवर दिखा रही है, वहीं दूसरी तरफ रमीज राजा का यह वीडियो बता रहा है कि भारत से दूरी पाकिस्तान क्रिकेट के लिए कितनी महंगी पड़ सकती है। यह वही विरोधाभास है, जो पाकिस्तान की क्रिकेट नीति को कमजोर करता रहा है। बहरहाल पाकिस्तान के लिए सामने गड्ढा और पीछे खाई है। अब अगर वह अपने बयान से पीछे हटा तो बेवकूफ कहलाएगा और आगे बढ़ा तो भारी आर्थिक जोखिम उठाना पड़ेगा। पहले से कर्जों में डूबे पाकिस्तान के लिए यह महंगा साबित होगा।

बोर्ड पहले भी अपने खिलाड़ियों और कोच की सैलरी रोक चुका है। साथ ही पाकिस्तान का ढोंग भी दिख गया। उसने बांग्लादेश के समर्थन में पत्र लिखकर कहा था कि वह भी टूर्नामेंट का बहिष्कार करेगा, लेकिन फिर आर्थिक जोखिमों के डर ने ऐसा करने से रोक लिया। अब वह भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलने की कह रहा है। हालांकि, हमें आश्चर्य नहीं होगा अगर दो दिन बाद पाकिस्तान अपना फैसला फिर बदले ले और कुछ और एलान कर दे। जब पीसीबी अध्यक्ष अपने प्रधानमंत्री का नाम सही नहीं लिख सकते तो उस देश में कुछ भी संभव है।

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