T20 WC: 'भारत के पैसों पर पलता पाकिस्तान क्रिकेट!' विवाद के बीच PCB के पूर्व अध्यक्ष रमीज राजा का वीडियो वायरल
भारत के खिलाफ मैच बहिष्कार का फैसला भले ही सियासी दिखावे के लिए लिया गया हो, लेकिन सच्चाई यही है कि पाकिस्तान क्रिकेट की आर्थिक रीढ़ भारत से जुड़ी हुई है। रमीज राजा का पुराना बयान आज पाकिस्तान के लिए चेतावनी बन गया है। सियासत से तालियां मिल सकती हैं, लेकिन अगर भारत से क्रिकेट टूट गया, तो पाकिस्तान क्रिकेट का ढांचा हिल सकता है।
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वायरल वीडियो में रमीज राजा साफ तौर पर पाकिस्तान क्रिकेट की आर्थिक निर्भरता पर बात करते नजर आते हैं। उन्होंने कहा, 'मैं यह समझता हूं, और सबसे डरावनी बात जो मैं आप सबके साथ साझा कर रहा हूं और जो मैं क्रिकेट बोर्ड से भी कह चुका हूं, वो यह है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की करीब 50 प्रतिशत फंडिंग आईसीसी से आती है। आईसीसी टूर्नामेंट आयोजित करके कमाई करता है और उसे अपने सदस्य बोर्डों में बांटता है। और आईसीसी की इस फंडिंग का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा भारतीय बाजार से आता है। इसलिए एक तरह से भारतीय बिजनेस हाउस पाकिस्तान क्रिकेट चला रहे हैं। और अगर कल भारत के प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान को फंड न देने का फैसला कर लिया, तो हमारा क्रिकेट बोर्ड भी ढह सकता है।' यह बयान आज के हालात में पाकिस्तान के लिए सबसे असहज सच बनकर सामने आया है।
Ramiz Raza had said Pakistan Cricket team survives on ICC grants of which 90% is generated by BCCI. The Indian PM can finish Pakistan cricket easily.
— Ganesh (@me_ganesh14) February 2, 2026
Then fools believe they can form parallel council to the ICC 😂. Fact is Pakistan cricket is at the mercy of Jay Shah. #INDvsPAK pic.twitter.com/m1rYw5wkOq
पाकिस्तान सरकार के निर्देश पर पीसीबी ने 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाले भारत-पाकिस्तान मुकाबले के बहिष्कार का फैसला लिया। हालांकि अब तक आईसीसी को इस फैसले का कोई ठोस कारण आधिकारिक तौर पर नहीं बताया गया है। अगर पाकिस्तान अपने फैसले पर अड़ा रहता है, तो वह न्यूट्रल वेन्यू पर खेलने के पहले से तय समझौते का उल्लंघन करेगा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईसीसी पाकिस्तान का सालाना रेवेन्यू शेयर, जो लगभग 3.5 करोड़ डॉलर है, रोक सकता है। इतना ही नहीं, आईसीसी इस रकम से सीधे ब्रॉडकास्टर्स को भुगतान करने पर भी विचार कर सकता है। पीसीबी के एक सूत्र के मुताबिक, चेयरमैन मोहसिन नकवी ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को ब्रीफ करने से पहले कानूनी सलाह जरूर ली थी, लेकिन बोर्ड अब गंभीर नतीजों के लिए खुद को तैयार कर रहा है।
एक तरफ पाकिस्तान सरकार भारत के खिलाफ सियासी तेवर दिखा रही है, वहीं दूसरी तरफ रमीज राजा का यह वीडियो बता रहा है कि भारत से दूरी पाकिस्तान क्रिकेट के लिए कितनी महंगी पड़ सकती है। यह वही विरोधाभास है, जो पाकिस्तान की क्रिकेट नीति को कमजोर करता रहा है। बहरहाल पाकिस्तान के लिए सामने गड्ढा और पीछे खाई है। अब अगर वह अपने बयान से पीछे हटा तो बेवकूफ कहलाएगा और आगे बढ़ा तो भारी आर्थिक जोखिम उठाना पड़ेगा। पहले से कर्जों में डूबे पाकिस्तान के लिए यह महंगा साबित होगा।
बोर्ड पहले भी अपने खिलाड़ियों और कोच की सैलरी रोक चुका है। साथ ही पाकिस्तान का ढोंग भी दिख गया। उसने बांग्लादेश के समर्थन में पत्र लिखकर कहा था कि वह भी टूर्नामेंट का बहिष्कार करेगा, लेकिन फिर आर्थिक जोखिमों के डर ने ऐसा करने से रोक लिया। अब वह भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलने की कह रहा है। हालांकि, हमें आश्चर्य नहीं होगा अगर दो दिन बाद पाकिस्तान अपना फैसला फिर बदले ले और कुछ और एलान कर दे। जब पीसीबी अध्यक्ष अपने प्रधानमंत्री का नाम सही नहीं लिख सकते तो उस देश में कुछ भी संभव है।
