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Dehradun News: विधानसभा से पारित 11 विधेयक मंजूरी के लिए लोकभवन भेजे
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- राज्यपाल की अनुमति के बाद अधिनियम बनेंगे विधेयक
- भराड़ीसैंण विधानसभा सत्र में पारित किए गए थे विधेयक
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। विधानसभा सत्र से पारित 11 विधेयकों को राज्यपाल की मंजूरी के लिए लोक भवन भेजे गए। राज्यपाल की अनुमति के बाद विधेयक अधिनियम बनेंगे।
ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा में 9 से 13 मार्च तक चले सत्र में सदन पटल पर रखे 11 विधेयकों को पारित किया। विधानसभा सचिवालय ने विधेयकों में त्रुटियों का परीक्षण करने के बाद विधायी विभाग को सौंपे। जहां से विधेयकों को मंजूरी के लिए राजभवन भेजा गया है। राज्यपाल की अनुमति के बाद ही विधेयक कानून बनेंगे। विधेयकों में उत्तराखंड समान नागरिक संहिता संशोधन विधेयक भी शामिल है। यूसीसी में संशोधन के बाद यदि विवाह का कोई भी पक्षकार अपनी पहचान के विषय में गलत जानकारी देता है तो इसे विवाह शून्य करने का आधार माना जाएगा। इसके साथ ही, अपनी पहचान या वैवाहिक स्थिति छिपाकर शादी करने वाले व्यक्ति के खिलाफ अब भारतीय न्याय संहिता के तहत दंडनीय कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा उत्तराखंड जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक में छोटे अपराधों पर जेल नहीं जुर्माना लगेगा।
लोकभवन भेजे गए विधेयकों में उत्तराखंड कारागार व सुधारात्मक सेवाएं संशोधन विधेयक, दुकान और स्थापन (रोजगार विनियमन व सेवा शर्त) संशोधन विधेयक, उत्तराखंड उत्तर प्रदेश लोक सेवा दिव्यांग स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों व पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण संशोधन विधेयक, उत्तराखंड भाषा संस्थान संशोधन विधेयक, उत्तराखंड देवभूमि परिवार विधेयक, उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग संशोधन विधेयक, उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक,उत्तराखंड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक, उत्तराखंड माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक शामिल हैं।
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देहरादून। विधानसभा सत्र से पारित 11 विधेयकों को राज्यपाल की मंजूरी के लिए लोक भवन भेजे गए। राज्यपाल की अनुमति के बाद विधेयक अधिनियम बनेंगे।
ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा में 9 से 13 मार्च तक चले सत्र में सदन पटल पर रखे 11 विधेयकों को पारित किया। विधानसभा सचिवालय ने विधेयकों में त्रुटियों का परीक्षण करने के बाद विधायी विभाग को सौंपे। जहां से विधेयकों को मंजूरी के लिए राजभवन भेजा गया है। राज्यपाल की अनुमति के बाद ही विधेयक कानून बनेंगे। विधेयकों में उत्तराखंड समान नागरिक संहिता संशोधन विधेयक भी शामिल है। यूसीसी में संशोधन के बाद यदि विवाह का कोई भी पक्षकार अपनी पहचान के विषय में गलत जानकारी देता है तो इसे विवाह शून्य करने का आधार माना जाएगा। इसके साथ ही, अपनी पहचान या वैवाहिक स्थिति छिपाकर शादी करने वाले व्यक्ति के खिलाफ अब भारतीय न्याय संहिता के तहत दंडनीय कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा उत्तराखंड जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक में छोटे अपराधों पर जेल नहीं जुर्माना लगेगा।
लोकभवन भेजे गए विधेयकों में उत्तराखंड कारागार व सुधारात्मक सेवाएं संशोधन विधेयक, दुकान और स्थापन (रोजगार विनियमन व सेवा शर्त) संशोधन विधेयक, उत्तराखंड उत्तर प्रदेश लोक सेवा दिव्यांग स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों व पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण संशोधन विधेयक, उत्तराखंड भाषा संस्थान संशोधन विधेयक, उत्तराखंड देवभूमि परिवार विधेयक, उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग संशोधन विधेयक, उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक,उत्तराखंड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक, उत्तराखंड माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक शामिल हैं।
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