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Dehradun News: 58 युवाओं को अटकी हुई नौकरी मिली, आयोग ने जारी किया रिजल्ट
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देहरादून। उत्तराखंड के 58 युवाओं को प्रमाणपत्र न होने के कारण अटकी हुई नौकरी की सौगात मिल गई। धामी सरकार ने पिछले दिनों कैबिनेट में ऐसे युवाओं को एक मौका देने का फैसला लिया था। इस आधार पर शनिवार को उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने तीन भर्तियों की चयन सूची जारी कर दी।
आयोग ने कनिष्ठ सहायक भर्ती की परीक्षा पिछले साल 19 जनवरी को कराई थी। इसमें से चार गुना अनुपात में अभ्यर्थियों का चयन टाइपिंग परीक्षा के लिए किया गया था, जिनकी टाइपिंग परीक्षा 27 नवंबर 2025 से 12 फरवरी 2026 के बीच कराई गई। 16 फरवरी को अभिलेख सत्यापन किया गया। आयोग ने श्रेष्ठता सूची इसी साल 26 फरवरी को और राज्य आंदोलनकारी पदों के सापेक्ष श्रेष्ठता सूची 25 मार्च को जारी की थी। लेकिन 44 अभ्यर्थियों के पास राज्य आंदोलनकारी संबंधी प्रमाणपत्र नहीं थे। इस कारण उनकी भर्ती रोक दी गई थी।
इसी प्रकार, आयोग ने पुलिस कांस्टेबल भर्ती के तहत शारीरिक मापजोख, लिखित परीक्षा और अभिलेख सत्यापन के बाद प्रोविजनल मेरिट लिस्ट 27 फरवरी को, संशोधित लिस्ट 13 मार्च को और राज्य आंदोलनकारी पदों के सापेक्ष सूची 25 मार्च को जारी की थी। यहां भी 12 राज्य आंदोलनकारी अभ्यर्थियों के पास प्रमाणपत्र न होने के कारण रिजल्ट रोका गया था। वहीं, आशुलिपिक वैयक्तिक सहायक के रिक्त पदों पर भर्ती की परीक्षा आठ दिसंबर 2024 को कराई। टाइपिंग टेस्ट के आधार पर परिणाम 18 मार्च को जारी किया। इनका अभिलेख सत्यापन 16 से 20 मार्च को हुआ। आयोग ने विभागवार 24 अप्रैल को चयन सूची भी भेज दी। राज्य आंदोलनकारी के यहां भी दो अभ्यर्थी थे।
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इन सभी अभ्यर्थियों के चिह्नित राज्य आंदोलनकारी संबंधी दस्तावेज समय से नहीं बन पाए थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ऐसे अभ्यर्थियों को एक मौका और देने के निर्देश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को दिए गए थे। आयोग के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने बताया कि इन अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र लेने, अभिलेख सत्यापन पूरा होने के बाद चयन संस्तुति संबंधित विभाग को भेज दी गई है। इस तरह 44 कनिष्ठ सहायक, 12 पुलिस कांस्टेबल और दो आशुलिपिक को समूह-ग की नौकरी मिल गई है।
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आयोग ने कनिष्ठ सहायक भर्ती की परीक्षा पिछले साल 19 जनवरी को कराई थी। इसमें से चार गुना अनुपात में अभ्यर्थियों का चयन टाइपिंग परीक्षा के लिए किया गया था, जिनकी टाइपिंग परीक्षा 27 नवंबर 2025 से 12 फरवरी 2026 के बीच कराई गई। 16 फरवरी को अभिलेख सत्यापन किया गया। आयोग ने श्रेष्ठता सूची इसी साल 26 फरवरी को और राज्य आंदोलनकारी पदों के सापेक्ष श्रेष्ठता सूची 25 मार्च को जारी की थी। लेकिन 44 अभ्यर्थियों के पास राज्य आंदोलनकारी संबंधी प्रमाणपत्र नहीं थे। इस कारण उनकी भर्ती रोक दी गई थी।
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इसी प्रकार, आयोग ने पुलिस कांस्टेबल भर्ती के तहत शारीरिक मापजोख, लिखित परीक्षा और अभिलेख सत्यापन के बाद प्रोविजनल मेरिट लिस्ट 27 फरवरी को, संशोधित लिस्ट 13 मार्च को और राज्य आंदोलनकारी पदों के सापेक्ष सूची 25 मार्च को जारी की थी। यहां भी 12 राज्य आंदोलनकारी अभ्यर्थियों के पास प्रमाणपत्र न होने के कारण रिजल्ट रोका गया था। वहीं, आशुलिपिक वैयक्तिक सहायक के रिक्त पदों पर भर्ती की परीक्षा आठ दिसंबर 2024 को कराई। टाइपिंग टेस्ट के आधार पर परिणाम 18 मार्च को जारी किया। इनका अभिलेख सत्यापन 16 से 20 मार्च को हुआ। आयोग ने विभागवार 24 अप्रैल को चयन सूची भी भेज दी। राज्य आंदोलनकारी के यहां भी दो अभ्यर्थी थे।
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इन सभी अभ्यर्थियों के चिह्नित राज्य आंदोलनकारी संबंधी दस्तावेज समय से नहीं बन पाए थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ऐसे अभ्यर्थियों को एक मौका और देने के निर्देश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को दिए गए थे। आयोग के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने बताया कि इन अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र लेने, अभिलेख सत्यापन पूरा होने के बाद चयन संस्तुति संबंधित विभाग को भेज दी गई है। इस तरह 44 कनिष्ठ सहायक, 12 पुलिस कांस्टेबल और दो आशुलिपिक को समूह-ग की नौकरी मिल गई है।