Uttarakhand: वनाग्नि के लिए मंत्रालय में कैंपा मद से 12 करोड़ जारी करने की होगी पैरवी, प्रस्ताव भेजा
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वन महकमा प्रतिकरात्मक वन रोपण निधि प्रबंधन और योजना प्राधिकरण (कैंपा) मद से वनाग्नि नियंत्रण के लिए 12 करोड़ की राशि जारी करने की पैरवी करेगा। अभी तक नए वित्तीय वर्ष-2026-2027 में कोई भी राशि जारी नहीं हो सकी है।
हर साल वन महकमा कैंपा मद से राशि के लिए प्रस्ताव भेजता है। सूत्रों के अनुसार अभी तक यह प्रस्ताव मैनुअल भेजा जाता था। पर इस बार डिजिटल तौर पर भेजने की व्यवस्था की गई है। नए वित्तीय वर्ष में वन महकमे ने 339 करोड़ का प्रस्ताव भेजा था, जिससे वानिकी से जुड़े कार्य किए जाने हैं।
इसमें वनाग्नि नियंत्रण से जुड़े 12 करोड़ का प्रस्ताव भी शामिल है। पर तकनीकी कारणों से राशि जारी नहीं हो सकी है। इस संबंध में शासन में वनाग्नि नियंत्रण जुड़े कार्यों की समीक्षा बैठक में राशि जारी न होने को लेकर भी चर्चा हुई है।
इसमें विभाग को मंत्रालय में मजबूत पैरवी करने की बात कही गई है, जिससे वनाग्नि जैसे आवश्यक और एक निश्चित समय पर होने वाले कार्याें के लिए राशि जारी हो सके। प्रमुख सचिव आरके सुधांशु ने अधिकारियों को कैंपा मद की राशि के लिए अधिक प्रयास करने को कहा है।
बताया जाता है कि इसके अलावा वनाग्नि नियंत्रण के लिए पांच साल की कार्ययोजना बनाई गई थी, उसके लिए भी मंत्रालय स्तर पर कोशिश करने को कहा है। आने वाले समय में वन महकमे के अधिकारी मंत्रालय भी जा सकते हैं।
स्टेट सेक्टर से 25 करोड़ से अधिक जारी हुए
देहरादून। प्रमुख सचिव वन आरके सुधांशु बताते हैं कि वनाग्नि नियंत्रण से जुड़े कार्याें के लिए 33 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। इसामें 25 करोड़ 75 लाख जारी भी हो गए हैं। कैंपा मद से भी राशि जल्द जारी हो सके, इसके लिए वनाधिकारियों को प्रयास करने का निर्देश दिया गया है। यह राशि मिलती है, तो उससे वनाग्नि नियंत्रण से जुड़े कार्याें में और सहायता मिल सकेगी। मुख्य वन संरक्षक सुशांत पटनायक बताते हैं कि वनाग्नि नियंत्रण के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।