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Dehradun News: कृषि चुनौतियों से निपटने को एग्रो स्टार्टअप कार्यक्रम शुरू
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- सेतु आयोग ने कृषि विभाग, पंतनगर विवि व अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर तैयार किया कार्यक्रम
- कृषि आधारित ग्रामीण उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप को किया जाएगा प्रोत्साहित
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। कृषि नवाचार को मजबूत बनाने और चुनौतियों से निपटने के लिए सेतु आयोग ने एग्रो स्टार्टअप कार्यक्रम शुरू किया है। इस कार्यक्रम के माध्यम से से कृषि आधारित ग्रामीण उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप को प्रोत्साहित किया जाएगा।
उत्तराखंड सेतु आयोग ने कृषि विभाग, जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर, गेट्स फाउंडेशन व सोशल अल्फा के साथ मिलकर एग्रो स्टार्टअप कार्यक्रम तैयार किया है। इस पहल का उद्देश्य राज्य आधारित एग्री स्टार्टअप को बढ़ावा देना है, जो नई तकनीक और नवाचार के जरिए कृषि से जुड़ी स्थानीय समस्याओं का समाधान कर सकें। यह कार्यक्रम किसानों की आय बढ़ाने और टिकाऊ कृषि विकास को मजबूत करने में मदद करेगा।
सेतु आयोग के उपाध्यक्ष राज शेखर जोशी की अध्यक्षता में इस कार्यक्रम के लिए एक रणनीतिक बैठक में जीबी पंत विश्वविद्यालय के कुलपति मनमोहन सिंह चौहान मौजूद रहे। राज शेखर जोशी ने बैठक में उत्तराखंड में कृषि और बागवानी में तकनीक के अधिक उपयोग कर उत्पादकता बढ़ाने पर जोर दिया। बैठक में कृषि विभाग के अधिकारी, विशेषज्ञ, शिक्षाविद और अन्य साझेदार संस्थाएं भी शामिल हुईं। चर्चा के दौरान जलवायु परिवर्तन, बाजार तक पहुंच, फसल कटाई के बाद प्रबंधन, संसाधनों का बेहतर उपयोग और वैल्यू चेन विकास जैसे मुद्दों पर ध्यान दिया गया। स्टार्टअप को आगे बढ़ाने के लिए इन्क्यूबेशन, मेंटरशिप, वित्तीय सहायता और नीतिगत सहयोग पर भी जोर दिया गया। कार्यक्रम का लक्ष्य एक ऐसा मजबूत प्लेटफॉर्म बनाना है, जहां स्टार्टअप, सरकार, उद्योग और शिक्षा जगत मिलकर काम कर समाधान विकसित करें।
सेतु आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा, यह पहल कृषि क्षेत्र में नवाचार के जरिए रोजगार बढ़ाने और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी। यह कार्यक्रम सोशल अल्फा के माध्यम से गेट्स फाउंडेशन के माध्यम से चलाया जाएगा। चयनित स्टार्टअप को भारत एग्रो इनोवेशन नेटवर्क के जरिए अन्य राज्यों में भी अपने समाधान लागू करने का अवसर मिलेगा।
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- कृषि आधारित ग्रामीण उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप को किया जाएगा प्रोत्साहित
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। कृषि नवाचार को मजबूत बनाने और चुनौतियों से निपटने के लिए सेतु आयोग ने एग्रो स्टार्टअप कार्यक्रम शुरू किया है। इस कार्यक्रम के माध्यम से से कृषि आधारित ग्रामीण उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप को प्रोत्साहित किया जाएगा।
उत्तराखंड सेतु आयोग ने कृषि विभाग, जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर, गेट्स फाउंडेशन व सोशल अल्फा के साथ मिलकर एग्रो स्टार्टअप कार्यक्रम तैयार किया है। इस पहल का उद्देश्य राज्य आधारित एग्री स्टार्टअप को बढ़ावा देना है, जो नई तकनीक और नवाचार के जरिए कृषि से जुड़ी स्थानीय समस्याओं का समाधान कर सकें। यह कार्यक्रम किसानों की आय बढ़ाने और टिकाऊ कृषि विकास को मजबूत करने में मदद करेगा।
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सेतु आयोग के उपाध्यक्ष राज शेखर जोशी की अध्यक्षता में इस कार्यक्रम के लिए एक रणनीतिक बैठक में जीबी पंत विश्वविद्यालय के कुलपति मनमोहन सिंह चौहान मौजूद रहे। राज शेखर जोशी ने बैठक में उत्तराखंड में कृषि और बागवानी में तकनीक के अधिक उपयोग कर उत्पादकता बढ़ाने पर जोर दिया। बैठक में कृषि विभाग के अधिकारी, विशेषज्ञ, शिक्षाविद और अन्य साझेदार संस्थाएं भी शामिल हुईं। चर्चा के दौरान जलवायु परिवर्तन, बाजार तक पहुंच, फसल कटाई के बाद प्रबंधन, संसाधनों का बेहतर उपयोग और वैल्यू चेन विकास जैसे मुद्दों पर ध्यान दिया गया। स्टार्टअप को आगे बढ़ाने के लिए इन्क्यूबेशन, मेंटरशिप, वित्तीय सहायता और नीतिगत सहयोग पर भी जोर दिया गया। कार्यक्रम का लक्ष्य एक ऐसा मजबूत प्लेटफॉर्म बनाना है, जहां स्टार्टअप, सरकार, उद्योग और शिक्षा जगत मिलकर काम कर समाधान विकसित करें।
सेतु आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा, यह पहल कृषि क्षेत्र में नवाचार के जरिए रोजगार बढ़ाने और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी। यह कार्यक्रम सोशल अल्फा के माध्यम से गेट्स फाउंडेशन के माध्यम से चलाया जाएगा। चयनित स्टार्टअप को भारत एग्रो इनोवेशन नेटवर्क के जरिए अन्य राज्यों में भी अपने समाधान लागू करने का अवसर मिलेगा।